अभियान:मानसून में जलभराव रोकने को चलाया अभियान, नहरों, जोहड़ और वाटर टैंकों को मनरेगा मजदूरों से करवाया जा रहा सफाई का कार्य

चरखी दादरीएक महीने पहले
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  • उन्होंने उम्मीद जताई कि बरसात तक इस कार्य को पूरा कर लिया जाएगा

जिले की नहरों और जलघर के टैंकों की सफाई का अभियान मनरेगा स्कीम से करवाया जा रहा है। इसमें हर एक मजदूर को कार्य के आधार पर 331 रुपये प्रति दिन के हिसाब से दिहाड़ी दी जा रही है। जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी कुशल कटारिया ने बताया कि नहरों और जलघर के टैंकों की सफाई का अभियान चलाया जा रहा है। इसमें ग्रामवासियों का भी सहयोग लिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि सिंचाई विभाग और जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारी अपनी देखरेख में सफाई का कार्य मनरेगा श्रमिकों से करवा रहे हैं। मनरेगा मजदूरों को इस कार्य के लिए 331 रुपये रोजाना के हिसाब से मेहनताना दिया जाता है।

जिसमें यह देखा जाता है कि एक दिन में श्रमिक ने कितना कार्य किया हुआ है। उन्होंने बताया कि जलशक्ति अभियान और मनरेगा स्कीम मिलाकर यह कार्य करवाया जा रहा है। बधवाना डिस्ट्रीब्यूरी, अटेला, बौंद, रणकौली माइनर, लोहारू कैनाल, चरखी, मानकावास, बिरही, मेहड़ा, कमोद, मालकोस, आदि लगभग सभी गांवों में सार्वजनिक जोहड़, नहरों, माइनर व ड्रेन की मिट्टी निकाली जा रही है तथा झाड़ियाें व घास को काटा जा रहा है। इसी प्रकार पैंतावास, ढाणी फौगाट, मालकोस, सांवड़ आदि में टैंकों की सफाई का कार्य किया जा रहा है। यह अभियान विगत एक पखवाड़े से लगातार चलाया जा रहा है। मानसून सीजन को ध्यान में रखते हुए इस अभियान को शुरू किया गया था, जिससे कि गांवों में जलभराव की समस्या पैदा ना हो और जल संसाधनों की सफाई हो जाए। मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने बताया कि वाटर टैंकों की गाद निकाली जा रही है, ताकि लोगों को पीने का पानी शुद्ध मिल सके। इसी प्रकार जोहड़ों को भी साफ करवाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि ग्रामवासी भी प्रशासन की इस मुहिम में काफी रूचि ले रहे हैं और मनरेगा योजना में काम करने के लिए काफी संख्या में ग्रामीण आगे आ रहे हैं। इससे उनको उनके घर पर ही रोजगार प्रदान किया जा रहा है। उन्होंने उम्मीद जताई कि बरसात तक इस कार्य को पूरा कर लिया जाएगा।

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