जमकर आतिशबाजी:पटाखों पर प्रतिबंध के बाद भी खूब हुई आतिशबाजी, किसी के खिलाफ नहीं हुई कार्रवाई, एक्यूआई पहुंचा रेड जाेन में

भिवानीएक महीने पहले
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  • आतिशबाजी ने बनाया हवा काे जहरीला, पुलिस काे पटाखाें की गूंज सुनाई दी लेकिन दिखाई नहीं दिए, 500 रुपये प्रति किग्रा बिका बारूद

दीपावली पर इस बार पटाखाें की बिक्री पर प्रतिबंध के बावजूद लोगों ने जमकर आतिशबाजी की। इसके चलते शहर का एक्यूआई लेवल शुक्रवार सुबह सेंट्रल पाॅल्यूशन कंट्राेल बाेर्ड के अनुसार 439 प्वाइंट के साथ रेड जाेन में पहुंच गया है। जबकि गुरुवार काे दीपावली के दिन शहर का एक्यूआई 386 प्वाइंट दर्ज किया गया था, जाे गत साल दीपावली से 12 प्वाइंट अधिक था।

दीपावली पर पिछले दाे दिन से शहर में प्रदूषण का स्तर खतरनाक हाेता जा रहा है। हालांकि जिले में इस बार दीपावली पर पटाखाें की बिक्री पर पूर्ण रूप से प्रतिबंध था। इसके बावजूद पिछले तीन दिन से पटाखाें की गूंज सुनाई दे रही है। इससे जाहिर है कि दीपावली पर इस बार भी चाेरी छूपे लाेगाें ने खूब पटाखे बिक्री किए है।

हैरानी की बात यह है कि जिलावासियाें के साथ शायद पुलिस काे भी पटाखाें की गूंज सुनाई दी हाेगी लेकिन पिछले दाे दिन में पुलिस कही से भी पटाखे बरामद नहीं कर पाई और न ही पटाखाें के संबंध में काेई एफआईआर दर्ज की गई। शुक्रवार काे प्रदूषण का स्तर 439 प्वाइंट के साथ रेड जाेन में पहुंच गया है। प्रदूषण का यह स्तर स्वास्थ्य के लिए खतरनाक है। वहीं छाेटी दीपावली काे शहर में प्रदूषण का स्तर 272 था। दीपावली के दिन गुरुवार सुबह से ही हवा में स्माॅग का असर दिखाई देने लगा था, जाे दीपावली के अगले दिन भी जारी रहा।

प्रशासन नहीं करवा पाया हिदायताें की अनुपालना

सर्वोच्च न्यायालय और हरियाणा राज्य प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड की हिदायतों की अनुपालना में जिलाधीश आरएस ढिल्लाे ने पुलिस विभाग, संबंधित राजस्व, पंचायत और संबंधित अधिकारियों को आदेशों की पालना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए थे।

इसके लिए बाकायदा डीसी ने अधिकारियाें काे जिम्मेवारी भी साैंपी थी। लेकिन काेई भी अधिकारी यहां तक की पुलिस भी हिदायताें की अनुपालना नहीं करवा पाई। जबकि अनेक लोग पहले की तरह ही तीन दिन से आतिशबाजी का मजा लेकर प्रदूषण काे बढ़ा रहे हैं। दीपावली पर जहां लोगों ने रातभर आतिशबाजी की वहीं अगले दिन यानि शुक्रवार को भी शहर में आतिशबाजी की गूंज सुनाई दी।

शहर में घटा ताे गांव में बढ़ा प्रदूषण

भले ही प्रशासन सर्वाेच्च न्यायालय व प्रदूषण कंट्राेल बाेर्ड की हिदायताें की पालना नहीं करवा पाया लेकिन शहर में इस बार पटाखाें का शाेर लगभग 30 प्रतिशत तक कम रहा है। लेकिन ग्रामीण क्षेत्राें में इस बार पटाखाें की गूंज पहले से लगभग 40 प्रतिशत तक ज्यादा सुनाई दी। जहां लाेगाें ने पटाखों के ताैर पर गंधक पाेटाश का खूब प्रयाेग किया। इससे प्रदूषण लेवल पिछले साल के मुकाबले अधिक हुआ।

बिखरा मिला आतिशबाजी का कचरा

शहर में ऐसी कोई गली व सड़क नहीं थी जहां सुबह आतिशबाजी का कचरा पड़ा हुआ न दिखाई दे। शहर के पाॅश इलाके सेक्टर-13, 23, सरकुलर राेड, शिव नगर काॅलाेनी सहित अनेक काॅलाेनी, माेहल्लाें में लोगों ने दीपावली की रात जमकर आतिशबाजी का मचा लिया और वहीं जो पटाखे बच गए थे उनसे शुक्रवार को दिन व रात के समय आतिशबाजी की।

पटाखों के अलावा रातभर हाेता रहा बारूद का शाेर

​​​​​​​दीपावली पर आतिशबाजी के साथ शहर में पोटाश बारूद का भी शोर होता रहता। जानकारों के अनुसार शहर में इस बार लगभग 3 करोड़ रुपये से अधिक की आतिशबाजी के अलावा पोटाश बारूद भी जमकर खरीदा गया था। दीपावली पर गंधक पोटाश 400 से 500 रुपये प्रति किलोग्राम के भाव से बिक्री हुआ। पोटाश बारूद एक विस्फोटक रासायनिक मिश्रण है।

बारूद गंधक, कोयला एवं शोरा (पोटैसियम नाइट्रेट या साल्टपीटर) का मिश्रण होता है। इस बारूद का प्रयोग अमूमन पटाखों व नोदक (प्रोपेलन्ट) के रूप में अग्नि शस्त्रों में किया जाता है। बारूद चिंगारी पाकर तेजी से जलता है जिससे भारी मात्रा में गैस पैदा होती है। इस बारूद के मानक मिश्रण में 75 प्रतिशत शोरा, 15 प्रतिशत कोयला तथा 10 प्रतिशत गंधक होती है।

प्रदूषण लेवल बढ़ने से सांस के रोगियों को होगी ज्यादा दिक्कत

चिकित्सकाें के अनुसार प्रदूषण लेवल बढ़ने से व्यक्ति के बीमार होने की आशंका बढ़ जाती है। क्योंकि पर्टिकुलेट मैटर, जहरीली गैसें व धूल-कण हवा में अधिक होते है, जो सांस के जरिए सीधे व्यक्ति के लंग्स में जाते हैं। प्रदूषण बढ़ने से लोगों को खुली हवा में भी दम घुटने जैसा आभास होता है और आंखों में जलन की शिकायत होती है। सांस के रोगियों के लिए यह बेहद खतरनाक होता है।

पटाखाें की बिक्री के बारे किसी की भी पुलिस के पास नहीं आई काेई शिकायत

शहर थाना प्रभारी सतीश कुमार, सिविल लाइन थाना प्रभारी रमेश कुमार व सदर थाना प्रभारी विद्यानंद ने बताया कि पुलिस ने पिछले दाे दिन में काेई व्यक्ति पटाखे बिक्री करते हुए दिखाई नहीं दिया। पटाखाें के संबंध में किसी की पुलिस के पास काेई शिकायत नहीं आई और न ही दाे दिन में पटाखाें के संबंध में किसी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।

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