गले की फांस:षड्यंत्र रच किसानों की जमीन उद्योपतियों को देना चाहती है भाजपा सरकार- राकेश

भिवानी2 महीने पहले
  • कॉपी लिंक
  • निमड़ीवाली धरने को मजबूत करने के लिए महिलाएं भी उतरी मैदान में

एक तरफ जहां पिछले आठ माह से बॉर्डरों पर चल रहा किसान आंदोलन देश का सबसे बड़ा मुद्दा बनते हुए सरकार के गले की फांस बना हुआ है। दूसरी तरफ हरियाणा बिजली वितरण निगम द्वारा बिना मुआवजा दिए खेतों में जबरदस्ती टावर लगाने के बाद गांव निमड़ीवाली के किसानों का गुस्सा भी सातवें आसमान पर है। गांव निमड़ीवाली के किसानों के धरने को मजबूत करने के लिए महिलाएं भी मैदान में उतर आई है। धरने पर पहुंची महिलाओं ने चेतावनी दी है कि यदि सोमवार तक उनकी मांगें नहीं मानी गई तो वे भी क्रमिक अनशन पर बैठेंगी।

बिना मुआवजा दिए खेतों में टावर लगाए जा रहे हैं जिसके विरोध में गांव निमड़ीवाली में किसानों का धरना 52 दिन से जारी है। 12 दिन से किसान राकेश आर्य, वीरभान गिल व करतार गिल आमरण अनशन पर बैठे हुए हैं। शनिवार को धरने की अध्यक्षता कुलबीर शास्त्री, बलजीत गहलावत, अनिल जांगड़ा, रघुवीर गिल, राजकुमार सिंहमार, जोरा सिंह प्रजापत, हंशा गुलिया व राजेंद्र सिंह डोहकी ने संयुक्त रूप से की। भाकियू दादरी के जिला महासचिव राजकुमार हड़ौदी ने धरने को समर्थन दिया। शनिवार को भाकियू राष्ट्रीय अध्यक्ष गुरनाम सिंह चंढूनी ने फोन के माध्यम से किसानों का हालचाल जाना तथा कहा कि प्रदेशभर का किसान गांव निमड़ीवाली के किसानों के साथ है तथा जरूरत पड़ी तो वे भी धरनास्थल पर पहुंचने को तैयार है। भाकियू जिलाध्यक्ष राकेश आर्य ने कहा कि सरकार व प्रशासन षड़यंत्र के तहत किसानों की जमीन पर उद्योगपतियों का कब्जा करवाना चाहती है, जिस मनसूबे को किसान कभी भी पूरा नहीं होने देंगे।

खबरें और भी हैं...