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नवरात्र:पंचदेवों में शामिल है देवी दुर्गा, गणेश पूजन से करें दुर्गा पूजा की शुरुआत: आचार्य पं. धीरज शर्मा

भिवानीएक महीने पहले
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नवरात्र पर्व पर देवी पूजा उत्सव 25 अक्टूबर तक चलेगा। छोटी काशी के आचार्य पं. धीरज शर्मा के अनुसार देवी दुर्गा पंचदेवों में से एक हैं। गणेशजी, शिवजी, विष्णुजी, सूर्यदेव और देवी दुर्गा, ये पंचदेव माने गए हैं। इनकी पूजा रोज करने चाहिए। किसी भी शुभ काम की शुरूआत पंचदेवों के पूजन से ही होती है।

पतराम गेट स्थित सुनारों की गोशाला के समीप नवरात्र पूजा के दौरान आचार्य पं. धीरज शर्मा ने श्रद्धालुओं को बताया कि देवी दुर्गा की पूजा के लिए कुछ खास चीजों की जरूरत होती है। जैसे मूर्ति को स्नान के लिए तांबे का बर्तन, लोटा, दूध, मूर्ति को अर्पित किए जाने वाले लाल वस्त्र, आभूषण, चावल, कुमकुम, दीपक, तेल, रुई, धूपबत्ती, अष्टगंध, फूल, नारियल, फल, दूध, मिठाई, पंचामृत, सूखे मेवे, शक्कर, पान, दक्षिणा आदि। दूध, दही, घी, शहद, शक्कर मिलाकर पंचामृत बनाना चाहिए।

नवरात्रि के पांचवें दिन स्कंदमाता की पूजा की गई। स्कंदमाता भक्तों को सुख-शांति प्रदान करने वाली हैं। देवासुर संग्राम के सेनापति भगवान स्कंद की माता होने के कारण मां दुर्गा के पांचवें स्वरूप को स्कंदमाता के नाम से जाना जाता है। नवरात्रि के 6वें दिन मां दुर्गा के छठे स्वरूप मां कात्यायनी की पूजा की जाती है।

गणेशजी प्रथम पूज्य देव हैं। इसीलिए सभी देवी-देवताओं से पहले इनकी पूजा अनिवार्य रूप से करनी चाहिए। नवरात्रि में भी देवी पूजा से पहले गणेश पूजन करें। देवी दुर्गा के साथ ही शिवजी का भी ध्यान करें। पूजा में धूप और दीप जलाएं। लाल फूल, वस्त्र आदि अर्पित करें, चावल चढ़ाएं, नारियल अर्पित करें और भोग लगाकर आरती करें। आरती के बाद परिक्रमा करें। देवी को पूजन सामग्री अर्पित करें। माता दुर्गा की पूजा में दुं दुर्गायै नमः मंत्र का जाप कम से कम 108 बार करें।

अलग ही होता है आसोज मास के नवरात्रि का फल

यदि आप मन की शांति आत्म विश्वास, अपनी सभी मनोकामनाओं को पूर्ण रूप से प्राप्त करना चाहते है तो नवरात्रि महोत्सव से बढ़कर कोई त्यौहार नहीं है। मनुष्य लगातार 9 दिन तक एकांत में बैठकर चाहे वह घर का पूजा स्थान हो या मंदिर या फिर अन्य कोई पवित्र स्थान पर बैठकर एकाग्रचित से मां दुर्गा का स्मरण करता है तो मां की अपार कृपा उसे प्राप्त होती है। यह बात महामंडलेश्वर साध्वी करुणागिरि ने श्योलालपुरी सिद्ध पीठ मंदिर में भक्तों से कही। साध्वी करुणागिरि ने बताया कि साल में दो बार नवरात्रि का त्यौहार आता है लेकिन आसोज मास के नवरात्रि का फल अलग ही होता है।

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सिद्धपीठ बाबा जहरगिरि आश्रम में बुधवार को पंचम नवरात्रे पर पूजा-अर्चना की गई। इस दौरान हरियाणा युवा आयोग के नवनियुक्त चेयरमैन मुकेश गौड़ आश्रम में आशीर्वाद लेने पहुंचे तथा पूजा-अर्चना का हिस्सा बनें। अंतर्राष्ट्रीय श्रीमहंत अशोक गिरि महाराज ने श्रद्धालुओं को बताया कि श्रद्धेय नवरात्रा के पंचम दिवस पर आदि शक्ति श्रीविद्या स्वरूप ललिता देवी की पूजा षोडशोपचार शुक्ल यजुर्वेद मंत्रों द्वारा देविका कुमकुम एवं अक्षत द्वारा सहस्त्र नाम से अनशन किया। इस अवसर पर श्रीमहंत अशोकगिरि ने मुकेश गौड़ को प्रतीक चिह्न व रूद्राक्ष की माला पहनाकर आर्शीवाद दिया।

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