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  • The Chief Will Not Be Able To Take Leave Without The Approval Of The Officer, DEO Satpal Kaushik Has Issued Instructions To Improve The Level Of Education Of Children

सरकारी स्कूलाें में लगेंगे टाइम टेबल डिस्प्ले बोर्ड:अधिकारी की मंजूरी बिना छुट्टी नहीं ले सकेंगे मुखिया, बच्चों की पढ़ाई का स्तर सुधारने को लेकर डीईओ सतपाल कौशिक ने जारी किए निर्देश

यमुनानगरएक महीने पहले
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कोरोना काल के बाद स्कूलों में पढ़ाई दो साल बाद शुरू हुई है। लंबे समय से घर रहने के कारण बच्चों को पढ़ने का अभ्यास नहीं रहा। बच्चाें की पढ़ाई का स्तर सुधारने के लिए जिला शिक्षा विभाग ने प्लानिंग तैयार की है। स्कूल मुखिया अधिकारी की मंजूरी के बिना अवकाश नहीं लेंगे।

प्रांगण में टाइम टेबल लगाने के साथ डिस्प्ले बोर्ड लगाएंगे। इसे लेकर डीईओ सतपाल कौशिक ने निर्देश जारी किए हैं। सतपाल कौशिक का कहना है कि विभाग का प्रयास है कि बच्चों का सिलेबस समय से पूरा। पढ़ाई के स्तर में सुधार आए। इसके लिए स्कूलों मुखियाओं और अध्यापकों को निर्देश जारी किए हैं। डीईओ की ओर से जारी आदेशों में बताया गया है कि विद्यालय के सही संचालन के लिए मुखिया की उपस्थिति अनिवार्य है। सभी मुखिया स्कूल में अपनी उपस्थिति तय करें। अगर छुट्टी की जरूरत होती है तो अधिकारी से स्वीकृत कराएं। बिना स्वीकृति मिले न जाएं। अगर स्टाफ को अवकाश की जरूरत है। मुखिया स्वीकृत करें।

इसके लिए सभी आवेदन फाइल में लगाए जाएं। इसके साथ ही विद्यालय के कार्य के लिए अध्यापक को न भेजा जाए। इससे बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होती है। पहले ही उनकी पढ़ाई देरी से शुरू हुई है। सिलेबस पूरा करने के अध्यापकों को समय देने की जरूरत है। स्कूल के बाद ही जाए अगर विभागीय कार्यालय में जाना है।

टाइम टेबल अनुसार लगाएं कक्षाएं

मुखिया विद्यालय का टाइम टेबल बनाया जाए। डिस्प्ले बोर्ड पर जानकारी लगाई जाए। टाइम टेबल अनुसार कक्षाएं लगाई जाएं। अगार कोई अध्यापक अवकाश पर है तो उनके स्थान पर दूसरे शिक्षक को एडजस्ट किया जाए। जिससे बच्चों की पढ़ाई जारी रहे। मुखिया प्रार्थना सभा में मौजूद रहें। स्कूल लैब का संचालन सही तरीके से किया जाए। बच्चों के प्रैक्टिकल कराए जाएं। कक्षा छह से 10 के विद्यार्थियों को इंस्पायर अवार्ड योजना में भाग लेने के लिए प्रेरित करना भी शिक्षक का काम है। रोजाना दो कक्षाओं का अवलोकन किया जाए। इसे दिए गए प्रोफार्मा में भरा जाए। स्कूल अवलोकन के बाद फीडबैक देें। अगर कहीं काम की जरूरत है ताे उसकी जानकारी जेई को दी जाए। जो ग्रांट जारी होती है, उसका प्रयाेग गाइडलाइन अनुसार हो। जिला अधिकारी किसी भी स्कूल का निरीक्षण कर सकते हैं। वह अपनी रिपोर्ट प्रोफार्मा में भरेंगे।

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