नगरपरिषद की जमीन पर अवैध कब्जे और हेराफेरी का मामला:ईओ बोले- प्राॅपर्टी रजिस्टर गुम नहीं हुआ था, चेयरमैन ने पूछा- तो फिर दिखाया क्यों नहीं

भिवानी7 दिन पहले
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नगरपरिषद में सभी कुछ सही नहीं चल रहा है, विशेषकर शहर में नगरपरिषद की जमीन पर अवैध कब्जे व परिषद के रिकार्ड में जमीन की हेरा फेरी का खेल हाेने की आशंकाएं जताई जा रही है। क्याेंकि कुछ दिन पहले नप का प्राॅपर्टी रजिस्टर गुम हुआ था और मामला संज्ञान में आने के बाद डीसी आरएस ढिल्लाे ने नप ईओ से 14 जनवरी काे रिपाेर्ट डीसी कार्यालय में प्रस्तुत करने के निर्देश दिए थे। शुक्रवार काे ईओ ने रजिस्टर व रिपाेर्ट डीसी के सामने प्रस्तुत कर दी है।

कुछ दिन पहले नप चेयरमैन रणसिंह यादव ने ईओ के माध्यम से नप का वर्ष 1980-81 से 2021-22 तक के रिकार्ड का प्राॅपर्टी रजिस्टर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए थे, लेकिन चेयरमैन के सामने रजिस्टर प्रस्तुत नहीं किया गया और चेयरमैन काे कहा गया कि रजिस्टर गुम हाे गया है।

चेयरमैन ने ईओ, सहायक भवन एवं भूमि शाखा अधिकारी संजय बंसल, लेखाकार सुरेश कुमार व भवन एवं भूमि शाखा में कार्यरत सफाई कर्मचारी प्रवीण के नाम पत्र जारी कर रजिस्टर की तलाश कर रजिस्टर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।

साथ ही ईओ से रजिस्टर न मिलने पर एफआईआर दर्ज करवाने के भी आदेश दिए थे। इसके बाद मामला डीसी आरएस ढिल्लाे के संज्ञान में आया और उन्हाेंने नप ईओ काे 14 जनवरी काे रजिस्टर के संबंध में रिपाेर्ट प्रस्तुत करने के आदेश दिए थे। शुक्रवार काे नप ईओ मनिंद्र अपने कार्यालय पहंुचे और उन्हाेंने संबंधित ब्रांच के कर्मचारियाें से प्राॅपर्टी रजिस्टर मांगा और कर्मचारियाें ने अधिकारी के सामने रजिस्टर प्रस्तुत किया। इसके बाद ईओ ने रजिस्टर के संबंध में रिपाेर्ट डीसी के सामने प्रस्तुत की है।

छेड़छाड़ की आशंका

अगर नप में प्राॅपर्टी रजिस्टर गुम हुआ था या चाेरी हुआ था ताे आशंका है कि रजिस्टर में दर्ज जमीन की खरीद फराेख्त के रिकार्ड से छेड़छाड़ हुई हाे। यह भी जांच का विशेष है कि रजिस्टर गुम हुआ ताे इसके जिम्मेदारी अधिकारी व कर्मचारी किसकी बनती है। अगर रजिस्टर गुम नहीं हुआ ताे अधिकारियाें ने नप चेयरमैन के सामने रजिस्टर क्याें प्रस्तुत नहीं किया था। यह भी जांच का विषय है कि रजिस्टर में दर्ज किसी रिकार्ड में हेराफेरी ताे नहीं की गई है।

मांगने पर कर्मियों ने पेश कर दिया था: ईओ

​​​​​​​नप ईओ मनिंद्र ने कहा कि उनके पास भिवानी नगरपरिषद का अतिरिक्त चार्ज है। वह सप्ताह में दाे दिन भिवानी ऑफिस आते हैं। उन्हें सूचना मिली भी कि डीसी ने नप के प्राॅपर्टी रजिस्टर के संबंध में रिपाेर्ट मांगी है। वह शुक्रवार काे अपने ऑफिस में आए और उन्हाेंने संबंधित शाखा के कर्मचारियाें से प्राॅपर्टी रजिस्टर मांगा ताे उन्हाेंने प्रस्तुत कर दिया। रजिस्टर चाेरी हाेने जैसी काेई बात नहीं थी। उन्हाेंने कहा कि अगर रजिस्टर में काेई हेराफेरी हाेती भी है ताे उसका काेई प्रभावित नहीं हाेता, क्याेंकि तहसील के रिकार्ड में जाे भूमि नप या अन्य किसी नाम से दर्ज है उसे काेई बदल नहीं सकता है।

7 दिन पहले रजिस्टर मांगा ताे अधिकारी बोले थे खो गया है

नप चेयरमैन रणसिंह यादव ने बताया कि रजिस्टर मिला है या नहीं इस संबंध में उन्हें पता नहीं है। वह इस संबंध में ईओ से बात करेंगे। उन्हाेंने पत्र लिखकर अधिकारी से रजिस्टर मांगा ताे उन्हें बताया गया था कि रजिस्टर गुम हुआ है। इसके बाद उन्हाेंने अधिकारियाें से लिखित में गुम हुए रजिस्टर के संबंध में पुलिस एफआईआर दर्ज करने काे कहा था। यहां तक कि संबंधित शाखा के अधिकारियाें से ही गुम हुए रजिस्टर की तलाश कर ईओ के माध्यम से रजिस्टर पेश करने के निर्देश दिए थे। लेकिन रजिस्टर प्रस्तुत नहीं कि‍या गया। रजिस्टर गुम हुआ था या नहीं वे इस संबंध में ईओ से बात करेंगे। इधर इस मामले में चेयरमैन काे रजिस्टर गुम बताना भी जांच का विषय है।

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