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  • Auspicious Time Will Be From 11:45 To 12:25 In The Morning And From 1:10 To 3:21 In The Afternoon, Sisters Wish Their Brother Long Life By Applying Tilak

भैया दूज आज:सुबह 11:45 से 12:25 और दोपहर 1:10 से 3:21 तक रहेगा शुभ मुहूर्त, बहनें अपने भाई को तिलक लगाकर उसकी लंबी उम्र की करती हैं मनोकामना

भिवानी22 दिन पहले
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कार्तिक महीने के शुक्लपक्ष की द्वितीया यानी दीपावली के दूसरे दिन भाई दूज मनाया जाता है। इसे यम द्वितीया भी कहते हैं। इस बार ये शनिवार यानी 6 नवंबर को है।

पुराणों के अनुसार इस दिन भगवान यम अपनी बहन यमुना से मिलने आए थे। तब से इस पर्व की परंपरा शुरू हुई है। इस दिन बहनें अपने भाई के मस्तक पर टीका लगाकर उसकी लंबी उम्र की मनोकामना करती है। माना जाता है ऐसा करने से यमराज उन भाई-बहनों के कष्ट दूर कर देते हैं। इस बार भाईदूज के पर्व के लिए सुबह 11:45 से 12:25 तक और दोपहर 1:10 से 3:21 तक शुभ मुहूर्त के लिए सर्वोत्तम समय है।

ज्योतिर्विद पं. कृष्ण कुमार शर्मा नावां ने बताया कि पौराणिक मान्यतानुसार इस पर्व की शुरूआत परमपिता ब्रह्माजी की आज्ञानुसार सूर्य और संध्या के पुत्र मृत्यु के देवता राजा यम को प्रसन्न करने के लिए उनकी बहन यमी (यमुना) द्वारा की गई थी।

उन्होंने बताया कि यमी के निमंत्रण पर यम ने अपनी बहन के घर जाकर भोजन किया और उनके आदर सत्कार से प्रसन्न हो, उन्हें उपहार व शगुन दिया तथा यह वर दिया कि जो भाई इस दिन बहन के यहां उसके हाथ का बना भोजन ग्रहण करेगा उसे सुख समृद्धि की प्राप्ति होगी। तभी से भैया दूज वाले दिन भाई अपनी बहन के घर जाकर भोजन करते हैं और बहन अपने भाई को खोपरा व मिश्री आदि देकर विदा करती हैं और भाई भी शगुन के तौर पर उपहार व मिठाई देकर बहन के लिए मंगलकामना करते हैं। उन्होंने बताया कि इस दिन विवाहित महिलाएं अपने भाइयों को घर पर आमंत्रित कर उन्‍हें तिलक लगाकर भोजन कराती हैं। वहीं, एक ही घर में रहने वाले भाई-बहन इस दिन साथ बैठकर खाना खाते हैं। मान्यता है कि भाई दूज के दिन अगर भाई-बहन बैठकर साथ में भोजन करें तो यह अत्यंत मंगलकारी और कल्याणकारी होता है।

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