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फसलों के नष्ट होने की संभावना बनी:जांडलीकलां रजवाहे की पटरी टूटने से फसल जलमग्न, रजवाहे की पटरी केंचुए व पेड़ों की जड़े फैलने से हो चुकी कंडम घोषित, फिर से बनवाई जानी है

भूनाएक महीने पहले
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रजवाहे की टूटी पटरी से खेतों में बहता पानी। - Dainik Bhaskar
रजवाहे की टूटी पटरी से खेतों में बहता पानी।

गांव जांड़लीकला रजवाहे की पटरी टूटने से गांव जांड़ली के किसानों की दर्जनों एकड़ फसल जलमग्न हो गई है। जिसे फसलों के नष्ट होने की संभावना बनी हुई है। गांव जांडलीखुर्द के श्मशान भूमि के पास से गुजर रहे रजवाहे में अचानक पटरी टूट गई, जिसके कारण 20 फुट चौड़ी दरार से रजवाहे का पानी जांड़लीकलां के खेतों में बहने लग गया। जिससे किसान शमशेर सिंह, संजय कुमार, राजेश कुमार, दलीप सिंह, रामचंद्र, बलवीर सिंह, शीशपाल सिंह, महावीर सिंह, नरसी राम, वीरेंद्र सिंह भैरो, जसवंत सिंह आदि की पक्की हुई नरमा व धान की फसल में नहरी पानी का भराव हो गया। किसानों का आरोप है कि रजवाहे के टूटने से फसलों में भारी नुकसान हुआ है।

रजवाहे की पटरी बिल्कुल नकारा बन चुकी है पिछले एक साल में करीब कई बार रजवाहा टूट चुका है। लेकिन सिंचाई विभाग के अधिकारी मुक दर्शक बने हुए हैं। इस रजवाहे का निर्माण वर्ष 1998 में हुआ था। उसके बाद से मरम्मत का कार्य नहीं हुआ। परिणाम स्वरूप गुरुवार को पटरी में 20 फुट चौड़ी दरार आ गई और खेतों में जलभराव हो गया। रजवाहे के टूटने की सूचना मिलते ही सिंचाई विभाग के कनिष्ठ अभियंता ललित कुमार सिंगला मौके पर पहुंचे। जिन्होंने पटरी ठीक करने का कार्य जेसीबी मशीन व मजदूरों की सहायता से शुरू कर दिया गया। गुरुवार की दोपहर चार बजे बाद रजवाहे की पटरी ठीक करके जलापूर्ति बहाल कर दी गई। जिसके बाद किसानों ने राहत की सांस ली।

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