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डीसी के निर्देश:कोविड से बेसहारा हुए बच्चों की पहचान कर जल्द रिपाेर्ट भेजें अधिकारी

यमुनानगर23 दिन पहले
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कोविड-19 के कारण जिन बच्चों के माता-पिता का निधन हो गया है। उनके पालन पोषण, शिक्षा और आर्थिक सहयोग की जिम्मेवारी सरकार उठाएगी। ऐसे बच्चों की पहचान करने के निर्देश डीसी गिरीश अरोड़ा ने बुधवार को बैठक के दौरान अधिकारियों को दिए।

उन्होंने कहा कि ऐसे बच्चों की पहचान कर जिला में गठित कमेटी के अनुमोदन से केस सरकार को भेजे जाएं। शहरी और ग्रामीण क्षेत्र में यदि कोई ऐसे बच्चे मिलें, जिनके माता-पिता की मृत्यु कोरोना के कारण हुई है। उनकी सूचना बाल स्वराज पोर्टल पर अपलोड की जानी है। नजदीकी आंगनबाड़ी केंद्र या जिला बाल संरक्षण सोसाइटी को दी जा सकती है।

परिवारों को ऐसे बच्चों का पालन पोषण करने के लिए 18 वर्ष तक 2500 रुपये प्रति बच्चा प्रति महीना राज्य सरकार देगी। 18 वर्ष तक की आयु तक जब तक बच्चा पढ़ाई करेगा तब तक 12000 रुपये अन्य खर्चों के लिए भी सरकार प्रति वर्ष आर्थिक सहायता के रूप में देगी। जिन बच्चों के देखभाल करने वाला परिवार का कोई सदस्य नहीं है उनकी देखभाल बाल देखभाल संस्थान करेंगे। बाल देखभाल संस्थान को 1500 रुपए प्रति बच्चा प्रति महीना 18 वर्ष तक सहायता सरकार देगी।

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