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देश की पहली ओलिंपिक पदक विजेता के प्रोजेक्ट में हेराफेरी:एकेडमी निर्माण करने वाले बिल्डर पर काम कम व पैसा ज्यादा लेने के आरोप

यमुनानगर7 दिन पहले
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ओलिंपिक गेम में देश को मेडल दिलाने वाली कर्णम मल्लेश्वरी के ड्रीम प्रोजेक्ट के लिए हुए कंस्ट्रक्शन वर्क में 24 लाख रुपए से ज्यादा की धोखाधड़ी हुई है। पुलिस ने पंचकूला के पिरामिड बिल्डर्स के अनुज अग्रवाल, निकुल अग्रवाल और नितिन अग्रवाल पर केस दर्ज किया गया है। कर्णम मल्लेश्वरी ने शिकायत में बताया कि गांव चाहड़ाे में उन्होंने दो एकड़ में वेट लिफ्टिंग एवं पॉवर लिफ्टिंग हाई परफाॅर्मेंस ट्रेनिंग एंड कोचिंग सेंटर बनाना था।

कर्णम मल्लेश्वरी फाउंडेशन ने खेल मंत्रालय की अनुमति के बाद उन्हें सरकार ने पांच करोड़ रुपए दिए थे। फरवरी 2019 में मैसर्स पिरामिड बिल्डर्स की ओर से पांच करोड़, 76 लाख, 36 हजार व 75 रुपए की बिड दी गई। उसे 10 माह में काम करना था, लेकिन काम समय पर नहीं किया और सही नहीं किया। किए गए काम की गुणवत्ता की जांच की रिपोर्ट नहीं दी, जिस पर उन्होंने श्रीराम इंस्टीट्यूट फॉर इंडस्ट्रियल रिसर्च दिल्ली, एनआईटी कुरुक्षेत्र और डिपार्टमेंट ऑफ इंडस्ट्रीज एंड कॉमर्स ऑफ हरियाणा से निमार्ण कार्य की जांच कराई तो रिपोर्ट फेल आई।

समय पर काम और गुणवत्ता न होने पर 27 जून 2020 को बिल्डर और फाउंडेशन के बीच समझौता हो गया कि आगे बिल्डर इस प्रोजेक्ट पर काम नहीं करेगा। तब तक बिल्डर को दो करोड़, 28 लाख, 35 हजार, 371 की पेमेंट दे चुके थे। बाद में किए गए काम की जांच साई सोनीपत के डिप्टी डायरेक्टर ने की। उन्होंने बताया कि मौके पर दो करोड़, तीन लाख, 65 हजार, 488 रुपए का ही काम हुआ है। बिल्डर ने गलत बिल और पैमाइश दिखाकर 24 लाख, 69 हजार, 883 रुपए की पेमेंट ज्यादा ली है।

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