स्टाफ बढ़ाने की मांग:एक अध्यापक के जिम्मे 94 बच्चों की पढ़ाई

बलियाला10 दिन पहले
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गांव बोड़ा के राजकीय प्राथमिक स्कूल में अध्यापकों का अभाव होने से बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। स्कूल में पिछले साल नवंबर में कुल चार अध्यापकों में से तीन अध्यापकों के तबादले हो जाने के बाद अब एक ही अध्यापक स्कूल के 94 बच्चों को पढ़ा रहा है।

गांव बोड़ा के राजकीय स्कूल में पहली कक्षा में 14, दूसरी कक्षा में 22, तीसरी कक्षा में 27, चौथी कक्षा में 18 व पांचवी कक्षा में 13 सहित कुल 94 बच्चे शिक्षा ग्रहण करने के लिए आते हैं।स्कूल में साल भर से ही एक अध्यापक नियुक्त है। गांव के कुलदीप, गुरदित, रुप चंद, राजपाल, सतपाल, बाबू लाल, जोगिंद्र कुमार, राजकुमार आदि ग्रामीणों ने बताया कि दो साल तक कोरोना काल के चलते अधिकांश समय तक स्कूल बंद रहे।

जिस कारण बच्चों की पढ़ाई बुरी तरह से प्रभावित हुई। अब मुश्किल से स्कूल खुले हैं, लेकिन उनके गांव के स्कूल में अध्यापकों की कमी के कारण बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। ग्रामीणों का कहना है कि स्कूल में पहली से लेकर पांचवी कक्षा तक सौ के करीब बच्चे हैं लेकिन उन्हें पढ़ाने के लिए एक ही अध्यापक है ऐसे में बच्चों की पढ़ाई कैसे हो पाएगी।

हालांकि स्कूल में तैनात अध्यापक द्वारा सभी बच्चों की पढ़ाई की पूरी कोशिश की जाती है लेकिन उक्त अध्यापक पर अन्य कागजी कार्य निपटाने की जिम्मेवारी होने व बच्चे अधिक होने से उनकी पढ़ाई खराब हो रही है। ग्रामीणों ने मांग की है कि बोड़ा के राजकीय प्राथमिक स्कूल में कम से कम 3 और अध्यापकों की जल्द से जल्द नियुक्ति की जाए ताकि बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न हो।

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