सुविधा:जगाधरी निगम ऑफिस में क्वालिटी कंट्रोल लैब शुरू, पहले ही दिन कई सैंपल जांच कराए

यमुनानगर3 दिन पहले
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  • अब 7 से 15 दिन में पता चलेगी सिटी में नगर निगम के कार्यों में इस्तेमाल निर्माण सामग्री की गुणवत्ता

सिटी में नगर निगम के कार्यों में इस्तेमाल निर्माण सामग्री कितनी खरी है, इसका पता 7 से 15 दिन में लग जाएगा। क्योंकि निर्माण सामग्री के सैंपल जांच के लिए शहर में ही क्वालिटी कंट्रोल लैब शुरू हो गई है। जगाधरी निगम ऑफिस में शुक्रवार से लैब शुरू कर कमिश्नर अजय सिंह तोमर ने पहले ही दिन सामग्री के कई सैंपल जांच कराए।

 बता दें कि अभी तक शहर में लैब न होने से दिल्ली, कुरुक्षेत्र व अन्य शहरों में नगर निगम को अपने निर्माण कार्यों में इस्तेमाल सामग्री के सैंपल भेजने पड़ते थे। जहां से रिपोर्ट आने में भी डेढ़ से 2 माह का समय लग जाता था। ऐसे में निर्माण सामग्री में कमी पर संबंधित एजेंसी व ठेकेदार पर कार्रवाई में देरी होती थी। तब तक उसी सामग्री में लगातार काम चलते रहते थे। किंतु अब क्वालिटी कंट्रोल लैब में 7 से 15 दिन के अंदर सैंपल की जांच रिपोर्ट आने पर किसी भी तरह की कमी पर तुरंत संबंधित एजेंसी व ठेकेदार कार्रवाई कर सामग्री का इस्तेमाल रोका जा सकेगा।

 कमिश्नर अजय सिंह तोमर ने कहा कि शहर में हो रहे विकास कार्य में इस्तेमाल सामग्री की गुणवत्ता खराब होने की शिकायत आती थी। सामग्री की जांच के लिए पहले स्थानीय स्तर पर नगर निगम के पास क्वालिटी कंट्रोल लैब नहीं थी। निर्माण सामग्री के सैंपल जांच के लिए दिल्ली या कुरुक्षेत्र स्थित श्रीराम लैब में भेजने पड़ते थे। जिनकी रिपोर्ट डेढ़ से दो माह में आती थी, पर अब निर्माण सामग्री की गुणवत्ता जांच के लिए इतना इंतजार नहीं करना पड़ेगा। न ही निजी टेस्टिंग लैब के भरोसे रहना पड़ेगा। क्योंकि जगाधरी निगम कार्यालय में क्वालिटी कंट्रोल लैब शुरू कर दी है। जांच रिपोर्ट लैब इंचार्ज एवं निगम अभियंता वरुण शर्मा की ओर से प्रमाणित की जाएगी। मौके पर कार्यकारी अभियंता एलसी चौहान, कार्यकारी अभियंता रवि ओबरॉय, लैब इंचार्ज एवं निगम अभियंता वरुण शर्मा, जेई गगन संधू, पंकज, मोनी, ललित व अन्य मौजूद रहे।

लैब में ये मशीनें
एग्रीगेट इम्पैक्ट टेस्टिंग मशीन, स्लम टेस्ट अप्रैरम, स्टैंडर्ड सैनिटेशन टेस्ट मशीन, बिटूमिन एक्सट्रेक्शन अप्रैरम, ओवन व अन्य टेस्टिंग मशीनें। इन सामग्री की जांच- निर्माण सामग्री जैसे कंकरीट, बिटूमिन (तारकोल) व टाइलें की जांच हो सकेगी।

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