रशपाल हत्याकांड / 80 वर्षीय आराेपी हिरासत में उसके दाे पाेतों सहित चार अन्य की तलाश जारी

यमुनानगर| सरपंच पति की हत्या के आरोपियों की गिरफ्तारी न होने तक शव न लेने की बात कहने वालों को समझाते डीएसपी प्रदीप राणा। यमुनानगर| सरपंच पति की हत्या के आरोपियों की गिरफ्तारी न होने तक शव न लेने की बात कहने वालों को समझाते डीएसपी प्रदीप राणा।
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यमुनानगर| सरपंच पति की हत्या के आरोपियों की गिरफ्तारी न होने तक शव न लेने की बात कहने वालों को समझाते डीएसपी प्रदीप राणा।यमुनानगर| सरपंच पति की हत्या के आरोपियों की गिरफ्तारी न होने तक शव न लेने की बात कहने वालों को समझाते डीएसपी प्रदीप राणा।

  • एसपी ने फोन पर और डीएसपी ने मौके पर पहुंच एसआईटी का भरोसा दिया तो माने
  • ड्यूटी जाते समय पंचायती जमीन पर रुके थे रशपाल, वहीं हुआ मर्डर

दैनिक भास्कर

May 24, 2020, 05:00 AM IST

यमुनानगर. गांव बाल छप्पर की सरपंच के पति रशपाल सिंह के हत्यारोपियों की गिरफ्तारी न होने पर परिजन भड़क गए। उन्होंने शव लेने से मना कर दिया। परिजनों ने इस मामले से सीआईए को हटाने की मांग की और कहा कि उनका सीआईए से ज्यादा विश्वास छप्पर थाना पुलिस पर है। उनका आरोप था कि सीआईए अगर सुखविंद्र को न छोड़ती तो रशपाल की हत्या न होती। 
वहीं हत्या के बाद पुलिस ने एक दर्जन ऐसे युवकों को गांव से हिरासत में ले लिया, जिनका इस केस से कोई लेनादेना नहीं था। परिजनों का आरोप था कि जिस तरह से सीआईए गांव के युवकों को हिरासत में ले रही है, इस तरह से पूरा गांव रशपाल के परिवार का दुश्मन बन जाएगा। पुलिस वारदात के 24 घंटे बाद भी आरोपियों को गिरफ्तार नहीं कर पाई। इस दौरान रशपाल के एक रिश्तेदार ने एसपी से फोन पर बात की। उन्होंने इस मामले में एसआईटी बनाने की बात कही। वहीं मौके पर पहुंचे डीएसपी प्रदीप राणा ने भी रशपाल के परिजनाें काे मनाते हुए कहा कि जैसा परिवार कहेगा पुलिस वैसा करेगी। जल्द आरोपी पुलिस की गिरफ्त में होंगे।

तीन टीमें उनकी तलाश में लगी हैं। बता दें सीआईए को लेकर रशपाल के परिजन इसलिए गुस्से में थे क्याेंकि सरपंच के घर पर फायरिंग की जांच सीआईए ने की थी। तब सीआईए सुखविंद्र को पूछताछ के बाद छोड़ चुकी थी। हालांकि इस दौरान डीएसपी ने कहा कि पहले वाला सीआईए बदल हो चुका है। अब नया स्टाफ है, जो पहले से बेहतर है। 80 साल का बुजुर्ग हिरासत में, उसके पोतों की तलाश, यह पहले रशपाल का खास था| पुलिस ने इस मामले में नामजद आरोपी 80 साल के भगतरात को हिरासत में लिया है। पुलिस उससे पूछताछ कर रही है। आरोप है कि उसके पाेते वीरेंद्र और सुखविंद्र ने अपने साथियों के साथ मिलकर हत्या की।

गांव के लोग बताते हैं कि रशपाल के भगतराम और उसके परिवार के साथ अच्छे संबंध रहे हैं। लेकिन बाद में दोनों के बीच खटास आ गई थी। जोकि हत्या तक पहुंची। जिस एक्टिवा पर गोली मारकर भागे वह महलावाली से मिली| रशपाल को एक्टिवा पर आए युवक ने गोलियां मारी हैं। बाद में यह एक्टिवा महलावाली में एक युवक के पास मिली है। इसे लेकर भी पोस्टमार्टम रूम के बाहर काफी बहस पुलिस अधिकारी के साथ हुई। रशपाल के परिजनों का कहना था कि पुलिस ने अब तक उसे नहीं पकड़ा, जिसके पास से एक्टिवा मिली है जबकि पुलिस गांव में कबूतर पालने वाले बच्चों को पकड़ रही है।

सरपंच पति रशपाल सिंह बड़ी पाबनी पैक्स में क्लर्क थे। वे शुक्रवार सुबह घर से ड्यूटी के लिए निकले थे। जब वे गांव की पंचायती जमीन देखने के लिए रुके तो वहां पर उन पर नौ गोलियां चलाई गईं। जिससे उनकी मौत हो गई। रशपाल के परिजनों का आरोप है कि हत्या गांव के सुखविंद्र, उसके चचेरे भाई वीरेंद्र, उनके दादा भगतरात और दो अन्य ने की है। पुलिस ने इन पर हत्या समेत अन्य धाराओं में केस दर्ज किया था। सुखविंद्र पहले भी सरपंच के घर पर फायरिंग कर चुका था। वह उन केस में फरार है। वहीं आरोपी वीरेंद्र काे गांव के लोग नाबालिग बता रहे थे। लेकिन पुलिस जांच में वह बालिग पाया गया। उसकी उम्र 18 साल से ज्यादा है।

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