पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें

वर्षों से कष्ट मिटने का इंतजार:इंतकाल दर्ज न करने पर नायब तहसीलदार चार्जशीट, लेकिन पटवारी पर कार्रवाई नहीं

यमुनानगरएक महीने पहले
  • कॉपी लिंक
यमुनानगर। पुलिस सुरक्षा में मंत्री की गाड़ी को बाहर निकालते पुलिस कर्मी। - Dainik Bhaskar
यमुनानगर। पुलिस सुरक्षा में मंत्री की गाड़ी को बाहर निकालते पुलिस कर्मी।
  • मीटिंग में 2019 की 8, साल 2020 की 6 और इस साल की 2 शिकायतें आईं

लंबे समय के बाद जिला लोक संपर्क एवं कष्ट निवारण समिति की बैठक जिला सचिवालय में खेल एवं युवा कार्यक्रम मंत्री संदीप सिंह की अध्यक्षता में हुई। इसे कष्ट मिटाने की मीटिंग भी कहा जाता है, लेकिन हो रहा इसके उलट। इस बार 16 शिकायतों पर सुनवाई हुई। 8 शिकायतें ऐसी थी जोकि 3 साल पहले दी गई थी।

वहीं 6 शिकायतें साल 2020 में और 2 शिकायतें 2021 में। इस तरह से कहा जा सकता है कि कष्ट मिटाने की मीटिंग में लोग इंसाफ के लिए इंतजार का कष्ट सहन कर रहे हैं। कुछ तो मीटिंग में आए ही नहीं। शायद उन्हें पता था कि कोर्ट की तरफ अगली तारीख ही मिलनी है। मीटिंग में समिति के गैर सरकारी सदस्यों ने बैठने के लिए सीट बदलने पर ऐतराज जताया।

राकेश त्यागी ने कहा कि उनकी कुर्सियों साइड में लगा दी गई, जोकि गलत है। इस पर मंत्री ने कोरोना का हवाला दिया। इस दौरान एक जमीन के इंतकाल के मामले में सामने आया कि रादौर के तत्कालीन नायब तहसीलदार को चंडीगढ़ में बैठे फाइनेंस कमिश्नर ने चार्जशीट कर दिया, लेकिन पटरवारी पर डीसी एक्शन नहीं ले पाए। इस दौरान मंत्री ने कहा कि इस बार खेलों इंडिया गेम नवंबर में कराएंगे। इसमें 20 गेम होंगे। उन्होंने किसानों के आंदोलन को कहा कि आंदोलन में किसान नहीं हैं। किसानों के नाम पर राजनीति हो रही है ।

खेल मंत्री का विरोध-किसानों ने 4 घंटे रोड जाम किया, पुलिस से धक्का-मुक्की की

खेल मंत्री कष्ट निवारण समिति की बैठक लेने पहुंचे तो कृषि बिलों का विरोध कर रहे किसान लघु सचिवालय के सामने रोड पर बैठ गए। मंत्री को लेकर चप्पे-चप्पे पर पुलिस तैनात थी। किसानों ने मंत्री को काले झंडे दिखाए और पुलिस के लगाए बेरिकेड्स फेंक दिए। मीटिंग के लिए आ रहे मेयर को किसानों ने रोक लिया। इससे उनके ड्राइवर को गाड़ी बैक गेयर में दौड़ानी पड़ी। वहीं विधायक घनश्यामदास अरोड़ा को पीछे के रास्ते से लघु सचिवालय में पहुंचना पड़ा। मीटिंग खत्म होने के बाद पौने घंटे तक मंत्री को बाहर नहीं आने दिया। एसपी कमलदीप गोयल ने किसानों को समझाया तो किसान हटे। इसके बाद कई लेयर की सुरक्षा लगाकर मंत्री को वहां से निकाला गया।

मीटिंग में ये 16 परिवाद रखे गए -किसी ने कब्जे की तो किसी ने भ्रष्टाचार की दी शिकायत

