पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

Install App

Ads से है परेशान? बिना Ads खबरों के लिए इनस्टॉल करें दैनिक भास्कर ऐप

प्राइवेट पब्लिशर्स की महंगी किताबें लगवा रहे कई निजी स्कूल:नए सत्र के साथ से ही शुरू हुआ अभिभावकों की जेब ढीली कराने का सिलसिला

यमुनानगर9 दिन पहले
  • कॉपी लिंक
  • अभिभावकों की मांग-मामले में शिक्षा विभाग करे हस्तक्षेप

नया शैक्षणिक सत्र शुरू हो चुका है। इसके साथ ही कई निजी स्कूलों की ओर से अभिभावकों की जेब ढीली कराने का सिलसिला शुरू हो गया है। इस समय अभिभावकों पर ज्यादा मार महंगी किताबों से पड़ रही है क्योंकि अब भी कई स्कूल एनसीईआरटी की किताबें नहीं लगवा रहे।

इसके स्थान पर दो से तीन गुना ज्यादा रेट वाली प्राइवेट पब्लिशर्स की किताबों को ही प्राथमिकता दी जा रही है। इसके लिए बुक विक्रेता अलग से तय किए गए हैं। अभिभावकों का कहना है कि जिला शिक्षा विभाग में इसमें हस्तक्षेप करें जिससे उनको सस्ती दरों पर किताबें मिल सकें।

बच्चों के भविष्य के लिए महंगी किताबें खरीदना अभिभावकों की मजबूरी बन गई है और सब कुछ सहकर भी वह चुप हैं। दरअसल, निजी स्कूलों में एनसीईआरटी की बजाए निजी प्रकाशकों की किताबें चलाना कोई मजबूरी नहीं बल्कि कथित तौर पर कमीशनखोरी का खेल है।

पुस्तक विक्रेता ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि एनसीईआरटी की किताबों में उनको 5-10 फीसदी ही कमीशन मिलता है, जबकि अन्य प्रकाशकों से 30 से 35 प्रतिशत तक कमीशन तय हैं। साथ में स्टेशनरी के भी ऑफर अलग से मिलते हैं।

मुनाफे के चक्कर में अभिभावकों की जेब पर डाका| जिले में हरियाणा बोर्ड व सीबीएसई बोर्ड के 90 स्कूल हैं। इनमें प्राइमरी से सीनियर सेकेंडरी कक्षाओं में करीब एक लाख विद्यार्थी पढ़ते हैं। हालांकि स्कूलों को बोर्ड से एनसीईआरटी की किताबें लगाने के कड़े निर्देश हैं लेकिन कमीशन के खेल में कई स्कूल प्राइवेट पब्लिशर्स की महंगी किताबें लेने पर पेरेंट्स को मजबूर करते हैं क्योंकि इसमें संचालकों को लाखों का मुनाफा हो जाता है।

रिजल्ट के साथ दे रहे सूची| स्कूलों में परीक्षा परिणाम घोषित होने पर विद्यार्थियों को रिपोर्ट कार्ड के साथ अभिभावकों को किताबों व कॉपियों की सूची थमाई जा रही है। सूची में जहां एनसीईआरटी की पुस्तकें जहां नाममात्र हैं तो वहीं ज्यादातर निजी प्रकाशकों की पुस्तकें चलाई जा रही हैं।

इससे अभिभावकों को महंगी किताबों का सेट खरीदना पड़ रहा है।रेट में है काफी अंतर| एनसीईआरटी का सेट 250 से 1250 तो निजी पब्लिशर्स का 800 से तीन हजार में मिल रहा। एनसीईआरटी की बुक्स का पहली से 12वीं कक्षा तक का किताबों का सेट 350 से 1450 रुपए में है।

इसके साथ ही प्राइवेट पब्लिशर्स का सेट स्कूल व उनके तय बुकसेलर पेरेंट्स को 1100 से लेकर तीन हजार रुपए में थमाते हैं। यही नहीं कई स्कूलों की अभिभावकों को साफ हिदायत है कि बाहर से खरीदी कॉपियां स्कूल में मान्य नहीं होंगी, वह भी बाजार से दोगुना महंगी होती हैं। निजी प्रकाशकों की कोई भी बुक 250 से 290 से कम नहीं है।

एनसीईआरटी की होती एक-दो पुस्तक

अभिभावक संजय शर्मा, विकास बख्शी व हरिंद्र सिंह ने बताया कि कई साल से उनके बच्चों को स्कूल प्राइवेट पब्लिशर्स की किताबें ही लगवा रहे हैं। एनसीईआरटी की एक-दो पुस्तकें बीच में होती हैं। पहले स्कूल अपने प्रांगण में ही प्राइवेट पब्लिशर्स की महंगी किताबें बेचते थे। अब सभी ने अपने बुकसेलर तय कर दिए हैं। जो सेट एनसीईआरटी का 350 से 750 रुपए में है, वही प्राइवेट पब्लिशर्स का 1510 से 2150 में है।

स्कूलों से डिटेल मांगी है कि उनके यहां पाठ्यक्रम की कौन सी एनसीआईआटी की पुस्तकें लगाई जा रही हैं। कौन सी अन्य हैं कितने स्कूलों ने सिलेबस बदला है। डिटेल आने पर इसमें कार्रवाई की जाएगी।
नमिता कौशिक, डीईओ, यमुनानगर।

खबरें और भी हैं...

    आज का राशिफल

    मेष
    Rashi - मेष|Aries - Dainik Bhaskar
    मेष|Aries

    पॉजिटिव- ग्रह स्थिति अनुकूल है। मित्रों का साथ और सहयोग आपकी हिम्मत और हौसले को और अधिक बढ़ाएगा। आप अपनी किसी कमजोरी पर भी काबू पाने में सक्षम रहेंगे। बातचीत के माध्यम से आप अपना काम भी निकलवा लेंगे। ...

    और पढ़ें