स्वतंत्रता संग्राम के क्रांतिकारियों से लें प्रेरणा:सुखदेव की 115वीं जयंती पर कॉलेज में कार्यक्रम का आयोजन

चरखी दादरी13 दिन पहले
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गांव बिरोहड़ के राजकीय महाविद्यालय में महान क्रांतिकारी सुखदेव की 115वीं जयंती पर कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम के संयोजक डॉ. अमरदीप ने ने अपने व्याख्यान में बताया कि सुखदेव ने क्रांतिकारी आंदोलन को नई ऊंचाई तक पहुंचाया था। सुखदेव ने भारतीय राष्ट्रीय स्वतंत्रता आन्दोलन में अभूतपूर्व एवं क्रांतिकारी योगदान दिया था।

1907 में लुधियाना में जन्मे सुखदेव ने 1921 से नेशनल कॉलेज में भगत सिंह व अन्य क्रांतिकारियों से मिलकर अंग्रेजों को भारत से बाहर निकालने के लिए बहुत प्रयास किए। सांडर्स की हत्या करके सुखदेव और अन्य क्रांतिकारियों ने यह बता दिया था अब भारतीय उनके जुल्म को चुपचाप नही सहेंगे।

इस घटना से अंग्रेजी सरकार बौखला गई थी और बाद में लाहौर षडयंत्र मुकदमे में इनको गिरफ्तार कर लिया गया। प्राचार्या डॉ. अनीता रानी ने कहा कि हमें भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के सभी क्रांतिकारियों से प्रेरणा लेनी चाहिए और इनके बलिदानों की बदौलत ही हमें आजादी मिल पाई। इस अवसर पर डॉ. नरेंद्र सिंह, पवन कुमार, डॉ. रीना ने सुखदेव के बलिदान को अविस्मरणीय बताया।

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