केस दर्ज:करप्शन केस में फंसे सुपरवाइजर के मामले की जांच डीएसपी को ट्रांसफर

यमुनानगर2 महीने पहले
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करप्शन केस में फंसे बिलासपुर अनाज मंडी के सुपरवाइजर अंशुल के मामले की जांच डीएसपी को ट्रांसफर कर दी गई। बुधवार को ही थाने से मामला डीएसपी को जांच के लिए सौंपा गया। उधर, केस दर्ज होने के बाद मार्केट कमेटी के अधिकारियों और मंडी के आढ़तियों में खलबली मची है।  मार्केट कमेटी के अधिकारी बचाव में नजर आ रहे हैं। बिलासपुर थाना प्रभारी बलबीर सिंह ने बताया कि उच्चाधिकारियों ने केस में आगे की जांच डीएसपी को सौंपी गई है।

बिलासपुर थाना पुलिस ने इस मामले में बिलासपुर मार्केट कमेटी सचिव सुमन लत्ता की शिकायत पर मंडी सुपरवाइजर अंशुल के खिलाफ केस दर्ज किया था। उन्होंने अपनी शिकायत में बताया कि आयुष गुप्ता के मोबाइल से मार्केट कमेटी बिलासपुर के कर्मचारी अंशुल का नाम लेकर बात करते हुए अनुचित लाभ लेने और सरकार के राजस्व की चोरी करने के एवज में अंंशुल को लाभ पहुंचाने की बात की अनुशंसा की गई है।

यह ऑडियो आयुष गुप्ता के मोबाइल से रिकाॅर्ड की गई है। इसे सुनकर लग रहा है कि अंशुल ने आयुष को लाभ पहुंचाने और सरकार को राजस्व का नुकसान पहुंचाकर खुद फायदा लेने की बात की है। इससे यह पता चलता है कि सरकारी कर्मचारी ने व्यापारी को लाभ पहुंचाने और उससे लाभ लेने की सरकार को राजस्व के नुकसान की बात की है। वहीं सरकारी धान खरीद में बाधा पहुंचाना चाहते हैं। इस शिकायत पर पुलिस ने केस दर्ज किया था।

यह बात कर रहे ऑडियो में
सामने आया है कि मंडी कर्मचारी और एक आढ़ती के बीच कार में बैठकर बातचीत होती है। दोनों के बीच 18 हजार क्विंटल धान को लेकर बात होती है। इसमें 1.61 लाख रुपए की भी बात होती है। वहीं दोनों के बीच बात होती है कि किस तरह से धान को बेचा जाएगा। अंत में 50 हजार देने की बात होती है। माना यह जा रहा है कि आढ़ती पड़ोसी राज्यों के किसानों की धान या फिर उन किसानों की धान सरकारी रिकाॅर्ड से हिसाब से बिकवाना चाहता है, जिनकी धान मंडी में नहीं बिक सकता। हालांकि पूरा मामला पुलिस जांच जांच के बाद साफ होगा।

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