मंडियाें में आग पर नियंत्रण के इंतजाम नहीं:किसी मंडी में नहीं लगे अग्निशमन यंत्र, फायर ब्रिगेड की गाड़ी पहुंचने तक हो जाता है नुकसान

यमुनानगर8 महीने पहले
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यमुनानगर | यमुनानगर की मंडी में आया गेहूं। - Dainik Bhaskar
यमुनानगर | यमुनानगर की मंडी में आया गेहूं।

रणजीतपुर अनाज मंडी में आग लगने की घटना से कई हजार गेहूं की बोरियां जल गई। इसके बाद भी जिले की अनाज मंडियों में आग पर काबू पाने को लेकर कोई पुख्ता प्रबंध नजर नहीं आए। अन्य दिनों की तरह मजदूर बिजली के तार खींचकर फसल की सफाई करते दिखाई दिए।

कहीं अग्निशमन यंत्र तक नहीं रखे गए। ऐसे में आग लगने की घटना होने पर दमकल केंद्र की गाड़ी सहारा है। दमकल केंद्र अधिकारी पीके दुग्गल का कहना है कि आग लगने की सूचना आते ही तुरंत गाड़ी रवाना करते हैं। प्रयास यही रहता है कि समय से गाड़ी घटनास्थल पर पहुंच जाए।

अनाज मंडी में मिले किसान फूल सिंह ने बताया कि वे अपनी फसल लेकर मंडी में आए हैं। उन्होंने देखा कि फड़ के सामने ही श्रमिक बिजली के तारे खींचे हुए हैं। इन तारों के माध्यम से ही सारा दिन मंडी में काम होता है। कई जगह तो जोड़ तक खुले रहते हैं। लगातार मशीन चलने से गर्म हो जाती है। कई बार स्पार्किंग होती है।

यहांं आढ़तियों को भी चाहिए कि वह अपने यहां पर अग्निशमन रखें। इससे आग पर तुरंत काबू पाया जा सकता है। इसके लिए ट्रेनिंग भी विभाग की ओर से दी जाती है। इसके बाद अग्निशमन तंत्र चलाया जा सकता है।

मंडी के दोनों तरफ गेट के नजदीक न बोरियों के ढेर: किसान रघुबीर सिंह ने बताया कि मंडी के दोनों गेटों पर किसी प्रकार के कब्जे नहीं होेने चाहिए। कई बार श्रमिक गेट के नजदीक फसल उतार देेते हैं। इससे गेट ब्लॉक हो जाते हैं। आग लगने की घटनाओं पर काबू पाने में दिक्कत रहती है। उनका किसानों के साथ श्रमिकों सुझाव है कि इस तरफ गौर किया जाए। ताकि अपने स्तर पर कोई चूक न रहे।

यहां यमुनानगर से आती है गाड़ी: रादौर अनाज मंडी में इस सीजन से दमकल की गाड़ी खड़ी कर दी गई है। इसी के साथ गुमथला मंडी में गाड़ी की कोई व्यवस्था नहीं है। किसान धर्मवीर ने बताया कि कई बार फसल में आग लग जाती, क्योंकि गांव में गाड़ी यमुनानगर से आती है।

दूरी 22 किलोमीटर की पड़ती है। जब तक यहां गाड़ी आती है तब तक आग नुकसान कर चुकी होती है। यह तो शुक्र है मंडी में किसानों की मेहनत हमेशा सुरक्षित रही है। इसी तरह बिलासपुर, आदिबद्री, खिजराबाद एरिया में गाड़ी तो हैं, लेकिन कई बार तकनीकी फॉल्ट रहता है।

ऐसी स्थिति में गाड़ी जगाधरी से आती है। गाड़ी के यहां आने तक फसल काफी जल चुकी होती है। जगाधरी मंडी के प्रधान मनीष का कहना कि प्रशासन अपने स्तर पर फैसला ले। जगाधरी मंडी से दो से तीन किलोमीटर की दूरी पर दमकल केंद्र है। कभी इस तरह की घटना नहीं हुई है।

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