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कृषि कानून:हांसी महापंचायत में पहुंचे जिले के किसानों का ऐलान,125 किसानों पर दर्ज मामले हों रद्द, संयुक्त मोर्चा की कॉल पर ही अब अगला कदम उठाएंगे

भिवानी2 महीने पहले
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रेस्ट हाउस के सामने कृषि कानून वापस लेने की घाेषणा के बाद एक-दूसरे काे मिठाई खिलाकर खुशी मनातीं महिला किसान।  - Dainik Bhaskar
रेस्ट हाउस के सामने कृषि कानून वापस लेने की घाेषणा के बाद एक-दूसरे काे मिठाई खिलाकर खुशी मनातीं महिला किसान। 
  • कृषि कानून रद्द होने पर कितलाना टोल पर धरने के328वें दिन किसानों ने एक दूसरे को दी बधाई, एमएसपी की कानूनी गारंटी देने की उठाई मांग
  • तीन कृषि कानून वापस लेने की सरकार की घाेषणा के बाद जिले में कितलाना टाेल सहित शहर में तीन जगहों पर मना जश्न, बांटी मिठाई

सरकार के तीन कृषि कानून वापस लेने की घाेषणा के बाद जिलेभर में किसानाें की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। कितलाना टाेल पर किसान नेताओं व किसानाें ने खुशी मनाई और एक-दूसरे काे मिठाई खिलाकर बधाई दी जिससे कितलाना टाेल धरने का नजारा शुक्रवार काे पूरी तरह से बदला बदला नजर आया। किसान नेताओं ने इसे किसानाें के संघर्ष की जीत बताया और शांति पूर्ण रूप से एक साल से चल रहे आंदाेलन के लिए किसानाें के हाैसले की सराहना भी की।

तीन कृषि कानून वापस लेने की सरकार की घाेषणा के बाद जिले में कितलाना टाेल, खरकड़ी, मुंढाल व ताेशाम में चल रहे धरनाें पर अनेक किसान नेता व किसान पहुंचे। कितलाना टाेल पर 500 से ज्यादा किसान पहुंचेे। शहर में दो स्थानाें पर किसानाें ने जश्न मनाया। किसान नेता नरसिंह डीपी, ताराचंद, सुभाष यादव, रामफल देशवाल कितलाना टाेल धरने पर पहुंचे और जीत पर एक-दूसरे काे लड्डू खिलाकर खुशी मनाई। शहर में हांसी राेड स्थित रेस्ट हाउस के सामने भी किसान नेताओं ने जश्न मनाया।

किसान नेता गंगाराम श्याेराण, ओमप्रकाश, प्रधान कमल, बलबीर बजाड़, सुशीला देवी धनाना, उपासना, नरेंद्र धनाना, बलवान आदि ने मिठाई वितरित कर तीन कृषि कानून वापस हाेने पर खुशी जताई। इंप्रूमेंट ट्रस्ट मार्केट में किसान नेता कमल सिंह प्रधान, देशमुख दादरवाल, सुरेंद्र टिटानी, महाबीर लंबाेरिया, अजमेर खासा समेत अनेक किसान नेताओं ने खुशी जताई। किसानाें ने रस्सगुल्ले, जलेबी व लड्डू बाटकर खुशी का इजहार किया।