1. सांगीपुर के पवन कुमार ने शिकायत दी थी कि डस्टबीन और नलके लगाने में भ्रष्टाचार हुआ। साल 2019 में इसकी शिकायत आई थी। एडीसी ने जांच रिपोर्ट दी तो समिति मेंबर भारतभूषण ने सवाल उठाए। वहीं शिकायतकर्ता नहीं आया। 2. विहार कॉलोनी ससौली के रमेश महेश्वरी ने गुरु नानक स्कूल की शिकायत दी थी। उनकी ग्रेच्यूटी व वेतन का बकाया स्कूल से दिलाया गया। 3. हनुमान गेट के रविंद्र ने अजय प्लाईवुड की दी थी, बाद में लिखित में दे दिया था कि कार्यवाही से संतुष्ट है, लेकिन उसके पिता यशपाल मीटिंग में पहुंच गए। मंत्री ने एसडीएम को जांच के निर्देश दिए। 4. लेदा खादर के लखविंद्र को बैंक से लोन लेना था। लेकिन लोन नहीं मिला। शिकायत कष्ट निवारण समिति में पहुंची तो लोन जारी हुआ। 5. रादौरी के जय सिंह ने इंतकाल दर्ज न करने और किसी दूसरे के नाम दर्ज करने की पटवारी, कानूगो व नायब तहसीलदार की शिकायत दी थी। तहसीलदार को चार्जशीट किया गया। पर पटरवारी पर कार्यवाही नहीं हुई। मंत्री ने 15 दिन में जवाब मांगा। 6. खेड़ी दर्शन के रजनी ने बिजली कनेक्शन न मिलने की शिकायत की थी। कनेक्शन मिल गया। 7. डमौली की गीता की शिकायत थी कि पानी की निकासी नहीं हो रही। इसका समाधान हो गया। 8. बिलासपुर के प्रेम कुमार ने बेटे द्वारा मारपीट की शिकायत दी थी। दोनों में समझौता हो गया। 9. लवाना के सतीश कुमार ने ठेका हटवाने की शिकायत दी थी। वह कार्यवाही से संतुष्ट है। 10. कलावड़ के मोहित ने सड़क न बनने की शिकायत दी थी, उसे बनवा दिया गया। 11. कांजनू के दिलीप ने शिकायत दी थी कि पोत्री कोमल की कोई धोखे से पेंशन ले रहा है। समाज कल्याण अधिकारी ने रिपोर्ट पेश की तो पता चला कि शिकायत गलत है। कोमल नाम से दो पेंशन जारी हो रही है। डीसी ने जवाब मांगा। 12. मुकारमपुर की पंचायती जमीन से कब्जा हटवाने की कर्मवीर ने शिकायत दी थी। निगम अधिकारियों ने जवाब दिया कि जॉइंग कमिश्नर को हटाने की पॉवर है। हाईकोर्ट ने भी 30 जून तक रोक लगा रही है। इसके बाद हटाएंगे। 13. मुकारमपुर गांव में अवैध कब्जे को लेकर एक और शिकायत दी गई थी। 14. सारन के प्रेमपाल सैनी की शिकायत थी कि उसके खाते से फसल बीमा का प्रीमियम कट गया, पर फसल खराब होने पर मुआवजा नहीं मिला। मंत्री ने एडीसी को जांच करने के आदेश दिए। 15. दौलतपुर के बलबीर ने फसल बीमा की राशि न मिलने की शिकायत दी थी। मीटिंग से एक दिन पहले उन्हें राशि मिल गई। 16. नवाशहर के मलकियत ने सरपंच के खिलाफ शिकायत दी थी। डीसी ने बीडीपीओ से जवाब मांगा तो बोले, कोरोना की वजह से देरी हुई। मंत्री ने कहा कि सात दिन में कार्यवाही हो। अगर 8 दिन हो गए तो बीडीपीओ पर एक्शन होगा।

खबरें और भी हैं...