श्रमिक का दर्द / एनएच जाम कर बोले श्रमिक- बीमारी से ज्यादा यहां रह जाने का डर, हम भले ही रोड पर मर जाएं पर घर जाने दो

Workers said by blocking NH- fear of staying here more than disease, even if we die on the road but let go home
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Workers said by blocking NH- fear of staying here more than disease, even if we die on the road but let go home

  • घर जाने को 10 दिन पहले कराया रजिस्ट्रेशन, अभी तक नंबर न आने पर शेल्टर होम से निकल एनएच-73ए पर बैठे श्रमिक
  • प्रवासियों ने 20 मिनट तक जाम लगाकर बिहार के सीएम के खिलाफ की नारेबाजी, पुलिस बल सहित पहुंचे डीएसपी सुधीर तनेजा के आश्वासन पर लौटे शेल्टर होम में लौटे

दैनिक भास्कर

May 20, 2020, 05:00 AM IST

यमुनानगर. रजिस्ट्रेशन कराने के 10 दिन बाद भी घर भेजने की कोई व्यवस्था न होती देख प्रवासी श्रमिकों में आक्रोश पनप गया।दर्जनों प्रवासी शेल्टर होम से निकल एनएच-73ए (जगाधरी-पांवटा) पर बैठ गए। 20 मिनट हाइवे जाम रख प्रवासियों ने बिहार के मुख्यमंत्री नितिश कुमार के खिलाफ नारेबाजी की। आरोप लगाया कि बिहार सरकार ने उनके लिए कोई व्यवस्था नहीं की।  स्थानीय प्रशासन ने भी घर भेजने का आश्वासन पूरा नहीं किया। मौके पर पुलिस बल सहित पहुंचे डीएसपी सुधीर तनेजा ने श्रमिकों को जल्द घर भेजने का भरोसा दिलाया। प्रशासन की ओर से उन्हें घर भेजने की व्यवस्था के लिए बसें लगाने के आश्वासन पर सभी शेल्टर होम में लौट गए।
मंगलवार दोपहर करीब साढ़े 12 बजे बिहार के 100 से ज्यादा प्रवासी पास में बने शेल्टर होम से निकल एनएच-73 पर आ गए। प्रवासियों ने बीच रास्ते बैठ हाइवे को ब्लॉक कर दिया। प्रवासियों ने बिहार के सीएम के खिलाफ नारेबाजी की। बिहार के प्रवासी रामभज यादव, गोपाल, मुकेश ने कहा कि बिहार सरकार की ओर से उनके लिए व्यवस्था नहीं की गई। वह अमृतसर, लुधियाना सहित अन्य जिलों से किसी तरह पैदल, साइकिल व अन्य वाहनों से 10 दिन पहले यमुनानगर पहुंच गए थे, तब स्थानीय प्रशासन ने घर भेजने का आश्वासन देकर शेल्टर होम में रोक दिया, लेकिन अभी तक न उन्हें घर नहीं भेजा न ही शेल्टर होम में सुविधा मिल रही है। उन्हें जाम लगाने पर मजबूर होना पड़ा क्योंकि परिवार यूपी-बिहार में हैं और वे यहां फंसे हैं। बीमारी से ज्यादा उन्हें यहां रह जाने का डर है इसलिए उन्हें घर जाना है। भले रोड पर मर जाएं, लेकिन उन्हें घर जाने दिया जाए।

स्टेडियम से जबरदस्ती निकल गए सैकड़ों प्रवासी, पुलिस के समझाने पर भी नहीं लौटे

तेजली स्टेडियम में रोके गए प्रवासियों का सब्र का बांध मंगलवार शाम को टूट गया। यह प्रवासी कई दिन से यहां पर रुके हुए हैं। प्रशासन हर रोज एक ही आश्वासन देता है कि जल्द ही ट्रेन से उन्हें बिहार भेज दिया जाएगा लेकिन वह दिन नहीं आया। इससे खफा होकर कुछ प्रवासी जबरदस्ती स्टेडियम से निकल गए। पुलिस ने उनका पीछा किया। तीर्थ नगर में जाकर उन्हें पुलिस ने रोक लिया। वहां पर सदर यमुनानगर थाना प्रभारी और अन्य पुलिस अधिकारी पहुंचे। उन्होंने आश्वासन दिया कि जल्द ही उन्हें भी  ट्रेन से उनके घर भेज दिया जाएगा। पुलिस उन्हें वापस स्टेडियम में ही जाने के लिए मना रही थी। वहां पर उन्होंने वापस जाने से मना कर दिया। इस दौरान उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उन्हें अच्छा और पूरा खाना नहीं दिया जा रहा। इससे वे परेशान हैं। उन्हें किसी भी तरह अपने घर जाना है। वे पैदल जा सकते हैं। इस दौरान कुछ प्रवासी वापस आ गए, लेकिन काफी संख्या में प्रवासी वहां से पैदल ही निकल गए थे। उधर इस घटना के बाद प्रशासनिक अमला तेजली स्टेडियम में पहुंचा। डीसी मुकुल कुमार और एसपी हिमांशु गर्ग ने प्रवासियों को आश्वासन दिया कि जल्दी उन्हें यहां से भेज दिया जाएगा। देर रात तक प्रशासन के अधिकारी वहीं पर थे। उन्हें डर था कि कहीं दोबारा प्रवासी यहां से निकल ना जाए। सुरक्षा के भी इंतजाम कड़े कर दिए गए थे। बता दंे तेजली स्टेडियम में बिहार के प्रवासियों को रोका गया है। बिहार में इन्हें ले जाने के लिए कई दिन से ट्रेन का इंतजाम नहीं हो पा रहा। इसलिए उन्हें भेजने में देरी हो रही है।

अब भी घर न भेजा गया तो पैदल चल देंगे
हाईवे जाम की सूचना पाकर पुलिस बल के साथ डीएसपी सुधीर तनेजा मौके पर पहुंचे। तनेजा ने उन्हें आश्वासन दिया कि जल्द घर भेजा जाएगा, लेकिन अभी जाम खोल शेल्टर होम जाएं। इस पर 20 मिनट बाद प्रवासी मजदूरों ने जाम खोल दिया और शेल्टर होम लौट गए। किंतु उन्होंने चेतावनी दी उन्हें जल्द घर ना भेजा गया तो वह यहां से पैदल ही चल देंगे। 

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