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अब बच्चों का ज्यादातर समय बीत रहा मोबाइल पर:ऑनलाइन गेम्स और गेमिंग एप्स डाउनलोड के नाम हो सकती है ठगी

यमुनानगर7 दिन पहले
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  • पुलिस की अपील-पेरेंट्स भी रखें बच्चाें पर ध्यान, सतर्कता से बचाव संभव

ऑनलाइन पढ़ाई अब जिंदगी का हिस्सा बन गई है। बच्चों का ज्यादा समय मोबाइल पर बीत रहा है। बच्चे पढ़ाई के साथ गेम्स भी खेल रहे हैं। इस समय कई गेम्स ऐसे आ रहे हैं, जिन्हें डाउनलोड करने के लिए क्लिक करने पर खाते से पैसे भी निकल सकते हैं।

जिला पुलिस सतर्कता बरतने की अपील कर रही है, जिससे ठगी का शिकार होने से बच सकें। साइबर ठग गिरोह ऑनलाइन गेम के नाम पर बच्चों से मोबाइल में एप्स इंस्टॉल व वेबसाइट पर एपीके फाइल डाउनलोड कराने के प्लेटफार्म का इस्तेमाल पर वॉलेट के रूप में बैंक खाते से पैसे निकाल सकते हैं।

जिला पुलिस ने जनता से अपील की है कि ऑनलाइन गेमिंग एप के वॉलेट में पैसा डालने से बचें। अगर कोई इस प्रकार की ऑनलाइन ठगी का शिकार होता है तो इसकी सूचना cybercrime.gov.inपर दें। सुरक्षा के बारे में अधिक जानकारी के लिए ट्विटर पर @CyberDost का अनुसरण किया जा सकता है। कुछ लोग ऑनलाइन गेम्स कुछ सामग्री फ्री देते हैं।

हालांकि पूर्ण गेम सुविधाओं, कार्यों और पहुंच के लिए भुगतान की जरूरत होती है। कुछ मामलों में इन खेलों के लिए उपयोगकर्ता को अपनी गेमिंग प्रोफाइल में एक क्रेडिट कार्ड संलग्न करने की आवश्यकता होती है। ऑनलाइन गेम के दौरान नई वस्तुओं और सेवा के लिए उनके कार्ड संचालित रुप से शुल्क लिया जाता है।

ठग नाम मात्र के सत्यापन के साथ विभिन्न ऑनलाइन गेम पर पंजीकरण करते हैं। क्योंकि इससे लाभार्थी के खाते का पता लगाना आसान होता है। ऑनलाइन गेमिंग एप अपने वॉलेट से बैंक खातों में होने वाले हर एक पैसे ट्रांसफर के लिए पैसे वसूल कर राजस्व कमाते हैं।

साइबर ठग ऐसे करते हैं ठगी
पुलिसकर्मी बलजीत ने बताया कि ऑनलाइन गेम प्लेटफार्म कार्ड लेनदेन, इंटरनेट बैंकिंग, यूपीआई, आईएमपीएस और पेमेंट गेट वे जैसे रेजर पे, बिल डेस्क आदि के माध्यम से पेमेंट स्वीकार करते हैं। देखा गया है कि ऑनलाइन गेमिंग एप गूगल प्ले स्टोर पर नहीं होते हैं। इन्हें इंस्टाल करने के लिए उनकी वेबसाइट पर एक एपीके फाइल डाउनलोड करने का लिंक दिया जाता है। ठग इसका प्रयोग मनचाहे वॉलेट के रूप में करते हैं। जिस खाते से चाहते हैं, वहां से पैसे निकाल लेते हैं। ठगों ने ऑनलाइन गेमिंग एप वॉलेट का उपयोग आसान होता है।

ठगाें ने खाते से निकाले पैसे : रमेश
जोगेंद्र नगर के रमेश कुमार ने बताया कि उनका बेटा छठी कक्षा में है। स्कूल के साथ ऑनलाइन कक्षा भी अटेंड करता है। घर आकर मोबाइल पर गेम भी खेलता है। कुछ गेम ऐसे हैं, जिन्हें खेलने के लिए पैसे देने पड़ते हैं। इनका शुल्क लगता है। इसलिए पैसे अलग से ऑनलाइन गेम अकाउंट में रखने होते हैं। साइबर ठग पता नहीं किस तरह से इन पैसों को निकाल लेते हैं। खाते से गेम खेलने के नाम पर ठगाें ने उन्हें 1100 रुपए की चपत लगा दी। उन्होंने कम पैसे होने के कारण पुलिस काे शिकायत नहीं दी।

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