जापानी कंपनी डायकी एक्सिस के उद्घाटन पर सीएम, बोले,:हरियाणा सरकार थ्री आर, रिड्यूज, रिसाइकल व रियूज के सिद्धांत पर कर रही है काम, जनता को मिलेंगे अच्छे परिणाम

फरीदाबाद/पलवल3 महीने पहले
  • कॉपी लिंक
मुख्यमंत्री मनोहर लाल  पलवल के गांव देवली में जापानी कंपनी डायकी एक्सिस के उद्घाटन करते हुए। - Dainik Bhaskar
मुख्यमंत्री मनोहर लाल  पलवल के गांव देवली में जापानी कंपनी डायकी एक्सिस के उद्घाटन करते हुए।

हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि हरियाणा सरकार थ्री आर, रिड्यूज, रिसाइकल और रियूज के सिद्धांत पर काम कर रही है। पानी के उचित प्रबंधन के लिए ट्रीटेड वाटर पॉलिसी बनाते हुए जल संरक्षण की दिशा में सकारात्मक कदम बढ़ाए जा रहे हैं। सरकार के इस महत्वाकांक्षी सिद्धान्त में विदेशी कंपनी निवेशक बनते हुए सहयोगी बन रही हैं। मुख्यमंत्री पलवल के गांव देवली में जापानी कंपनी डायकी एक्सिस के उद्घाटन अवसर पर बोल रहे थे। उन्होंने कम्पनी के उद्घाटन उपरांत जल प्रबन्धन के लिए बनाए जा रहे उत्पादों की भी जानकारी ली। उद्घाटन अवसर पर श्री विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय दूधोला व डायकी एक्सिस कम्पनी के बीच विद्यार्थियों के कौशल निखार को लेकर एमओयू भी साइन किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में सुखद व सुरक्षित माहौल प्रदान किया जा रहा है। यही कारण है आज विदेशी निवेशकों की हरियाणा पहली पसंद बन रहा है। उन्होंने कहा कि 200 करोड़ के निवेश के साथ देवली में स्थापित किया यह संयंत्र जल संरक्षण की दिशा में भागीदार बनने के साथ ही क्षेत्र के विकास में अहम रहेगा।

5 साल में 4 हजार लोगों को रोजगार

उन्होंने बताया कि आने वाले 5 सालों में यह जापानी कंपनी करीब 4000 लोगों के लिए रोजगार मुहैया कराते हुए करीब 800 करोड़ रुपये का निवेश करेगी। उन्होंने कहा कि इज ऑफ डूइंग बिजनेस पर हरियाणा टॉप रेंक में है। यही कारण है कि आज हरियाणा प्रदेश में 28 फीसदी जापान की कम्पनी निवेशक बन रही हैं।

श्री विश्वकर्मा काैशल विश्वविद्यालय से समझौता करार करते कंपनीअधिकारी
श्री विश्वकर्मा काैशल विश्वविद्यालय से समझौता करार करते कंपनीअधिकारी

जल प्रबंधन का बेहतर प्रोजेक्
मुख्यमंत्री ने कहा कि जल प्रबंधन की दिशा में सरकार के साथ ही यह कंपनी बेहतर प्रोजेक्ट लेकर पलवल में आई है। उन्होंने कहा कि यह कम्पनी ट्रिटेड वॉटर के लिए कार्य करेगी। पानी को आज के समय में बचाना बहुत ज़रूरी है। गंदे पानी को ट्रीटमेंट कर के दोबारा इस्तेमाल किया जा सकता है। नई नई तकनीक के माध्यम से हम वॉटर ट्रीटमेंट कर के इस्तेमाल करने के कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जितना पानी हम दिल्ली को दे रहे हैं, उसका 67 प्रतिशत से ज्यादा खराब पानी हम दोबारा इस्तेमाल कर रहे हैं। ऐसे में इस कंपनी के माध्यम से भी कई प्रोजेक्ट बनाकर पानी साफ कर इस्तेमाल किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि आने वाले समय में पानी की गुणवत्ता पर पूरा फोकस सरकार का है और जल प्रबंधन के क्षेत्र में सरकार सामाजिक सहभागिता के साथ काम कर रही है। उन्होंने बताया कि माइक्रो इरिगेशन के तहत खेती करने वाल्व किसानों को सरकार की ओर से 85 प्रतिशत तक सब्सिडी दी जा रही है। डायकी एक्सिस ग्रुप जापान के चेयरमैन हिरोशी ओगमे ने कहा कि कंपनी ने 60 वर्ष पूर्व भारत में उद्योग लगाने की शुरूआत की थी। भारत और जापान के बीच निवेश को लेकर अच्छे रिश्ते हैं। उन्हें उम्मीद है कि आगे भी उन्हें सरकार का सहयोग मिलता रहेगा।
जल संशोधन में डायकी एक्सिस का योगदान सराहनीय
केंद्रीय भारी उद्योग राज्य मंत्री कृष्ण पाल गुर्जर ने कहा कि डायकी एक्सेस कंपनी द्वारा ऐसे इक्विपमेंट बनाए जाएंगे, जो बेकार पानी का शोधन करके उसे उपयोग करने के लायक बनायंगे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जापान के प्रधानमंत्री के बीच आपसी समझौता हुआ है, जिसके परिणाम स्वरूप यह उद्योग फरीदाबाद लोकसभा क्षेत्र में लगा है। उन्होंने कहा कि पूरे देश भर में पानी को रिसाइकिल करके उसे उपयोग योग्य बनाने का काम चल रहा है। भारत में भी खराब पानी को उपयोग लायक बनाने में डायकी एक्सेस प्रबंधन का अहम योगदान रहेगा। इस अवसर पर हरियाणा के परिवहन मंत्री मूल चंद शर्मा, पृथला के विधायक नयनपाल रावत, पलवल के विधायक दीपक मंगला, होडल के विधायक जगदीश नायर, मुख्यमंत्री के राजनीतिक सचिव अजय गौड़, पवन जिंदल, ओवरसीज निदेशक सीनिया टकोका, पर्यावरण मंत्रालय जापान की प्रतिनिधि नागई मिहोका, हिरोकी ऑग्मे, सीएम के मीडिया कॉर्डिनेटर मुकेश वशिष्ठ, श्री विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय के उप कुलपति डाॅ. राज नेहरू, डायकी एक्सेस के डायरेक्टर रियो वाजा, सीईओ कमल तिवारी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।