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कोविड-19 अपडेट:ऑक्सीजन की कमी होने पर रात को ही पुलिस की निगरानी में हिसार से मंगवाए 85 सिलेंडर

भिवानी14 दिन पहले
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भिवानी। चौ.बंसीलाल नागरिक अस्पताल में ऑक्सीजन गैस सिलेंडर लेकर पहुंचा वाहन। - Dainik Bhaskar
भिवानी। चौ.बंसीलाल नागरिक अस्पताल में ऑक्सीजन गैस सिलेंडर लेकर पहुंचा वाहन।
  • ऑक्सीजन कोटा तो बढ़ा, लेकिन सामान्य अस्पताल में स्टोरेज टैंक न होने से करना पड़ रहा समस्या का सामना

सिविल अस्पताल में रात को ऑक्सीजन की कमी के चलते अफरा तफरी का माहौल बन गया। ऑक्सीजन की खेप जो सामान्य अस्पताल पहुंचनी थी वह तकनीकी कारणों से नही पहुंच पाई। इसके चलते आनन-फानन में रविवार रात को ही 11:00 बजे हिसार पुलिस की देखरेख में ऑक्सीजन सिलेंडर मंगवाए। उसके बाद ही मरीजों व अस्पताल प्रशासन ने राहत की सांस ली। ऑक्सीजन स्टोरेज टैंक न होने से सामान्य प्रशासन को इसी तरह की समस्या का सामना करना पड़ रहा है।

यहीं कारण है कि जिले में ऑक्सीजन का कोटा 2.50 मीट्रिक टन से बढ़ाकर सरकार ने भले ही 3.50 मीट्रिक टन कर दिया है लेकिन जिले में हर दिन ऑक्सीजन की शॉर्टेज बनी रहती है। क्योंकि कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। रविवार को जहां सिविल अस्पताल में 187 ऑक्सीजन सिलेंडर की खपत हुई थी वहीं सोमवार को 255 ऑक्सीजन सिलेंडर की खपत हुई।

सिविल अस्पताल में ऑक्सीजन बैड की संख्या भी 100 से बढ़कर 140 कर दी गई है इसके बावजूद जीएच में मरीजों को ऑक्सीजन बैड उपलब्ध नहीं हो पा रहे हैं।

अधिकारियों को हर रोज ऑक्सीजन के लिए करना पड़ रहा संघर्ष

सुबह 9 से देर रात 11 बजे तक स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी जीएच में मरीजों के लिए ऑक्सीजन की व्यवस्था करने में लगे रहते है। इस दौरान संबंधित ऑक्सीजन प्लांट, ऑक्सीजन एजेंसी व उच्चाधिकारियों से सैकड़ों फोन कॉल करते हैं ताकि किसी न किसी तरह से जीएच में मरीजों को लिए पर्याप्त ऑक्सीजन की व्यवस्था हो सके। एक दिन अधिकारी कड़े प्रयासों के बाद ऑक्सीजन की व्यवस्था करते है और अगले दिन फिर से इस तरह से अगले दिन के लिए ऑक्सीजन की व्यवस्था करने में जुट जाते हैं।

रात को सामान्य अस्पताल में आक्सीजन की कमी हो गई। पुलिस की देख रेख में हिसार से 50 बड़े व 35 छोटे ऑक्सीजन सिलेंडर मंगवाए। इनसे काम नहीं चला तो 20 ऑक्सीजन सिलेंडर के लिए सोमवार दोपहर को दादरी गाड़ी भेजी गई है।

इसके अलावा रात को भिवानी स्थित नरेंद्र ऑक्सीजन गैस एजेंसी से जीएच के लिए ऑक्सीजन सिलेंडर पहुंचेंगे। इससे अस्पताल में 24 घंटे के लिए ऑक्सीजन की पूर्ति हो जाएगी लेकिन मंगलवार व बुधवार के लिए फिर से अस्पताल प्रशासन को ऑक्सीजन के लिए इसी तरह के प्रयास कर ऑक्सीजन की व्यवस्था करनी होगी।

अस्पताल में सेंट्रल सप्लाई की भी नहीं व्यवस्था

स्टोर इंचार्ज डॉ. अजीत सिंह ने बताया कि हर रोज ऑक्सीजन की व्यवस्था के लिए अधिकारी प्रयास करते हैं। इसके बाद आक्सीजन उपलब्ध हो पाती है। सिलेंडर से हर रोज ऑक्सीजन की पूर्ति में दिक्कत हो रही है। क्योंकि अस्पताल में ऑक्सीजन स्टोरेज टैंक नहीं है। अगर टैंक होता तो उसमें आसानी से 5 से 7 दिन के लिए पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीजन स्टोरेज की जा सकती थी।

