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  • DAP Is Not Available At IFFCO And Hafed Procurement Centers In The District, Racks Installed, Expected To Reach Private Shops Of Fertilizers And Seeds By Tomorrow

डीएपी की किल्लत:जिले में इफकाे और हैफेड खरीद केंद्र पर नहीं मिल रही डीएपी, रैक लगा, कल तक खाद-बीज की निजी दुकानों पर पहुंचने की उम्मीद

भिवानी2 महीने पहले
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  • कृषि एवं किसान कल्याण विभाग ने किसानाें से की सरसों की बिजाई में सिंगल सुपर फास्फेट का प्रयोग करने की अपील

जिले में बनी डीएपी की किल्लत के चलते कृषि एवं किसान कल्याण विभाग ने किसानाें से सरसों की बिजाई में सिंगल सुपर फास्फेट का प्रयोग करने का आह्वान किया है। ताकि सरसाें बिजाई करने वाले किसानाें काे डीएपी की किल्लत का सामना न करना पड़े।

गुुरुवार काे अनाज मंडी स्थित इफकाे व हैफेड के सरकारी खाद केंद्राें पर डीएपी नहीं पहुंची। हालांकि डीएपी के इंतजार में किसान घंटाें तक इफकाे केंद्र के बाहर बैठे रहे। लेकिन उम्मीद जताई जा रही है कि अगले एक-दाे दिन में प्राइवेट खाद-बीज विक्रेताओं की दुकानाें में भी डीएपी पहुंच जाएगी।

जिले में डीएपी काे लेकर किसानाें काे भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। किसानाें काे चार से पांच दिन मंडी के चक्कर लगाने के बाद ही खाद मिल पा रही है। अनाज मंडी स्थित सरकारी खाद-बीज केंद्र इफकाे व हैफेड में प्रतिदिन 250 से 300 बैग डीएपी पहुंचती है। जिसे 80 से 100 किसानाें काे ही वितरित किया जाता है। प्रत्येक किसान काे पांच से तीन बैग तक उपलब्ध करवाए जा रहे हैं।

अधिकतर किसान सुबह 10 से 11 बजे के बीच खाद लेने मंडी पहुंचते हैं ताे डीएपी खत्म हाे चुकी हाेती है। गुरुवार काे किसानाें काे बताया गया कि इफकाे केंद्र में खाद पहुंच सकती है। इसके कारण दर्जनाें किसान खाद के इंतजार में मंडी में बैठे रहे। लेकिन अधिकतर किसानाें काे खाद नहीं मिली।

खाद्य तेलों की आपूर्ति पूरी करने के लिए सरसों की पैदावार को बढ़ाना जरूरी

कृषि एवं किसान कल्याण विभाग की ओर से सरसों की बिजाई में सिंगल सुपर फास्फेट का प्रयोग करने का आह्वान किया है। कृषि विभाग के उप निदेशक डॉ. आत्मा राम गोदारा ने कहा है कि सरसों भिवानी जिले की रबी सीजन की मुख्य फसल है। खाद्य तेलों की आपूर्ति को पूरा करने के लिए सरसों की पैदावार को बढ़ाया जाना अति आवश्यक है। सरसों की बिजाई का सही समय 25 अक्टूबर तक है।

जानिए... सरसों की फसल की अधिक पैदावार लेने के लिए किसान कितनी मात्रा में करे खाद का प्रयोग

  • अधिकारी ने बताया कि सरसों फसल की अधिक पैदावार लेने के लिए किसान संतुलित मात्रा में खाद का प्रयोग करें। सरसों में कुल 70 किलोग्राम यूरिया, 25 किलोग्राम डीएपी या 75 किलोग्राम एसएसपी, 14 किलोग्राम एमओपी व 10 किलोग्राम जिंक सल्फेट की आवश्यकता होती है। बिजाई के समय सिंचित अवस्था में सारी फास्फोरस, पोटाश तथा जिंक सल्फेट और आधी नाइट्रोजन बिजाई से तुरंत पहले डाले और शेष नाइट्रोजन की मात्रा पहले पानी के साथ डालेें।
  • फसल में फास्फोरस तथा गंधक की आवश्यकता पूर्ति करने के लिए सिंगल सुपर फास्फेट का प्रयोग करें क्योंकि इसमें 12 प्रतिशत गंधक होती है। अगर फास्फोरस की पूर्ति के लिए डीएपी का प्रयोग करना है तो उसमें 2 कट्टे (100 किलोग्राम) जिप्सम प्रति एकड़ की दर से बिजाई से पहले की जुताई के समय या बिजाई पूर्व सिंचाई के समय दें। जिससे की सरसों की फसल तेल की मात्रा बढ़ाई जा सके।
  • नाइट्रोजन, फास्फोरस व पोटाश की पूर्ति करने के लिए एनपीके का प्रयोग करे ताकि फसल को आवश्यक तीनों तत्वों की पूर्ति हो सके।

प्राइवेट दुकानाें से भी डीएपी खरीद सकेंगे किसान

बताया जा रहा है कि प्राइवेट खाद-बीज विक्रेताओं के लिए डीएपी का रेक लगा है और उम्मीद है कि शुक्रवार या शनिवार काे प्राइवेट दुकानदारों के पास पर्याप्त संख्या में डीएपी पहुंच जाएंगी। इसके बाद किसान सरकारी केंद्राें के अलावा प्राइवेट दुकानाें से भी डीएपी खरीद सकेंगे। इससे उम्मीद है कि जल्द ही डीएपी की किल्लत दूर हाेगी।

इसलिए बनी किल्लत

  • किसान सरसाें के साथ गेहूं की बिजाई के लिए भी डीएपी खरीद रहे हैं। ताकि उन्हें अपने वाहन लेकर दोबारा मंडी में न आना पड़े।
  • किसानाें काे आशंका है कि कही खाद के दाम बढ़ न जाए। इसलिए भी किसान गेहूं की बिजाई के लिए डीएसपी की खरीद कर रहे हैं।
  • प्राइवेट दुकानदारों के पास भी डीएपी के बैग पहुंचे है। लेकिन खाद के साथ बीज व कीटनाशक खरीदने की शर्त के कारण किसान सरकारी केंद्राें पर ही खाद लेने उमड़ रहे हैं।​​​​​​
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