यमुनानगर में पार्किंग व दुकानों के ठेके में घपला:रोडवेज क्लर्क ने 62 लाख का घोटाला किया, चंडीगढ़ से आई ऑडिट टीम ने पकड़ा, केस दर्ज

यमुनानगर8 महीने पहले
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रोडवेज क्लर्क ने 62 लाख का घोटाला किया - Dainik Bhaskar
रोडवेज क्लर्क ने 62 लाख का घोटाला किया

रोडवेज में 62 लाख रुपए का घोटाला सामने आया है। यह घाेटाला चंडीगढ़ से आई ऑडिट टीम ने पकड़ा। जिसके बाद रोडवेज जीएम ने क्लर्क के खिलाफ केस दर्ज कराया है। इस घोटाले में लिपिक के साथ बड़े अधिकारी व कर्मचारी भी शामिल बताए जा रहे हैं। रोडवेज जीएम ऑफिस के कुछ कर्मी बताते हैं कि दविंद्र पूरे काम को संभालता था। वहीं, कहा जा रहा है कि आरोपी कर्मी शनिवार तक ऑफिस में था।

जीएम रोडवेज ने बताया कि ऑडिट में तीन साल के रिकाॅर्ड में गड़बड़ी मिली है। आरोपी कर्मचारी 3 साल की नीलामी का रिकाॅर्ड नहीं दे पाया। अभी जांच चल रही है।

रोडवेज के लिपिक पर 62 लाख रुपए के गबन का आरोप है। ऑडिट में वह 62 लाख रुपए का रिकॉर्ड पेश नहीं कर पाया, जिस पर जीएम लेखराज की शिकायत पर छछरौली के जोगियान मोहल्ला निवासी रोडवेज के लिपिक दविंद्र पाल सिंह पर धारा-420 और 409 में केस दर्ज किया है।

उन्होंने शिकायत में बताया कि महालेखाकार ऑफिस चंडीगढ़ से ऑडिट टीम आई थी। टीम ने साल 2015 से 2020 और मार्च माह 2021 तक का ऑडिट किया। इसमें लिपिक दविंद्र पाल सिंह रोडवेज बस स्टैंड के बूथ-दुकानों और साइकिल स्टैंड के किराए और जीएसटी जमा करवाए जाने से संबंधित करीब 62.06 लाख का रिकॉर्ड पेश नहीं कर पाया।

रोडवेज की ओर से रादौर बस स्टैंड व जगाधरी बस स्टैंड पर पार्किंग का ठेका दिया था। फरवरी 2020 में टेंडर कैंसिल कर दिया था, लेकिन फरवरी 2021 तक ठेकेदार पार्किंग चलाता रहा। इसमें भी बड़ा घपला हुआ है।

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