लिंग्याज छात्रवृत्ति प्रवेश परीक्षा:जम्मू-कश्मीर में चार करोड़ की छात्रवृत्ति योजना लांच, छात्रों के लिए मददगार साबित होगी स्कीम

फरीदाबाद3 महीने पहले
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छात्रवृत्ति स्कीम को लांच करते अतिथि। - Dainik Bhaskar
छात्रवृत्ति स्कीम को लांच करते अतिथि।
  • अतिथियों ने लिंग्याज विद्यापीठ के इस प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि यह स्कीम मेधावी छात्रों के लिए काफी मददगार साबित होगी।

लिंग्याज विद्यापीठ ने कश्मीर में कोरोना योद्धाओं, पूर्व सैनिकों के बच्चों और मेधावी छात्रों के लिए चार करोड़ की छात्रवृत्ति योजना लिंग्याज छात्रवृत्ति प्रवेश परीक्षा-22-23 (एल-सेट) ने लांच की है। इसके तहत छात्रों को लिंग्याज छात्रवृत्ति प्रवेश परीक्षा में शामिल होना होगा। स्कीम को लांच करते हुए एसएसपी सुरक्षा (कश्मीर) शेख जुल्फकार आजाद ने कहा कि छात्रों को अलग-अलग जगह पढ़ना और सीखना चाहिए। इससे छात्रों को कई तरह की भाषाओं का ज्ञान मिलेगा। इस मौके पर अतिथि के रूप में पुलिस उपाधीक्षक डॉ. हिलाल भी मौजूद थे। दोनों अतिथियों ने लिंग्याज विद्यापीठ के इस प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि यह स्कीम मेधावी छात्रों के लिए काफी मददगार साबित होगी। लिंग्यास ग्रुप के चेयरमैन डॉ. पिचेश्वर गड्डे ने यहां पत्रकारवार्ता में कहाकि उनके संस्थान ने हरियाणा और दिल्ली-एनसीआर के साथ-साथ जम्मू-कश्मीर के कोरोना योद्धाओं, पूर्व सैनिकों के बच्चों व मेधावी छात्रों को 4 करोड़ रुपए की छात्रवृत्ति को एक उपहार के रूप में दिया है। मेधावी छात्रों को इस स्कीम का लाभ उठाना चाहिए। विद्यापीठ की प्रो वाइस चांसलर प्रो. (डॉ.) जसकिरन कौर ने कहां कि इस स्कॉलरशिप को शुरू करने का उद्देश्य योग्य छात्रों की प्रतिभा की पहचान कर उन्हें पेशेवर और तकनीकी पाठ्यक्रमों में आगे बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित करना है। विश्वविद्यालय का प्रयास है कि मेधावी छात्रों को अपनी आगे की पढ़ाई पूरी करने का मौका मिल सके, इसलिए इस स्कीम को लांच किया गया है। स्टूडेंट्स के लिए यह एक पुरस्कार है, इसके माध्यम से वे अपने सपनों को पूरा कर सकते हैं। प्लेसमेंट और कॉरपोरेट रिलेशंस के उपनिदेशक विक्रांत अग्रवाल ने कहा कि विद्यापीठ से निकले कई छात्र आज उद्योगों सहित अन्य संस्थानों में उच्च और सम्मानजनक पदों कार्यरत होकर संस्थान का सम्मान बढ़ा रहे हैं। इस दौरान डॉ. गड्डे, प्रो. (डॉ.) जसकिरन कौर और विक्रांत अग्रवाल ने पत्रकारों की ओर से पूछ गए प्रश्नों के उत्तर भी दिए। लिंग्याज विद्यापीठ के कश्मीर के पूर्व छात्रों ने अपने जीवन की सुखद यादों पर चर्चा की। अंत में डॉ. गड्डे और विक्रांत ने सभी अतिथियों का धन्यवाद किया।

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