फतेहाबाद में दुष्कर्मी को 20 साल कैद:पीड़िता को 5 लाख; स्कूल जाती 9वीं की छात्रा को डरा-धमका कर ले गया था

फतेहाबाद3 महीने पहले
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प्रतीकात्मक फोटो। - Dainik Bhaskar
प्रतीकात्मक फोटो।

हरियाणा के फतेहाबाद में कक्षा 9वीं की छात्रा से दुष्कर्म के मामले में फास्ट ट्रैक कोर्ट ने युवक को दोषी करार देते हुए 20 साल कैद की सजा सुनाई है। कोर्ट ने जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को पीड़ित लड़की को 5 लाख रुपए मुआवजा देने के निर्देश भी दिए हैं। सजा सुनाते हुए जज बलवंत सिंह ने कहा कि एक नाबालिगा को एक आदमी ने हवस का शिकार बनाया है। ऐसा कार्य जिसमें पीड़िता को पता नहीं कि उसके साथ हो क्या रहा है। उसे व परिवार को इस घटना को भुलाने में लंबा समय लगेगा।

स्कूल जाते समय ले गए थे छात्रा को

फतेहाबाद क्षेत्र के एक गांव निवासी व्यक्ति ने पुलिस को बताया था कि उसकी नाबालिग बेटी कक्षा 9 में पढ़ती थी। 21 अगस्त 2018 को सुबह वह बेटी को स्कूल के लिए सरकारी बस में बैठाकर आया था। बाद में प्रिंसिपल का फोन आया कि उसकी बेटी अभी तक स्कूल नहीं पहुंची है। इस पर वह स्कूल गया तो प्रिंसिपल ने अपनी गाड़ी लेकर बस का पीछा किया। बस फतेहाबाद की ओर वापस आ रही थी। उसको रोका तो बस चालक ने बताया कि एक लड़का और एक लड़की रास्ते में उतर गए थे

4 घंटे बाद मिली थी छात्रा

वे बेटी को तलाश कर ही रहे थे कि करीब 4 घंटे बाद आरोपी युवक रमेश कुमार लड़की को गांव से बाहर छोड़कर फरार हो गया। लड़की ने परिजनों को बताया कि युवक उसे डरा धमकाकर उसका अपहरण करके साथ ले गया। युवक ने बाद में उससे दुष्कर्म किया। महिला थाना पुलिस ने आरोपी रमेश कुमार के खिलाफ 28 अगस्त 2018 को धारा 354ए, 365, 506 व पोक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज किया था। बाद में उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया।

नाबालिग लड़की से दुष्कर्म के इस मामले की सुनवाई अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश की फास्ट ट्रैक कोर्ट में चल रही थी। जज बलवंत सिंह ने मामले में सबूत और गवाहों के बयान के बाद रमेश कुमार को आईपीसी की धारा 376 (3), 354 ए व 365 के तहत दोषी करार दिया।

कोर्ट ने ये सुनाई सजा

युवक को धारा 376 में 20 साल की कैद व 5 हजार जुर्माना, 354ए में 1 साल तथा 1 हजार जुर्माना तथा 365 में 3 साल की कैद व 1 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई है। सभी सजा एक साथ चलेगी। युवक पर कुल 7 हजार रुपए जुर्माना किया गया है। कोर्ट ने जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को निर्देश दिए हैं कि वह पीड़िता को पांच लाख रुपए की राशि मुआवजे के रूप में दे।