ऐतिहासिक काम:भांडवा में हवन कर सुकीर्ति को बांधी गई उत्तराधिकारी की पगड़ी, महिलाओं को पुरुषों के समान अधिकार दिलाने में आर्यसमाज का सबसे बड़ा योगदान

बाढड़ा2 महीने पहले
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  • भाण्डवा में आर्य परिवार में बड़ी बेटी सुकीर्ति आर्या के सिर पर उत्तराधिकार की पगड़ी बांधी

आर्य समाज ने नारी उत्थान के लिए अनेक ऐतिहासिक काम किए हैं। महिलाओं को पुरुषों के समान अधिकार दिलाने में आर्यसमाज का सबसे बड़ा योगदान है। ऐसा ही देखने को मिला भांडवा में दिवंगत वेद सिहं आर्य के शोक समाप्ति शांति यज्ञ में। आम तौर पर शोक समाप्ति शांति यज्ञ में पुरुषों को ही उत्तराधिकार पगड़ी बांधी जाती है। परंतु भाण्डवा में आर्य परिवार में बड़ी बेटी सुकीर्ति आर्या के सिर पर उत्तराधिकार की पगड़ी बांधी।

उल्लेखनीय है कि 22 जून को वेद सिहं आर्य के देहांत होने पर भी बेटियों ने ही अर्थी को कंधा देकर व मुखाग्नि देकर नई परम्परा की शुरुआत की थी। महर्षि दयानंद सरस्वती और आर्यसमाज की विचारधारा के दृढ़ अनुपालक और प्रचारक धर्मपाल आर्य धीर शास्त्री, नवोदय विद्यालय के सेवानिवृत्त उपप्राचार्य प्रतापसिंह आर्य, व महीपाल आर्य भाण्डवा के छोटे भाई दिवंगत वेद सिहं आर्य की श्रद्धांजलि में आयोजित शोक समाप्ति शांति यज्ञ के अवसर पर बेटियों के सिर पर पगड़ी बांधकर समाज में नया संदेश दिया। गुरुकुल झज्जर के आचार्य विजयपाल योगार्थी व कन्या गुरुकुल पंचगांव की आचार्या जयावती ने शोक संतप्त परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की।

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