इस तरह किसानाें ने आंदाेलन काे किया तेज

  • इसके अलावा विपक्ष के नेता एवं पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा व सांसद दिपेंद्र हुड्डा तीन बार कितलाना टाेल पर पहुंचे। कांग्रेस की वरिष्ठ नेता कुमारी सैलजा ने भी टाेल पर किसानाें काे संबाेधित किया था। इसके अलावा पूर्व मंत्री व विधायक किरण चौधरी, पूर्व सांसद श्रुति चौधरी, पूर्व मुख्यमंत्री ओमप्रकाश चाैटाला, अभय सिंह चाैटाला भी धरने पर पहुंच चुके हैैं।
  • भारतीय किसान यूनियन के युवा प्रदेश अध्यक्ष रवि आजाद ने कृषि कानूनी वापस लेने काे लेकर शहर में ट्रैक्टर रैली निकाली थी। किसान संयुक्त माेर्चा के आह्वान पर तीन बार सड़क मार्गाें काे जाम भी कर चुके हैं। प्रधानमंत्री काे जगाने व कृषि कानूनाें काे वापस लेने के लिए किसानाें ने धरना स्थल पर थाली-चम्मच भी बजाई थी। पिछले लगभग एक साल से भिवानी-दादरी राेड पर कितलाना टाेल बंद है।
  • चार महीनाें से किसान जिले में कृषि मंत्री व भाजपा नेताओं के कार्यक्रमाें का विराेध कर रहे हैं। किसान बेरिकेड्स ताेड़कर कृषि मंत्री के आदर्श महाविद्यालय में चल रहे कार्यक्रम के बाहर तक पहुंच गए थे। तीन बार कृषि मंत्री का विराेध करने पर किसानाें काे हिरासत में भी लिया गया था। किसानाें द्वारा अभी भी कार्यक्रमाें का विराेध जारी है।
  • शुक्रवार काे तीनाें कानून वापस लेने पर जिलेभर में किसान संघर्ष की जीत पर एक दूसरे काे बधाई देते दिखाई दिए।

आंदाेलन से ये हुआ नुकसान

  • किसान आंदोलन के कारण जिले के आम लोगों काे कई बार किसानाें द्वारा रास्ते बंद करने से आवागमन में भारी परेशानी हुई।
  • आंदाेलन के दाैरान किसानाें की भीड़ से काेराेना संक्रमण का भी अंदेशा बना रहा।
  • आंदाेलन के चलते किसानाें काे किसानी के दाैरान अनेक परेशानियां हुई। आंदाेलन में शामिल अनेक किसान फसलाें की देरी से बिजाई कर पाए।
  • किसान आंदाेलन के कारण रास्ते रूकने से कारोबारियों को काफी नुकसान हुआ। रेलसेवा व परिवहन सेवा बाधित रहने से व्यापारियाें काे दिल्ली से माल लाने में परेशानी हुई लेकिन अन्य रास्ताें की व्यवस्था हाेने से व्यापारिक गतिविधियां सुचारू हाे गई थी।
  • टाेल बंद रहने से सरकार काे प्रति माह लगभग 20 लाख रुपये का नुकसान हुआ।

इस तरह सालभर चला आंदाेलन

जब आंदाेलन शुरू हुआ ताे जिले के अनेक किसान अपने-अपने क्षेत्र में धरने पर बैठ गए थे। दिल्ली बाॅर्डर पर धरना शुरू हुआ ताे जिले के किसान ट्रैक्टराें के काफिले के साथ दिल्ली धरने पर पहुंचे और समय-समय पर भाेजन सामग्री भी पहुंची। इसके बाद भिवानी व दादरी जिले के किसानाें का संयुक्त रूप से धरना कितलाना टाेल पर शुरू हुआ। इसके अलावा खरकड़ी, ताेशाम व मुंढाल में धरने जारी रहे। कितलाना टाेल पर संयुक्त किसान माेर्चा के नेता राकेश टिकैत व किसान नेता चढूनी भी पहुंचे थे और किसानाें का हौसला बढ़ाया था। पंजाब से किसान नेता बलबीर सिंह राजेवाल, दर्शनपाल, युद्धवीर सिंह भी टाेल पर पहुंचे थे।

जानिए...क्या कहना है किसान नेताओं का

किसान नेता कमल सिंह, गंगाराम श्याेराण, ओमप्रकाश ने बताया कि यह किसानाें के संघर्ष की जीत है। किसानाें ने प्रधानमंत्री काे भी गलत फैसले काे वापस लेने के लिए मजबूर कर दिया। कमल सिंह प्रधान ने तीन कृषि कानून वापस लेने का स्वागत किया। उन्हाेंने कहा कि एमएसपी की गारंटी व आंदाेलन में मारे गए किसानाें काे शहीद का दर्जा देने और जिले में लगभग 125 किसानाें के खिलाफ दर्ज मामलों को रद्द करने की मांग की। साथ ही उन्हाेंने बिजली विधेयक विराेध किया। मामले में संयुक्त माेर्चा के आगामी आदेशाें के बाद ही धरने समाप्त करने आदि के निर्णय लिए जाएंगे।

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