रेडक्रॉस की ओर से मिलेगी सविर्स:सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों को मिलेगी चिकित्सीय देखभाल

यमुनानगर21 दिन पहले
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  • एलिमेंट्री स्कूलों में 2 करोड़ 20 लाख 98 हजार की ग्रांट तो सीनियर सेकेंडरी के लिए छह करोड़ 67 लाख 4 हजार की ग्रांट जारी

सरकारी स्कूलों में ही बच्चों को प्राथमिक चिकित्सीय देखभाल की सुविधा दी जा रही है। इसके लिए शिक्षा विभाग की ओर से छह करोड़ रुपए का बजट जारी किया गया है। यह सुविधा साइंस टीचर्स की देखरेख में मिलेगी। इन्हें प्रभारी बनाया गया है। कोरोना महामारी के चलते डेढ़ साल बाद स्कूल खुले हैं। इस सत्र में बच्चों के स्वास्थ्य को देखते हुए शिक्षा विभाग सुरक्षा को लेकर नए सिरे से तैयारी कर रहा है। इसे लेकर हरियाणा स्कूल शिक्षा परियोजना परिषद की ओर से वित्तीय वर्ष 2021-22 के लिए स्कूल स्तर पर सुरक्षा निधि ग्रांट जारी की गई है।

 विभाग ने प्रदेश के स्कूलों में प्राथमिक चिकित्सा के लिए एलिमेंट्री स्कूलों में 2 करोड़ 20 लाख 98 हजार रुपए की ग्रांट, सीनियर सेकेंडरी के लिए छह करोड़ 67 लाख 4 हजार की ग्रांट जारी की है। विभाग की ओर से दिए गए इस बजट से हेल्थ, कानूनी सुरक्षा, किशोरियों के लिए जागरुकता व कार्यक्रम के जरिए स्कूलों में छात्रों की सुरक्षा तय की जाएगी। स्कूल स्तर पर स्टॉक रजिस्टर का रख रखाव किया जाएगा। सीनियर सेकेंडरी, हाई व मिडिल स्कूलों में साइंस टीचर प्रभारी बनाए गए।

शिक्षा विभाग की ओर से सभी शिक्षकों को ऑनलाइन प्रोग्राम के माध्यम से प्राथमिक चिकित्सा प्रशिक्षण दिया जाएगा। रेडक्रॉस की ओर से वार्षिक रूप से सभी वरिष्ठ विद्यालयों को 500, उच्च को 400, माध्यमिक को 300, प्राथमिक को 200 रुपए चिकित्सीय बॉक्स को भरने के लिए दिए जाएंगे।
कोविड से बचाव की भी तैयारी, स्कूल परिसर को कीटाणु रहित किया जाएगा

कोविड 19 से रोकथाम के लिए सुरक्षित रखने के लिए जल स्वच्छता, स्वच्छता कार्यक्रम, हाथ धोने की व्यवस्था, पीने का पानी, थर्मल स्कैनर, हैंड सेनिटाइजर, साबुन के साथ स्कूल परिसर को स्वच्छ रखने के लिए कीटाणु रहित किया जाएगा। डिप्टी डीईओ शिव कुमार धीमान का कहना है कि बच्चे अपना अधिकतर समय स्कूल में बिताते हैं।

चोट से लेकर हल्की बीमारी के प्रति संवेदनशील होते हैं। इसके लिए प्राथमिक चिकित्सा देखभाल की आवश्यकता होती है। ऐसे में लगातार 18 माह से स्कूल बंद रहने के स्थिति में स्कूलों में पहले से मौजूद फर्स्ट एंड बॉक्स पुराने हो चुके हैं। इसलिए बच्चों को तत्काल प्राथमिक चिकित्सा देखभाल देने के लिए विभाग की ओर से दो हजार रुपए की ग्रांट भेजी गई है। जिले में 935 स्कूल हैं। इन स्कूलों के लिए 8 लाख 96 हजार के करीब बजट दिया गया है।

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