अंतिम संस्कार में भी परेशानी:तय स्थल पर नहीं मिल रही जगह, मुक्तिधाम के खेतों में करना पड़ रहा संक्रमितों का अंतिम संस्कार

भिवानी6 महीने पहले
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संक्रमितों का अंतिम संस्कार करते नप कर्मी। - Dainik Bhaskar
संक्रमितों का अंतिम संस्कार करते नप कर्मी।

मुक्तिधाम से मृतक कोरोना संक्रमितों की अस्थियां न उठने के कारण नगरपरिषद कर्मचारियों को निर्धारित स्थल की बजाय मुक्तिधाम के अंदर खेतों में शवों का दाहसंस्कार करना पड़ रहा है। तीन दिन में जिले में 36 संक्रमितों की मौत हुई है, लेकिन इनमें से 15 शवों का नगरपरिषद कर्मियों ने मुक्तिधाम में अंतिम संस्कार किया है।

मुक्तिधाम में शवों के अंतिम संस्कार के लिए जो जगह निर्धारित कर रखी थी, वहां सभी जगह पर अभी शवों की राख व अस्थियां हैं। इसके चलते कर्मचारियों को निर्धारित जगह पर कोरोना संक्रमित मृतकों के शवों का अंतिम संस्कार करने के लिए जगह नहीं मिल पा रही है। ऐसे में कर्मचारियों ने मुक्तिधाम में ही खेतों में शवों का कोविड नियमों के अनुसार अंतिम संस्कार करना शुरू कर दिया है।

इसलिए करना पड़ा शवों का खेतों में अंतिम संस्कार

एक दिन में ही संक्रमण से अधिक लोगों की मौत के कारण मुक्तिधाम में निर्धारित स्थल शवों के अंतिम संस्कार के लिए छोटा पड़ गया है। यहां सात जगह पर अंतिम संस्कार की सुविधा है, लेकिन सातों जगह अभी अस्थियां व राख है। क्योंकि मृतकों के परिवार के सदस्य दो से तीन दिन बाद अस्थियां लेने पहुंच रहे है। पिछले पांच दिन से नप कर्मचारी मुक्तिधाम में हर रोज तीन से छह शवों का अंतिम संस्कार कर रहे हैं। दो दिन से जगह कम होने के कारण कर्मचारी मुक्तिधाम के खेतों में शवों का दाह संस्कार कर रहे हैं।

मुक्तिधाम में अब केवल शहरी क्षेत्र के मृतकों का होगा अंतिम संस्कार

जिले में कोरोना संक्रमित के अंतिम संस्कार के लिए प्रशासन ने हालुवास गेट स्थिति मुक्तिधाम को निर्धारित किया गया था। अभी तक मुक्तिधाम में नप कर्मचारी 100 से अधिक लोगों के शवों का अंतिम संस्कार कर चुके हैं। बुधवार से प्रशासन ने ग्रामीण क्षेत्र के लिए अलग दाह संस्कार की व्यवस्था लागू की है।

ग्रामीण क्षेत्र के जिस संक्रमित व्यक्ति की मौत होगी उसके शव का अंतिम संस्कार अब मुक्तिधाम में नहीं किया जाएगा और नप की बजाय पंचायत विभाग के माध्यम से दाह संस्कार करवाया जाएगा। नगरपरिषद कर्मचारी मुक्तिधाम में केवल शहरी क्षेत्र के मृतक लोगों के शवों का अंतिम संस्कार करेंगे।

तीन दिन में किया गया है 15 से ज्यादा शवों का दाह संस्कार

नगरपरिषद कर्मचारी यूनियन के प्रदेश पदाधिकारी पुरुषोत्तम दानव ने बताया कि मुक्तिधाम में जो स्थान शवों के दाह संस्कार के लिए निर्धारित था उन सभी स्थलों पर अस्थियां हैं। इसके चलते शवों का अंतिम संस्कार अब मुक्तिधाम में ही खेतों में करना पड़ रहा है। तीन दिन में 15 से ज्यादा शवों को अंतिम संस्कार किया गया है।

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