अस्पताल में ऑक्सीजन के मरीजों की संख्या भी बढ़ रही है। पहले अस्पताल में 100 ऑक्सीजन बेड थे। अब लगभग 140 बेड कर दिए हैं। अस्पताल में ऑक्सीजन की सैंट्रल सप्लाई की भी व्यवस्था नहीं है। आईसीयू, आपतकालीन व निक्कू वार्ड में ही सैंट्रल सप्लाई की व्यवस्था है। आईसीयू में 30 बेड है जिन पर सैंट्रल सप्लाई है जबकि 100 से अधिक ऑक्सीजन बैड पर मरीज को सिलेंडर से ही सप्लाई देनी पड़ रही है।

लॉकडाउन में श्रमिकों को कोई दिक्कत आई तो समाधान करेंगे तहसीलदार

वह सोमवार को रोजमर्रा की आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति उपभोक्ताओं को समय पर करने के उद्देश्य से अधिकारियों की बैठक ले रहे थे। उन्होंने कहा कि उपभोक्ताओं को आवश्यक वस्तुओं की पूर्ति दुकानदार उचित मूल्य पर ही उपलब्ध करवाना सुनिश्चित करें।

अगर कोई भी दुकानदार उपभोक्ताओं के साथ किसी भी प्रकार की अनियमितता करने में संलिप्त पाया गया तो उसके विरुद्ध कड़ी कार्रवाई अमल में लाई जाए। जिला खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक समय-समय पर बाजार में निरीक्षण करें तथा अगर कोई भी दुकानदार किसी भी प्रकार की कोताही करने में संलिप्त पाया जाता है तो उसके विरुद्ध निर्धारित मापदंडों के अनुसार कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाए।

इनकों शर्तों पर दी गई है छूट

  • सभी अधिकारी व कर्मचारी जिन्हें कार्य करने की मंजूरी मिली हुई है। उनके पास संबंधित कार्यालय अध्यक्ष से यात्रा संबंधित पास होना अनिवार्य होगा।
  • कानून और व्यवस्था, आपात स्थिति, नगरपालिका सेवाओं की ड्यूटी में कार्यरत कार्यकारी- मजिस्ट्रेट, पुलिस कर्मी, वर्दी में सेना, सीएपीएफ बल के जवान, स्वास्थ्य, बिजली, अग्निशमन विभाग, पत्रकार और कोविड-19 से संबंधित कार्यों के लिए लगाई गई सरकारी मशीनरी से जुड़े लोग शामिल हैं। सभी को पहचान पत्र रखना होगा।
  • अधिकृत अधिकारी द्वारा दिए गए स्पेशल कर्फ्यू पास वाले लोगों को भी आवागमन में छूट रहेगी।
  • आवश्यक और गैर आवश्यक वस्तुओं के अंतर-राज्य और राज्य में एक स्थान से दूसरे स्थान पर आवागमन पर प्रतिबंध नहीं रहेगा लेकिन इस दौरान सभी वाहन चालकों को अपना मूल व गंतव्य स्थान बताने और सत्यापन करवाने के बाद ही अनुमति दी जाएगी।
  • सार्वजनिक और निजी अस्पताल, पशु चिकित्सा अस्पताल और सभी संबधित चिकित्सा प्रतिष्ठान, सार्वजनिक और निजी दोनों क्षेत्रों में विनिर्माण और वितरण इकाइयां जैसे सभी दवाई की दुकानें, चिकित्सा उपकरण दुकानें, एंबुलेंस मेडिकल और पैरा मेडिकल स्टाफ को कर्फ्यू में छूट दी गई है।
  • गर्भवती महिलाओं और रोगियों को चिकित्सा, स्वास्थ्य सेवाएं प्राप्त करने के लिए भी आने-जाने की अनुमति होगी। आईएसबीटी, रेलवे स्टेशन तथा एयरपोर्ट जाने या वहां से लौटने वाले यात्रियों को भी आवागमन की अनुमित होगी।
  • वाणिज्यिक और निजी प्रतिष्ठान, दूरसंचार, इंटरनेट सेवाएं, पेट्रोल पंप, पेट्रोलियम और गैस, गैस खुदरा भंडार, बिजली उत्पादन से संबंधित इकाइयां, वेयर हाउस सेवाए, खेत में काम करने वालों के साथ कृषि और बागवानी उपकरण भी कर्फ्यू के दौरान छूट प्राप्त होगे।
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