डेंजर हुआ डेंगू तो जागे जिम्मेदार:डेंगू पीक पर आया तो निगम अफसरों को आई जेम पोर्टल से 16 छोटी व 1 बड़ी फोगिंग मशीनें खरीदने की याद

यमुनानगरएक महीने पहले
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डेंगू पीक पर है, तब जाकर नगर निगम की सुस्ती टूटती दिख रही है। तभी डेंगू के पीक सीजन के बीच अफसरों को जेम पोर्टल से नई 16 छोटी व एक बड़ी फोगिंग मशीनें खरीदनी याद आई हैं। जबकि, अभी निगम के 185.45 स्क्वेयर किमी. एरिया व करीब छह लाख की आबादी पर महज छह छोटी व एक बड़ी फोगिंग मशीन से काम चल रहा है। विपक्षी व सत्तापक्ष के पार्षदों का आरोप है कि इतनी कम मशीनों से फोगिंग की औपचारिकता निभाई जा रही है ।

वहीं, वे डेंगू के पांव पसार लेने के बाद नई मशीनें खरीदने पर अफसरों पर लेटलतीफी के आरोप लगा रहे हैं। बतादें कि इस साल स्वास्थ्य विभाग के सरकारी आंकड़ों में अभी तक डेंगू के 52 केस की पुष्टि हो चुकी है। इससे अलग निजी क्लीनिकों व अस्पतालों में भी लगातार संदिग्ध आ रहे हैं यानी, डेंगू पीक पर आ गया है।

नगर निगम यमुनानगर-जगाधरी एरिया में जोन-1 (वार्ड-1-11) व जोन-2 (वार्ड-12 से 22), दोनों जोन के सीएसआई सुरेंद्र चोपड़ा व हरजीत सिंह की मानें तो दूसरे चरण में एक से नौ वार्ड तक फोगिंग हो चुकी है। फिर से एक-एक दिन जोन वाइज डेंगू-मलेरिया प्रभावित समेत अन्य इलाकों में फोगिंग हो रही है।

फिलहाल 1 लाख की आबादी पर एक फोगिंग मशीन

निगम एरिया में 22 वार्ड है, जहां 2011 की जनगणना अनुसार कुल आबादी 5 लाख 49 हजार 622 थी, जिनमें 2 लाख 54 हजार 677 महिलाएं व 2 लाख 94 हजार 945 पुरुष शामिल रहे। दस साल में निगम एरिया में आबादी छह लाख से अधिक होने का अनुमान है। निगम के पास छह छोटी व एक बड़ी फोगिंग मशीन हैं यानी, एक लाख की आबादी पर एक फोगिंग मशीन।

हर वर्ष आबादी व एरिया अधिक व मशीनें कम होने पर डेंगू के सीजन में पार्षद व अन्य जनप्रतिनिधि समेत लोग एरिया में फोगिंग न होने की शिकायत करते हैं। ठीक ऐसा इस बार भी हो रहा है। अब देर से ही सही, पर निगम अफसर एक्शन मोड में दिख रहे हैं, जो जेम पोर्टल से और नई 16 छोटी व एक बड़ी फोगिंग मशीनें खरीद रहे हैं।

हर साल की तरह फोगिंग की औपचारिकता हो रहीः रामआसरा

वार्ड-7 से पार्षद रामआसरा भारद्वाज व वार्ड-20 से पार्षद प्रतिनिधि नीरज राणा ने कहा कि डेंगू के केस एक-एक कर लगातार बढ़ते गए, तब नगर निगम ने फोगिंग कराने में गंभीरता नहीं दिखाई। साथ ही निगम के एरिया व आबादी मुताबिक नई मशीनें खरीदने में भी दिलचस्पी नहीं ली। यह काम बरसाती सीजन के तुरंत बाद होना था, पर नहीं हुआ।

डेंगू प्रभावित व जहां डेंगू फैलने का अंदेशा है, वहां रुककर टीमों को फोगिंग करनी चाहिए, पर हर साल की तरह वार्डों में तेजी से बाइक व अन्य वाहनों से टीमें पूरे एरिया व आबादी की तुलना में बहुत कम मशीनों से फोगिंग कर चली गई। ये फोगिंग की औपचारिकता है। डेंगू के केस लगातार बढ़ते गए, तब और नई मशीनें खरीदने में भी निगम अफसरों ने लेटलतीफी कर गए।

जीवनदीप संस्था को भी फोगिंग करने की एनओसी

जीवनदीप संस्थान को भी नगर निगम ने फोगिंग करने की एनओसी दे दी है। संस्था ने दो फोगिंग मशीनें खरीदी हैं वहीं, अगले हफ्ते दो और लेने जा रही है। संस्था की दो फोगिंग मशीनों को बुधवार को कमिश्नर अजय सिंह तोमर ने नगर निगम परिसर में हरी झंडी देकर चालू कराया। मौके पर डीएमसी विनोद नेहरा, संस्थान के डायरेक्टर डॉ. अजय कुमार मिश्रा भी मौजूद रहे।

जेम पोर्टल से और नई 16 छोटी व एक बड़ी फोगिंग मशीन ले रहे हैं। जल्द मशीनें आने पर फोगिंग के काम में और तेजी लाई जाएगी।-अजय सिंह तोमर, कमिश्नर, नगर निगम।

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