चतुर्थ सूरत सिंह स्मारक विशेष व्याख्यान का आयोजन:प्रो. टंकेश्वर नेन कहा राष्ट्रीय शिक्षा नीति भारतीय मूल्यों के अनुरूप

चरखी दादरी8 दिन पहले
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भारतीय शिक्षण मंडल के तत्वावधान में चतुर्थ सूरत सिंह स्मारक विशेष व्याख्यान का आयोजन केदारनाथ मैनेजमेंट संस्थान में किया गया। इस विशेष व्याख्यान कार्यक्रम में हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर टंकेश्वर कुमार ने बतौर मुख्य वक्ता एवं हरियाणा शिक्षा बोर्ड के चेयरमैन डॉ. जगबीर सिंह ने बतौर मुख्य अतिथि एवं भारतीय शिक्षण मंडल के अखिल भारतीय सह संपर्क प्रमुख पुष्पेंद्र राठी ने बतौर अध्यक्ष शिरकत की। प्रोफेसर टंकेश्वर कुमार ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति भारतीय मूल्यों के अनुरूप है और शिक्षा में भारतीयता लाने को लेकर यह बहुत बड़ी पहल की गई है इस राष्ट्रीय शिक्षा नीति के क्रियान्वयन में शिक्षकों अभिभावकों सहित हम सबकी सहभागिता अनिवार्य है।

उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति में अपनी भाषा में शिक्षा का प्रावधान है। बच्चे अपनी भाषा में ज्यादा सीखते हैं। शोध एवं अनुसंधान भी अपनी भाषा में बेहतर हो सकता है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति में व्यवहारिक ज्ञान की बात है। हमें शिक्षा में भारतीयता एवं संस्कारों को बनाए रखना है।यह हम सबकी जिम्मेदारी है।

बतौर मुख्यातिथि हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड के चेयरमैन डॉ जगबीर सिंह ने कहा कि हम हमारा गौरवमय इतिहास पढ़ाया ही नहीं गया।अब हमने पाठ्यक्रम में अपने गौरवमय इतिहास को शामिल किया है। उन्होंने कहा कि मैकाले ने हमारी शिक्षा पद्धति एवं संस्कृति को तहस नहस किया। मैकाले की शिक्षा नीति ने हमें मानसिक गुलाम बनाए रखा। अब नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 से शिक्षा में भारतीयता आएगी और भारत पुनः विश्व का नेतृत्व करेगा।

इस अवसर पर राष्ट्रीय उपभोक्ता विवाद प्रतिवाद आयोग के संयुक्त निदेशक हनुमंता राव, पूर्व जिला संघ चालक बाबू जीतराम गुप्ता, विभाग प्रचारक संजय, जिला संघ चालक राजेंद्र, जिला प्रचारक विमल, जिला बौद्धिक प्रमुख अरुण, डॉ. संजीव मडिया, डॉ. नरेश कनोजिया, राजेश भारद्वाज, कर्णवीर सांगवान, विद्यार्थी परिषद के जिला संगठन मंत्री मंदीप नैन, कौशल्या चौधरी, संजीव मिश्रा, आरएच यादव, डॉ. रोशनी शर्मा, डॉ. पवन, राजू शर्मा, रामकिशोर आदि मौज्ूद रहे।

भारतीय शिक्षण मंडल ने पांच दशक से शिक्षा में भारतीयता लाने को देशभर में जगाई अलख

भारतीय शिक्षण मंडल के अखिल भारतीय सह संपर्क प्रमुख पुष्पेंद्र राठी ने कहा कि भारतीय शिक्षण मंडल ने पांच दशक से शिक्षा में भारतीयता लाने को देश भर में अलख जगाई है। उन्होंने पाठ्यक्रम में अपना गोरवमयी इतिहास शामिल करने पर चेयरमैन डॉ. जगबीर सिंह की सराहना की और उन्हें बधाई दी। कार्यक्रम के संयोजक भारतीय शिक्षण मंडल के प्रांत अध्यक्ष डॉ. जितेंद्र कुमार भारद्वाज ने सभी अतिथियों एवं विद्वानों का स्वागत एवं अभिनंदन किया। उन्होंने भारतीय शिक्षण मंडल कार्यों, अभियानों के संचालन एवम स्व श्री सूरत सिंह के जीवन पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम में धन्यवाद प्रस्ताव केदारनाथ अग्रवाल मैनेजमेंट कॉलेज की निदेशक डॉ. सुप्रिया ढिल्लो ने किया। कार्यक्रम में प्रांत मंत्री सुनील शर्मा की मौजूदगी रही। कार्यक्रम में डॉ. सुरेंद्र यादव की पुस्तक काव्या लंका का विमोचन भी किया गया। शैक्षिक संघ एवं नीमा द्वारा सभी अतिथियों को सम्मानित किया गया।

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