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  • With Increasing Dengue Case, Lab Operators Increased The Fees For Platelets Test, Patients Reached The Lab To Check Platelets Even In Viral, Each Lab Has Its Own Rate

पहले 100 में होने वाला टेस्ट अब 250 रुपए में:डेंगू केस बढ़ने के साथ लैब संचालकों ने प्लेटलेट्स जांच की फीस बढ़ाई, वायरल में भी प्लेटलेट्स चेक कराने लैब पहुंचे मरीज, हर लैब का अपना रेट

यमुनानगरएक महीने पहले
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जिले में डेंगू के केस लगातार बढ़ रहे हैं। वायरल के भी कम केस नहीं है। अस्पतालों में खांसी-जुकाम से पीड़ित काफी संख्या में मरीज आ रहे हैं। केस बढ़ने के साथ ही पैथ लैब संचालकों ने भी टेस्टिंग फीस बढ़ा दी है। 9 अक्टूबर तक लैब संचालक प्लेटलेट्स चेक करने की फीस 100 रुपए ले रहे थे। अब 250 रुपए ले रहे हैं। टीएलसी, डीएलसी, ईएसआर जो इंफेक्शन होने पर कराए जाते हैं। इसकी फीस भी 200 से बढ़ाकर 300 रुपए कर दी है। हर लैब संचालक मनमानी से जांच फीस ले रहा है।

स्वास्थ्य विभाग का इस ओर ध्यान नहीं है, जिससे मरीज को टेस्ट कराने में ज्यादा पैसे देने पड़ रहे हैं। जिले में डेंगू के साथ बुखार, खांसी जुकाम के मरीजों की संख्या कम नहीं है। अस्पताल की ओपीडी में ज्यादा ऐसे ही मरीज आ रहे हैं, जिन्हें खांसी की ज्यादा शिकायत है। उनकी भी जांच कराई जा रही है। बुखार में कमजोरी के बाद प्लेटलेट्स चेक कराने के लिए भी लैब में मरीज भेजे जा रहे हैं।

जिले में 750 से अधिक लैब संचालक हैं। हर किसी के रेट अलग हैं। डेंगू को छोड़कर बाकी के टेस्ट की रेट लिस्ट किसी के यहां दिखाई नहीं देती। डेंगू की जांच 600 रुपए तय की गई है। बाकी सामान्य टेस्ट को मानकर रेट अपने अनुसार तय किए गए हैं। इसका असर मरीजों पर ज्यादा पड़ा है। इतना ही नहीं कई तो ऑन द स्पॉट जांच रिपोर्ट देने की बात कह रहे हैं। इसकी फीस पहले 150 रुपए ली जा रही थी। ये टेस्ट अस्पताल संचालक अपनी सुपरविजन में करा रहे हैं। अब इसकी फीस भी 200 रुपए कर दी गई है।

लैब संचालक 100 रुपए में टेस्ट कर रहे थे। इनकी ओर से 250 रुपए चार्ज किए जा रहे हैं। लैब पर मिले अशोक कुमार ने बताया कि 11 अक्टूबर को उसने भतीजे के प्लेटलेट्स प्यारा चौक पर स्थित लैब में चेक कराए। उससे 100 रुपए लिए गए थे। अब वह अपनी मां को बुखार होने के कारण प्लेटलेट्स चेक कराने के लिए लाया है। अब उससे 250 रुपए मांगे गए हैं।

डेंगू के 7 केस मिले

डेंगू के केस लगातार बढ़ रहे हैं। वीरवार को सात नए केस मिले। अब तक 59 लोग सरकारी रिकाॅर्ड में डेंगू की चपेट में आ चुके हैं। स्वास्थ्य विभाग की लैब में अब तक 1084 लोगों की डेंगू की जांच हो चुकी है, जिसमें से 59 डेंगू के पेशेंट मिले। वहीं, मलेरिया की बात करें तो अब तक चार केस मिले हैं। डेंगू से पीड़ित हर अस्पताल में भर्ती हैं। लेकिन स्वास्थ्य विभाग अपनी लैब की रिपोर्ट को ही डेंगू की पुष्टि करता है। कई लोगों की मौत हो चुकी है, लेकिन उनकी रिपोर्ट सरकारी लैब से न होने से विभाग ने उनकी डेंगू से मौत नहीं मानी।

चिकित्सक की सलाह से करानी चाहिए जांच

डॉ. विनय शर्मा का कहना है कि तकरीबन हर बुखार में शरीर के अंदर प्लेटलेट्स की संख्या कम हो जाती है। यह घबराने वाली बात नहीं है। एक सामान्य व्यक्ति के शरीर में ढाई से तीन लाख तक प्लेटलेट्स होते हैं। अगर किसी को जांच में डेंगू निकलता है तो ऐसी स्थिति इनकी संख्या काफी तेजी से गिरती है। ध्यान रखना चाहिए कि मरीज के शरीर का तापमान न बढ़े। बुखार होने पर चिकित्सक की सलाह से ही लैब पर जांच करानी चाहिए। समय से डॉक्टर के पास जाने से बीमारी जल्दी ठीक होती है।

डेंगू व वायरल व मलेरिया के लक्षण मिलते हैं

डेंगू के लक्षण वायरल फीवर और मलेरिया से मिलते-जुलते होते हैं। इस वजह से कई बार लक्षणों की सही से पहचान नहीं हो पाती है। डेंगू का पता लगाने के लिए एलाइजा टेस्ट है। इसका रिजल्ट 100 फीसदी सही आता है। एलाइजा में भी दो तरह के टेस्ट हैं- आईजीएम और आईजीजी।

डेंगू के लक्षण पता चलने के 3 से 5 दिन के अंदर आईजीएम टेस्ट करा लेना चाहिए। आईजीजी टेस्ट की मियाद 5 से 10 दिन की है। डेंगू के ज्यादातर मामलों में डॉक्टर पहले एंटीजन ब्लड टेस्ट की सलाह देते हैं। लक्षण सामने आने पर पांच दिन के अंदर ही टेस्ट कराया जाता है। शुरुआती दिनों में इसके अच्छे नतीजे होते हैं, लेकिन डेंगू के लक्षण बढ़ने पर यह टेस्ट कारगर नहीं है।

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