सख्ती:बिजली बिल न भरने वाले विभागों पर कार्रवाई की तैयारी

यमुनानगर9 दिन पहले
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  • सब डिवीजन स्तर पर तैयार होगा बिल न भरने वाले विभागों का डाटा, फिर होगी कार्रवाई

बिजली निगम प्रदेश के उन सरकारी विभागों पर कार्रवाई करने की तैयारी में है, जो लंबे समय से बिजली का बिल जमा नहीं करा रहे हैं। किस विभाग पर कितना बिल बकाया है, इसका पता लगाने के लिए सब डिवीजन स्तर पर डाटा मुख्यालय से मांगा गया है। इसे लेकर बिजली निगम के एमडी ने सभी एसई को आदेश जारी कर डाटा एकत्रित कराकर भेजने के लिए कहा है। डाटा मिलने के बाद निगम अगली कार्रवाई करेगा।

बिजली निगम के एमडी की ओर से जारी आदेशों में बताया गया है कि सरकारी विभागों की ओर से बिजली बिल नहीं दिया जा रहा है। इससे निगम को नुकसान हो रहा है। सरकार के निर्देशों पर सभी जिलों से यह डाटा मंगाया जा रहा है। किस जिले में किस विभाग पर कितना बिजली का बिल बकाया है। बिल न भरने वाले विभागों पर एक साथ कार्रवाई की जाएगी।

इसके साथ ही बिल का भुगतान कराने को लेकर जागरूक किया जाएगा। उसके बाद भी अगर इनकी ओर से बिजली बिल की अदायगी नहीं की गई तो कनेक्शन काटने की कार्रवाई की जा सकती है। इसके लिए संबंधित विभाग खुद जिम्मेदार होंगे। बिजली निगम के एमडी की ओर से प्रोफार्मा बनाकर भेजा गया है। इस प्रोफार्मा के अनुसार ही विभागों के नामों को क्रमवार लिखा जाना है। सारा डाटा एकत्रित कर मुख्यालय की ओर से दी गई मेल पर भेजने के निर्देश दिए गए हैं।

इन विभागों को किया बिजली निगम ने शामिल

पब्लिक हेल्थ, सिंचाई, पंचायत, अर्बन लोकल बॉडी, एमसी, पुलिस, हरियाणा विकास शहरी प्राधिकरण, स्वास्थ्य विभाग, मार्केट कमेटी, पीडब्ल्यूडी, स्कूल एजुकेशन डिपार्टमेंट, हायर एजुकेशन डिपार्टमेंट के नाम पत्र में है। इनके आगे बिली की राशि कितने लाख में है। इसका उल्लेख किया गया है। इसके नीचे वह राशि डाटा भरने के दौरान देनी है।

ये डाटा भी मांगा|सब डिवीजन स्तर पर बिजली निगम की ओर से यह डाटा भी मांगा गया है कि सितंबर माह में कितनी बिजली चोरी की रेड की गई। कितनी चोरी पकड़ी गई है। साथ ही कितनी एफआईआर बिजली चोरी की कराई गई। इसे लेकर भी प्रोफार्मा भेजा गया है। बिजली निगम की ओर से बिजली चाेरी पकड़ने के लिए विशेष अभियान शुरू किया गया था। जिले में 78 लाख के करीब बिजली चाेरी पकड़ी गई थी।

अभी आमजन के ही कट रहे थे कनेक्शन| बिजली निगम की ओर से भी तक आमजन के ही कनेक्शन काटने की कार्रवाई की जा रही थी। नए निर्देशों में सरकारी विभाग भी बिजली निगम की कार्रवाई से बच नहीं पाएंगे। एसडीओ बिजली निगम सुखविंद्र का कहना है कि एमडी ओर से सभी से डाटा मांगा गया है। इस बारे कर्मचारियों को बता दिया गया है। डाटा एकत्रित कर जल्द मुख्यालय भेज दिया जाएगा।

स्कूलों पर है ज्यादा बिल बकाया

स्कूलों पर बिजली का ज्यादा बिल बकाया है। अध्यापकों की मांगों में यह मुख्य मांग हमेशा अधिकारी से रही है कि बजट जारी किया जाए, जिससे वह स्कूल के बिजली का बिल समय पर जमा कर सकें। संगठनों के नेता भी विभागीय अधिकारियों के समक्ष यह मांग कई बार रख चुके हैं। बिजली निगम की ओर से किसी विभाग पर अभी तक सख्ती नहीं की गई। ऐसा पहली बार हो रहा है जब एमडी की ओर से डिफाल्टर विभागों के नामों की लिस्ट मांगी गई हो।

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