संक्रमण का कहर:अग्रोहा कॉलेज में कोविड वार्ड के ज्यादातर बेड फुल, 199 रोगी भर्ती, 150 बेड पड़ गए कम, 50 बेड और बढ़ाए गए

अग्रोहा6 महीने पहले
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मरीजों को जगह न मिलने के कारण रेफर करना पड़ रहा है। - Dainik Bhaskar
मरीजों को जगह न मिलने के कारण रेफर करना पड़ रहा है।

कोरोना का कहर लगातार बढ़ रहा है। पूरे प्रदेश में मरीजों की संख्या कई गुना बढ़ गई है। मेडिकल कॉलेज अग्रोहा में कोरोना के केवल 150 बेडों का सेंटर है लेकिन मरीजों की हालत को देखते हुए मेडिकल की निदेशक ने बेडों की संख्या बढ़ा दी है। अब मरीजों को जगह न मिलने के कारण रेफर करना पड़ रहा है।

मेडिकल के निदेशक डॉ. गीतिका दुग्गल ने बताया कि नोडल अधिकारी एवं डीएमएस डॉ. राजीव चौहान, डाॅ. संदीप राणा के नेतृत्व में पिछले 14 महीनों से कोरोना के चिकित्सकों व स्टाफ की टीम लगातार जंग लड़ रही है।

मेडिकल कॉलेज में फरवरी माह में केवल 60 बिस्तरों का काेरोना सेंटर था। लेकिन बढ़ते हुए मरीजों की संख्या को देखते हुए इसको 90 बिस्तरों का बनाया गया। उसके बाद भी मरीजों की संख्या लगातार बढ़ती गई और स्वास्थ्य विभाग के आदेशानुसार 150 बिस्तरों का काेरोना सेंटर बनाया गया।

अब मरीजों की संख्या को देखते हुए 150 बेड भी कम पड़ गए हैं। मेडिकल सोसायटी ने 50 बेड का अलग से वार्ड बनाया है। मेडिकल में 199 कोरोना पॉजिटिव मरीज भर्ती हैं। जिनमें से डेढ़ सौ मरीज ऑक्सीजन पर रखे गए हैं। मेडिकल कॉलेज में बढ़ते मरीजों की संख्या को देखते हुए ऑक्सीजन की कमी पड़ सकती है।

ऑक्सीजन की कमी को देखते हुए मेडिकल कॉलेज में कोरोना के मरीजों की भर्ती पर रोक लगा दी गई है। मेडिकल में मरीजों की संख्या को देखते हुए ऑक्सीजन का संकट आ सकता है। मेडिकल काॅलेज अग्रोहा को ओपी जिंदल ग्रुप द्वारा हर रोज 5000 लीटर ऑक्सीजन मरीजों के उपचार के लिए अवेलेबल कराई जा रही है। मेडिकल कॉलेज में 10000 लीटर का ऑक्सीजन प्लांट लगाया है। इसके अलावा 200 ऑक्सीजन सिलेंडर भी उपलब्ध है।

मेडिकल के नोडल अधिकारी डॉ. राजीव चौहान ने बताया कि गुरुवार को 13 कोरोना पॉजिटिव मरीजों की उपचार के दौरान मौत हो गई। जिन्हें स्वास्थ्य विभाग के प्रोटोकॉल अनुसार शवों को सौंप दिया है और स्वास्थ विभाग की टीम ने नियमानुसार दाह संस्कार करवा दिया गया है। उन्होंने बताया कि ड्यूटी के दौरान दर्जनों चिकित्सक व स्टाफ भी करोना पॉजिटिव आ चुके हैं।

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