प्रशासन और खनन माफिया के बीच फंसे किसान:यमुना से हो रही रेत-बजरी की चोरी, यूपी सरकार ने सभी रास्ते बंद किए; किसानों का नदी किनारे खेतों तक पहुंचना हुआ मुश्किल

यमुनानगर2 महीने पहले
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यूपी प्रशासन द्वारा बंद किया गया रास्ता, जिससे किसान अपने ट्रैक्टर के साथ खेतों तक नहीं जा पा रहे। - Dainik Bhaskar
यूपी प्रशासन द्वारा बंद किया गया रास्ता, जिससे किसान अपने ट्रैक्टर के साथ खेतों तक नहीं जा पा रहे।

यूपी के सहारनपुर में यमुना नदी के किनारे हो रहे अवैध खनन को रोकने के लिए नदी को जाने वाले सभी रास्ते बंद कर दिए गए हैं। लेकिन इससे यमुना नदी के किनारे खेती करने वाले किसानों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

यमुना नदी के तट पर स्थित खिजराबाद के जयधर गांव में किसान सुखपाल सिंह ने बताया कि उनके सामने संकट यह आ गया है कि वह खेत में कैसे जाए? धान और गन्ने की फसल तैयार खड़ी है। लेकिन यूपी प्रशासन ने रास्ते बंद कर दिए। यमुनानगर के इस गांव से खनन माफिया यमुना नदी से रेत और बजरी चोरी करता है। यह रास्ता यूपी से होकर आता है। इस वजह से यूपी प्रशासन ने रास्ते खोदकर आवाजाही बंद कर दी है।

जयधर गांव के लोगों ने बताया कि यमुनानगर प्रशासन के कुछ अधिकारी भी खनन माफिया का साथ दे रहे हैं। इसके चलते ही यूपी प्रशासन ने यह कदम उठाया है। जयधर के ग्रामीणों ने बताया कि यमुनानगर का खनन माफिया चाहता है कि रास्ते खुल जाए। इसके चलते ही वह किसानों को परेशान कर रहा है। इस काम में यमुनानगर का प्रशासन भी उनका साथ दे रहा है। इन दिनों यमुना में खनन का काम जोरों पर चल रहा है। दिन रात यहां अवैध खनन हो रहा है। इस वजह से यमुना के तटों पर खेती करने वाले किसानों समेत हर कोई परेशान है।

रास्ता बंद होने से लगी ट्रैक्टरों की लाइन।
रास्ता बंद होने से लगी ट्रैक्टरों की लाइन।

यूपी और हरियाणा की सीमा का फायदा उठा रहा खनन माफिया
यमुना मित्र मंडली के सदस्य भीम सिंह रावत ने बताया कि खनन माफिया यूपी और हरियाणा की सीमा का फायदा उठाता है। उन्होंने यूपी प्रशासन के कदम की सराहना की। उन्होंने कहा कि लेकिन जयधर के गांव के किसानों को अपने खेतों में जाने के रास्ता दिया जाना चाहिए। लेकिन यह भी सुनिश्चित होना चाहिए कि इस आड़ में खनन माफिया अपनी गतिविधि न चला सके।

किसानों की आड़ में रास्ता खुलवाने की साजिश रच रहा माफिया
भीम सिंह ने कहा कि यूपी प्रशासन की कार्रवाई सही है। उन्होंने इसे और ज्यादा मजबूत करने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि इससे हरियाणा खासतौर पर यमुनानगर प्रशासन को भी सीख लेनी चाहिए। भीम सिंह ने बताया कि यमुनानगर के खनन माफिया के कुछ लोग किसानों की आड़ में रास्ता खुलवाने का साजिश कर रहे हैं। वह माफिया यूपी के सहारनपुर में अपने खास लोगों को किसानों के तौर पर पेश कर ज्ञापन देने गए। यह बहुत गहरी साजिश है। इसमें यमुनानगर प्रशासन और गांव में खनन माफिया का साथ देने वाले लोग शामिल हैं।

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