गाद की भरमार:जलघर के टैंकों में गाद और काई की भरमार, कार्य के लिए एस्टीमेट भेजा

बौंदकलां8 दिन पहले
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  • कस्बे की 30 हजार आबादी को वाटर टैंकों से पेयजल की आपूर्ति

तीस हजार की आबादी के लिए पानी का स्टोरेज करने वाले वाटर टैंकों में गाद की भरमार है। इसके साथ ही तलहटी में शैवाल और काई से वाटर टैंकों की स्टोरेज क्षमता भी कम हो गई है। जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के जेई बोले कि मनरेगा के कार्य के लिए एस्टीमेट भेज रखा है। अप्रूवल मिलते ही काम शुरू कर दिया जाएगा। कस्बे की 30 हजार आबादी के लिए जिन वाटर टैंकों से पेयजल की आपूर्ति की जाती है। उनमें गंदगी की भरमार है। टैंकों की कई सालों से सफाई नहीं की गई है।

टैंकों में गाद, शैवाल, घास और काई की भरमार है। गंदगी के कारण वाटर टैंकों की क्षमता भी कम हो गई है। ऐसे में लोगों के लिए आरंभ में गंदगी युक्त पानी की सप्लाई की जाती है। इसके साथ ही जलघर परिसर में कांग्रेस घास और झाड़ियों की भरमार होने से जलघर परिसर ने जंगल का रुप धारण कर लिया है। इसके साथ ही एक वाटर टैंक 10 साल से टूटी फूटी हालत में है। वाटर स्टोरेज टैंक की दीवार भी टूटी हुई है। जलघर की हालत काफी खराब है।

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