यमुनानगर में कबाड़ी पर गैरइरादन हत्या का केस:कबाड़ी नवीन ने 2000 फीट में बनाए क्वार्टर; नीचे 500 टन प्लास्टिक, बचने का कोई रास्ता नहीं

यमुनानगर8 दिन पहले
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हरियाणा के यमुनानगर में कबाड़ के गोदाम में लगी आग से पिता और तीन बच्चे जिंदा जल मरे। छानबीन में खुलासा हुआ है कि मजदूर तो मौत के घर में ही रह रहे थे। इमरजेंसी में क्वार्टरों से निकलने का कोई रास्ता नहीं है। नीचे 500 टन से भी ज्यादा प्लास्टिक पड़ा था। एक छोटी सी चिंगारी भी यहां मौत का तांडव मनाने के लिए काफी थी और हुआ भी यही। चार की मौत का कलंक गोदाम संचालक के माथे पर लगा है। पुलिस ने भी संचालक नवीन पर गैर इरादतन हत्या का केस दर्ज किया है।

सुरक्षा के लिए कोई इंतजाम नहीं

यमुनानगर सिटी सेंटर रोड पर कबाड़ी के गोदाम के ऊपर करीब दो हजार फीट में क्वार्टर बने हैं। मजदूर इनमें रहते थे। गोदाम के मालिक नवीन ने मजदूरों की सुरक्षा के लिए कोई कदम नहीं उठाया। इमरजेंसी में यहां से निकलने के पुख्ता इंतजाम तक नहीं है। जब यहां मजदूर रह रहे थे तो नीचे प्लास्टिक को सुरक्षित तरीके से रखने में लापरवाही बरती गई। इसी वजह से चार लोगों को अपनी जान से हाथ धोना पड़ा।

धुएं में फंस गए मजदूर

प्रत्यक्षदर्शी प्रिंस ने बताया कि यदि रात में घर से बाहर न आता तो यहां कई और जान जा सकती थी। गोदाम के ऊपर बने क्वार्टर में मजदूर धुएं में फंस गए थे। उनके निकलने का कोई रास्ता नहीं था। खाना पकाने के लिए रसाई गैस के सिलेंडर भी यहां रखे थे। आग को देख कर प्रिंस ने शोर मचा दिया और मजदूर समय रहते बचाव में लग गए। सिलेंडर आग पकड़ लेता तो हादसा ज्यादा भयावह हो जाता।

2 लाख लीटर पानी बरसा

कबाड़ी के गोदाम में लगी आग इतनी भयानक थी कि इस पर काबू पाने में फायर ब्रिगेड की आठ गाड़ियों ने दो लाख लीटर से भी ज्यादा बरसाया। इसके बाद भी आग पर बड़ी मुश्किल से काबू पाया जा सका। प्लास्टिक में आग की वजह से बदबूदार धुएं में कुछ क्षण रुकने पर भी दम घुटने लगता।

लापरवाही की हद

फायर ब्रिगेड के कर्मचारियों ने बताया कि गोदाम में हर स्तर पर लापरवाही थी। प्लास्टिक का सामान बिखरा पड़ा था। ये कहीं से भी आग पकड़ सकता है। गोदाम के ऊपर लोगों के रहने के क्वार्टर बनाना पूरी तरह से गलत था। यह तो एक तरह से मौत के साथ जिंदा रहने की मजबूरी थी।

यमुनानगर में कबाड़ के गोदाम में लगी आग के बाद बचाए गए मजदूर।
यमुनानगर में कबाड़ के गोदाम में लगी आग के बाद बचाए गए मजदूर।

पहली बार देखा इतना भयानक हादसा

थाना सिटी एसएचओ सुखबीर सिंह, सब इंस्पेक्टर दलसिंह और एएसआई भीम सिंह ने बताया कि पहली बार इतना बड़ा हादसा देखा है। हम भले ही 17 लोगों की जान बचाने में कामयाब रहे, लेकिन चार मौत का दुख भी है। धुएं और बदबू की वजह से यहां सांस लेना मुश्किल हो रहा था। बचाव का कोई रास्ता नहीं था। लोग मदद के लिए चिल्ला रहे थे।

यमुनानगर में गोदाम में आग से बचाने के लिए यहां ये निकाले मजदूर
यमुनानगर में गोदाम में आग से बचाने के लिए यहां ये निकाले मजदूर

गोदाम मालिक जिम्मेदार

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि पीछे की दीवार को तोड़ कर बचाव कार्य शुरू किया गया। आग की वजह से क्वार्टरों में धुआं और तापमान भी बढ़ रहा था। कम समय में तेजी से कदम उठाने थे। मजदूर यहां असुरक्षित तरीके से रह रहे थे। एसएचओ सुखबीर सिंह ने बताया कि गोदाम मालिक नवीन के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज किया गया है। वह फरार है।

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