कोर्ट में पुलिस बेनकाब:पुलिस का खेल; एएसआई ने जज की पॉवर इस्तेमाल की, गैर जमानती केस में आरोपियों को अग्रिम जमानत दी, कोर्ट ने आईओ पर एक्शन के आदेश दिए

यमुनानगरएक वर्ष पहले
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  • गैर जमानती धारा में पुलिस नहीं दे सकती जमानत, केस में पुलिस वालों ने रचा बड़ा खेल

जमानत के लिए पुलिस थानों और चौकियोंं में खेल कैसे चलता है, यह बात एडीजे वन डॉक्टर अब्दुल माजिद की कोर्ट में बेनकाब हो गई। केस को लटकाने और आरोपी पक्ष को फायदा देने के लिए एक एएसआई खुद ही जज बन गया। जिस धारा में एसपी तक को जमानत देने की पॉवर नहीं है, उसमें एक एएसआई ने आरोपियों को अग्रिम जमानत दे दी। वहीं पुलिस वालों ने आरोपियों को यह राय भी दे दी कि आगे किसी तरह की दिक्कत न आए, इसलिए कोर्ट से भी जमानत ले लेना।

आरोपी कोर्ट में जमानत लेने पहुंच गया। एडीजे वन डॉक्टर अब्दुल माजिद की कोर्ट में इस मामले में सुनवाई चली। गांधी नगर पुलिस चौकी से एएसआई ओमप्रकाश पेश हुए। उन्होंने कोर्ट मेें कहा कि इस केस में धारा-324 और 506 गैर जमानती है, जबकि इन धाराओं में केस के जांच अधिकारी एएसआई सतनाम सिंह अग्रिम जमानत दे चुके हैं। इस पर कोर्ट ने पुलिस को फटकार लगाई। पीड़ित पक्ष और पुलिस ने जब देखा कि कोर्ट सख्त है तो पीड़ित ने अपनी जमानत याचिका वापस ले ली। कोर्ट ने इस मामले में जांच अधिकारी एएसआई सतनाम सिंह पर एक्शन के आदेश दिए हैं। आदेश की कॉपी एसपी को भेजी गई है। कोर्ट ने एक्शन कर रिपोर्ट भी मांगी है। कोर्ट में आरोपी बलविंद्र उर्फ काका और गुरदीप उर्फ अज्जू जमानत लेने पहुंचे थे।  इस तरह के कई मामले काेर्ट में भी पकड़ में नहीं आ पाते| इन दिनों कोरोना महामारी चली हुई है। जिसमें पहले से ज्यादा धाराओं में पुलिस को थाने से ही जमानत देने की पॉवर दे दी गई है, लेकिन इस छूट का पुलिस वाले ज्यादा ही फायदा उठाने लगे। उन केसों में भी जमानत थाने से देने लगे जिसमें जमानत की पॉवर कोर्ट ही रखती है। हालांकि इस तरह के कई मामले काेर्ट के संज्ञान में भी नहीं आए। इस बार गैर कानूनी तरीके से दी गई अग्रिम जमानत का मामला कोर्ट ने पकड़ लिया और पुलिस को ही कटघरे में खड़ा कर दिया।

पुलिस ने धारा 148, 149, 323, 324 व 506 मे केस दर्ज किया था 

वीना नगर कैंप निवासी दीपक ने फर्कपुर पुलिस को शिकायत दी थी कि उसकी पेपर मिल गेट पर कपड़े की दुकान है। 25 मई शाम 7 बजे वह अपनी दुकान से घर आया था। बाइक गली में खड़ी कर दी थी। पड़ोसी केवल कृष्ण उनसे खफा रहता है। केवल कृष्ण ने अपने भतीजे अज्जू और कन्नू को उसे मारने के लिए कहा। वह अपने घर के अंदर चला गया। अज्जू और कन्नू उसे गालियां देने लगे। उसकी मां और पिता उन दोनों को रोकने लगे। अज्जू ने उस पर तलवार से हमला करने की कोशिश की। तलवार उसके बाएं हाथ पर मारी। वहीं उसके माता-पिता के साथ भी मारपीट की तभी उसका दोस्त राधे आ गया। अज्जू ने उस पर भी तलवार से हमला कर दिया। शोर सुनकर पड़ाेसी ललित मोहन, मीनू, सोनिया, भूपेंद्र व जितेंद्र भी आए गए। इस पर वीरेंद्र उर्फ काला, केवल कृष्ण, बलविंद्र उर्फ काका, सुरेंद्र उर्फ छिंदा, रीना, शिखा, शिल्पा व पूजा ने हमला कर दिया। बाद में वे धमकी देकर फरार हो गए। शिकायत पर पुलिस ने धारा- 148, 149, 323, 324, 506 में केस दर्ज किया था।

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