भिवानी में पहाड़ दरकने की INSIDE STORY:60 डिग्री एंगल देने की बजाय ठेकेदारों ने सीधा काटा पहाड़, बाकी हिस्सा कमजोर होकर मजदूरों पर गिरा

भिवानी6 महीने पहलेलेखक: रमनदीप
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डाडम में पहाड़ दरकने के हादसे में नियमों की खुलकर अनदेखी सामने आ रही है। पहाड़ चोटी की ओर से 60 डिग्री के एंगल से खनन किया जाना था, लेकिन कंपनी ने ऐसा न कर पहाड़ को सीधा दीवार की तरह 600 फीट गहराई में काट दिया। इससे पहाड़ का बाकी हिस्सा कमजोर होकर मजदूरों पर आ गिरा। अभी कोई भी अधिकारी इस संबंध में खुलकर नहीं बोल रहा है।

सबसे महत्वपूर्ण बात है कि प्रतिबंध के कारण बंद खनन के लिए 5 दिन पहले ही डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ माइन सेफ्टी की NOC जारी हुई थी। डाडम क्षेत्र में करीबन 50 एकड़ में फैले पहाड़ को तोड़ने के अनुमति खनन विभाग ने जारी की। डाडम पहाड़ के चारों ओर का क्षेत्र अरावली शृंखला में है और वहां खनन पर रोक है। प्रदूषण के कारण डाडम एरिया में दो महीने से खनन पर रोक थी। तीन दिन पहले ही NOC जारी होने के बाद यहां खनन कार्य शुरू हुआ था और दूसरे ही दिन हादसा हो गया।

सतह से 400 फीट नीचे तक कर दी खुदाई
नियम के अनुसार पहाड़ पर खनन के दौरान चोटी से खुदाई से शुरू होनी चाहिए थी। खनन विभाग के सूत्रों के अनुसार बेड तकनीक यानी 60 डिग्री के एंगल पर नीचे उतरते हुए खुदाई की जानी चाहिए थी, ताकि किसी प्रकार के हादसे की संभावना न रहे। खनन कंपनी ने नियमों की अनदेखी कर पहाड़ को एक साइड सीधे दीवार की तरह खड़े तोड़ना शुरू कर दिया। इतना ही नहीं खनन कंपनी ने जमीन पहाड़ की सतह से करीब 400 फीट से नीचे तक खोद डाला। साइड से नीचे की मजबूती हट जाने के कारण पहाड़ का कमजोर हिस्सा शनिवार को गिर गया।

DGMS गाजियाबाद ने 5 दिन पहले दी थी NOC
केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्रालय के तहत आने वाले डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ माइन सेफ्टी (DGMS) ने 5 दिन पहले खानक-डाडम पहाड़ एरिया का दौरा किया था। टीम ने जांच के बाद यहां सब कुछ ठीक पाया और खनन के लिए NOC दी थी। शनिवार को यहां हादसा हो गया। अब इस मामले की जांच भी DGMS की टीम ही करेगी।

40 साल से धड़ल्ले से हो रहा खनन
भिवानी जिला के डाडम खनन क्षेत्र में निर्धारित मापदंडों की अनदेखी कर खनन कंपनी ने इस बड़े हादसे को न्यौता दिया गया। डाडम क्षेत्र में पिछले 40 साल के दौरान धड़ल्ले से खनन कार्य हो रहा है। लीज पर ली खदान को स्तह से नीचे 300 से 500 फीट गहराई तक खोद दिया। सभी राजनीतिक दलों ने सरकार में रहते खनन कार्य में अनियमितताओं की ओर से आंखें मूंद रखीं। अभी तक यहां कोई बड़ी कार्रवाई सामने नहीं आई है।

10 नवंबर से बंद था खनन कार्य
प्रदूषण बढ़ने के कारण 10 नवंबर से डाडम सहित पूरे NCR रीजन में खनन कार्य बंद था। दिसंबर में सर्दी बढ़ने पर प्रदूषण कम हुआ तो NGT की बैठकें हुईं, लेकिन पहाड़ को निरंतर एयर क्वालिटी न सुधरने के कारण बंद रखा गया। पहाड़ खनन से जुड़े ठेकेदार, मजदूर और अन्य लोगों ने जिला प्रशासन को ज्ञापन देकर खनन कार्य शुरू करने की मांग रखी। एयर क्वालिटी सुधरने पर काम फिर से शुरू हुआ। 50 दिन बाद 30 दिसंबर की रात खनन की अनुमति जारी हुई। खनन कार्य शुरू होने के 24 घंटे के भीतर ही हादसा हो गया।

खनन कंपनी पर गांव विकास फंड अभी भी बकाया
डाडम पहाड़ में खनन का ठेका यमुनानगर की गोवर्धन माइन्स कंपनी के पास है। कंपनी को हर महीने सरकार को 9 करोड़ की किस्त जमा करवानी होती है। कुल खनन की 10% राशि डाडम गांव के वेलफेयर पर खर्च करनी होती है। सूत्रों की मानें तो खनन कंपनी पर 9 किस्तों का पैसा और गांव के विकास फंड की राशि समेत करीबन 80 करोड़ रुपये अभी तक जमा नहीं करवाएं हैं।