ग्रामीण परेशान:फिरनी पर नाला तो बना दिया, लेवल सही नहीं होने से गंदा पानी भर रहा गली में,

बौंदकलां13 दिन पहले
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  • इंटरलॉकिंग टाइलों से गलियां पक्की तो हो गईं लेकिन पानी भरने से चलने लायक नहीं

सरकार के विकास के दावों को ये तस्वीर बखूबी बयां कर रही है। वैसे तो कस्बे की फिरनी को जोड़ने वाली यह गली इंटरलॉकिंग ईंटों की बनी हुई है। लेकिन गंदा पानी भरने से लोगों को कीचड़ से होकर निकलना पड़ता है। कस्बे के वार्ड नंबर 20 की यह इंटरलॉकिंग की गली फिरनी पर महाराणा प्रताप सीनियर सेकेंडरी स्कूल के पास जाकर मिलती है। गली में गंदे पानी की निकासी की कोई व्यवस्था नहीं है। गंदा पानी भरने से गली में कीचड़ फैलने से फिसलन बनी हुई है। बुजुर्गों और महिलाओं के निकलने की दूर की बात है।

यहां से निकलने के लिए युवाओं को भी परेशानी का सामना करना पड़ता है। ग्रामीण लेक्चरर तेजपाल सिंह, अजय पहलवान, कालू, मंजीत, पेमू और राजू दुकानदार ने बताया कि गंदे पानी की निकासी नहीं होने से गंदा पानी बीच रास्ते में भरने से कीचड़ बना हुआ है। गली से निकलने के लिए ग्रामीणों को परेशानी उठानी पड़ती है। रात के समय तो यहां से निकलना ओर भी परेशानी भरा है।

घरों के सामने गंदगी से फैल सकती है बीमारी
प्रदेश सरकार और केंद्र सरकार एक ओर तो स्वच्छता अभियान चला रही है वहीं दूसरी ओर ग्रामीण क्षेत्रों में घरों से निकलने वाले गंदे पानी की निकासी को लेकर कोई प्लानिंग नहीं होने से आम रास्तों से निकलना मुश्किल बना हुआ है। ग्रामीणों ने कहा कि सरकार को ग्रामीणों की समस्या को देखते हुए गंदे पानी की व्यवस्था करनी चाहिए। इसके साथ ही गंदे पानी और गंदगी से बीमारियों के फैलने की भी संभावना बनी हुई है।

यह हो सकता है समाधान
ग्रामीणों के अनुसार यह समस्या पिछले 3 साल से बनी हुई है। फिरनी का निर्माण महाराणा प्रताप सीनियर सेकेंडरी स्कूल तक किया गया था। इसके दूसरी ओर गंदे पानी की निकासी के लिए नाले का निर्माण करते समय इसका लेवल उंचा करने से इस गली का गंदा पानी नाले में नहीं जा पाता है। नाले का लेवल ठीक करने पर निकासी की जा सकती है। इसके अलावा दूसरा विकल्प डोभी तालाब में गंदे पानी की निकासी की व्यवस्था करने से हो सकती है।

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