कांवड़ शिविर:निःस्वार्थ सेवा से ही मिलती है सच्ची शांति- आचार्य देवी सिंह

चरखी दादरी2 महीने पहले
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  • उन्होंने कहा कि हमारी सभ्यता व संस्कृति में अतिथि को देवता माना गया

जो आनन्द व शांति निःस्वार्थ सेवा से मिलती है, वह संसार के किसी भी भौतिक पदार्थों से प्राप्त नहीं की जा सकती है। यह विचार आचार्य देवी सिंह ने श्रीबालानाथ योगाश्रम द्वारा लगाए गए कांवड़ शिविर में स्वयं सेवकों के सम्मुख रखे। उन्होंने कहा कि हमारी सभ्यता व संस्कृति में अतिथि को देवता माना गया है।

कांवड़ियां पद यात्री हमारे अतिथियों के साथ-साथ शिव भगत भी है। प्रभु भक्तों का सम्मान व सेवा करना भी प्रभु भक्ति है। गांव मंदौला में श्री बालानाथ योगाश्रम आदमपुर बलाली द्वारा कांवड़िया सेवा शिविर का आयोजन किया गया है। शिविर में आश्रम के स्वयं सेवकों द्वारा कांवड़ियों के रहने, खाने-पीने, नहाने-धोने की समुचित व्यवस्था की गई है। संजय सरोहा, महादेव, प्रदीप, दिनेश, मुकेश, सिन्टी, महेन्द्रा, मन्जीत, प्रकाश, अमित, रविन्द्र पहलवान, सुरेश पहलवान, सुरेन्द्र, कालिया, मनोज, हरपाल, मोहित, बिंटू, संजय, जयदीप, राजाराम डीएसपी, डॉ. अपना राम, मॉ. नरेश, सुनील, संदीप, राकेश आदि स्वयं सेवकों का भरपूर सहयोग रहता है।

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