विद्यार्थी सीखेंगे कोडिंग और रोबोटिक्स:सात मॉडल संस्कृति स्कूलों में विद्यार्थी सीखेंगे कोडिंग और रोबोटिक्स, तैयार करेंगे वेबसाइट

भिवानीएक महीने पहलेलेखक: मयूर जांगड़ा
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जिले के सात खंडाें के सात मॉडल संस्कृति स्कूलों में कक्षा छठी से आठवीं तक 30 व 9वीं से 12वीं तक 30 विद्यार्थी अब कोडिंग व रोबोटिक्स करना सीखेंगे। जो विद्यार्थी गणित, अंग्रेजी विषयों और कंप्यूटरों में गहरी रूचि रखते हैं वाे अंक गणितीय बौद्धिक विकास के साथ ही गेम, एप्लीकेशन आदि बनाएंगे। विद्यार्थी डिजिटल के दौर में बौद्धिक क्षमता बढ़ाने के लिए कंप्यूटर की दुनिया में आगे बढ़ेंगे।

बता दें कि इसके लिए हरियाणा स्कूल शिक्षा परियोजना परिषद की ओर से नव गुरुकुल फाउंडेशन फॉर सोशल वेलफेयर गुरुग्राम के साथ मिलकर बच्चों को कोडिंग व रोबोटिक्स करना सिखाएंगे। इसके लिए 15 से 18 दिसंबर तक ऑफलाइन कंप्यूटर/मैथ्स/फिजिक्स टीचर को एससीईआरटी गुरुग्राम में ट्रेनिंग दी जाएगी।

नव गुरुकुल की टीम प्रशिक्षण के सफल समापन पर शिक्षकों को प्रमाण पत्र प्रदान करेगी। जिसके बाद यही टीचर स्कूलों के छठी से आठवीं के 30 व 9वीं से 12वीं के 30 विद्यार्थियों को कोडिंग प्रोग्राम व रोबोटिक्स करना सिखाएंगे। 30 दिनों में विद्यार्थियों को रोजाना एक से दाे घंटे कोडिंग का कोर्स कराया जाएगा जिसका कंटेंट ऑनलाइन टीचर को दिया जाएगा।

कोडिंग सीखने से विद्यार्थियों को ये होंगे लाभ
विद्यार्थी कोडिंग सीखने के साथ समस्या का समाधान करना सीखते हैं कि चीजें कैसे काम करती हैं। छात्र समस्याओं का अनुमान लगाना और उनसे बचना सीखते हैं। संरचनात्मक सोच छात्र अल्गोरिथम सोच सीखते हैं, छात्र दृढ़ता सीखते हैं। कोडिंग छात्रों को उन कौशलों के लिए तैयार करती है जो भविष्य में आवश्यक हैं। कोडिंग एक बच्चे के लिए अपने कैरियर का फैसला करने में मददगार हो सकती है।

जानिए.. क्या है कोडिंग
कोडिंग को प्रोग्रामिंग के रूप में भी जाना जाता है। कंप्यूटर पर हम जो कुछ भी करते हैं वह सारा काम इसी के जरिए किया जाता है। कोडिंग के जरिए ही कंप्यूटर को बताया जाता है कि उसे क्या करना है यानि कंप्यूटर जिस भाषा को समझता है, उसे कोडिंग कहा जाता है। इसके जरिए वेबसाइट या एप बना सकते हैं। इसके अलावा अन्य कार्य किए जाते हैं।

जिले के सभी साताें खंड, प्रत्येक खंड में एक यानि जिले के कुल सात मॉडल संस्कृति स्कूलों में छठी से आठवीं के 30 व 9वीं से 12वीं के 30 विद्यार्थी कोडिंग प्रोग्राम करना सीखेंगे। इसके लिए 15 से 18 दिसंबर तक ऑफलाइन माेड में कंप्यूटर/मैथ्स/फिजिक्स शिक्षक को एससीईआरटी गुरुग्राम में ट्रेनिंग दी जाएगी। इसके बाद शिक्षक विद्यार्थियों को कोडिंग कंप्यूटर की भाषा को सिखाएंगे।- नरेश महता, डीपीसी, समग्र शिक्षा विभाग, भिवानी।

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