डेवेलपमेंट:शहरवासियों को इस बार बारिश में नहीं झेलना पड़ेगा जलभराव, अमरुत योजना का 90 फीसदी काम पूरा

भिवानी9 महीने पहले
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बीटीएम रोड पर पार्क कॉलोनी मोड के पास चल रहा अमरूत प्राेजेक्ट कार्य। - Dainik Bhaskar
बीटीएम रोड पर पार्क कॉलोनी मोड के पास चल रहा अमरूत प्राेजेक्ट कार्य।
  • पाइप लाइन दबाने के चलते वैश्य कॉलेज के सामने से बीटीएम चौक की ओर जाने वाले मार्ग को किया बंद

अमरुत योजना के तहत स्ट्राॅम वाटर निकासी की पाइप लाइन दबाने के चलते वैश्य कॉलेज के सामने से बीटीएम चौक की तरफ जाने वाले मार्ग को बंद कर दिया गया है। डेडलाइन नजदीक आती देख काम कर रही है एजेंसी ने कार्यों को और तेज गति से करना शुरू कर दिया है। 31 मार्च तक योजना से संबंधित स्ट्राॅम वाटर, सीवर व पेयजल से संबंधित कार्यों को पूरा किया जाना है।

खास बात यह है कि इस बार बारिश के समय नगरवासियों को जलभराव की स्थिति का सामना नहीं करना पड़ेगा। 27 दिसंबर 2018 को शहर में अमरुत योजना के तहत स्ट्रॉम वाटर निवासी, सीवर लाइन व पेयजल लाइन डालने के कार्य शुरू हुए थे।

आरंभ में योजना के तहत 63 करोड़ की राशि खर्च की जानी थी लेकिन पिछले वर्ष इसे बढ़कर 78 करोड़ कर दिया गया था। इसमें जनस्वास्थ्य विभाग के दो पुराने क्षतिग्रस्त हो चुके वाटर टैंकों के स्थान पर नए टैंकों का निर्माण शुरू किया गया। अभी 10 प्रतिशत से अधिक कार्य शेष है।

ये कार्य हैं अभी शेष

  • बीटीएम चौक से वैश्य कॉलेज के नजदीक बने वाटर बूस्टर से स्ट्रॉम वाटर लाइन दबाने।
  • संजय मैमोरियल कॉलेज के पास पाइप लाइन दबाने।
  • टीआईटी क्षेत्र में पाइप लाइन दबाने।
  • योजना के तहत स्ट्रॉम वाटर निकासी के लिए बनाए गए वाटर बूस्टिंग स्टेशनों के कनेक्शन जोड़ने।
  • पुराने जलघर में निर्माणाधीन दो वाटर टैंकों का निर्माण।
  • लाइन दबाने के लिए खोदी गई सड़कों का पुन निर्माण करवाने आदि।

पानी निकासी की क्षमता 90 से बढ़कर 150 क्यूबिक फुट प्रति सेकेंड हो जाएगी

स्ट्रॉम वाटर निकासी का कार्य पूरा होने से इस बार शहर में बारिश के मौसम में जलभराव की स्थिति पैदा नहीं होगी। क्योंकि अमरुत योजना के तहत अकेले स्ट्रॉम वाटर निकासी पर 40 करोड़ की राशि खर्च की जा रही है। इससे पानी निकासी की क्षमता 90 से बढ़कर 150 क्यूबिक फुट प्रति सेकेंड हो जाएगी।

शहर में बरसाती और सीवर के पानी की निकासी के लिए 13 पंपिंग व बूस्टिंग स्टेशन हैं, इनमें 7 बूस्टिंग स्टेशन और 6 वाटर पंपिंग स्टेशन हैं। जिनसे 90 क्यूबिक फुट पानी प्रति सेकंड निकाला जा सकता है। सदर थाना के पास से हांसी रोड क्षेत्र से पाइप लाइन के माध्यम से पानी प्रेमनगर के पास स्थित ड्रेन में डाला जाएगा।

बीटीएम चौक क्षेत्र में पाइप लाइन दबाने का कार्य तेज, टू-व्हीलर वाहन ही गुजर सकते हैं

बीटीएम चौक से वैश्य कॉलेज के नजदीक बने वाटर बूस्टर तक स्ट्रॉम वाटर लाइन दबाने का कार्य शुरू कर दिया गया है। इसके लिए वैश्य कॉलेज के सामने से बीटीएम चौक की तरफ जाने वाले मार्ग को बंद कर दिया गया है। इसके चलते यहां से केवल टू-व्हीलर वाहन ही गुजर सकते हैं। फोर व्हीलर वाहनों को घंटाघर होते हुए हांसी गेट से हांसी रोड पर निकाला जा रहा है।

जबकि बीटीएम चौक से वैश्य कॉलेज की तरफ आने वाले फोर व्हीलर वाहन हांसी रोड से हांसी गेट, घंटाघर होते हुए रेलवे रोड, तोशाम रोड तक पहुंच सकते हैं। इसके अलावा तोशाम बाइपास से हांसी रोड जाने वाले भारी वाहन अब खरकड़ी फाटक से होते हुए हांसी रोड तक पहुंच सकते हैं, क्योंकि लोहारू रोड से हांसी रोड को जोड़ने वाले तोशाम बाइपास रोड स्थित डब्बल रेलवे फाटक पर ओवर ब्रिज के निर्माण के चलते यह मार्ग बंद है।

डेढ़ लाख की आबादी को मिलेगा लाभ

स्ट्रॉम वाटर निकासी से शहर की लगभग डेढ़ लाख के आबादी क्षेत्र को सीधे रूप से लाभ मिलेगा। क्योंकि बारिश के दिनों में उनके घरों के सामने गलियों, सड़काें व शहर के चौराहों पर पानी जमा नहीं होने पाएगा। इसके अलावा हजारों राहगीर वाहन चालकों को भी शहर की सड़कों पर पानी जमा न होने से परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा। इसके अतिरिक्त सड़कों पर ज्यादा समय तक पानी जमा न होने से सड़क मार्गों के समय से पहले क्षतिग्रस्त होने की आशंका कम होगी।

31 मार्च तक पूरा कर लिया जाएगा कार्य: सुमित खेमका

निर्माण एजेंसी अधिकारी सुमित खेमका ने बताया कि 31 मार्च तक योजना के तहत कार्य पूरा करना है। 90 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। तीन स्थानों पर पाइप लाइन दबाने का कार्य शेष है जो तेज गति से चल रहा है। इसे 31 मार्च तक पूरा कर लिया जाएगा।

कुछ कार्य योजना में बाद में जोड़े गए थे। वह कार्य पूरे होने में 31 मार्च के बाद कुछ दिन का समय और लग सकता है। मुख्य कार्य स्ट्रॉम वाटर निकासी है जिसे 31 मार्च से पहले पूरा कर लिया जाएगा।

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