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विषैली हो रही शहर की हवा:कंपोस्टिंग प्लांट की बजाय डंपिंग स्टेशन पर डालकर रोज जलाया जा रहा 12 टन गीला-सूखा कचरा, एक्यूआई 343

चरखी दादरी4 दिन पहले
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बिना प्रयोग के खाली पड़ा जैविक खाद के लिए बनाया कंपोस्टिंग प्लांट।
  • स्वच्छता पखवाड़े के तहत खत्म किए डंपिंग प्वाइंट, पॉलिथीन व प्लास्टिक जलने से विषैली हो रही शहर की हवा
  • गीले कूड़े का जैविक खाद बनाने में कंपोस्टिंग प्लांट का नहीं किया जा रहा प्रयोग

स्वच्छता पखवाड़ा के चलते नगर परिषद ने शहर में जगह जगह बने डंपिंग प्वांइटों को तो खत्म कर दिया लेकिन गीला व सूखा कूड़ा कचरा एक ही जगह डाला जा रहा है। जबकि शहर में कूड़ा करकट कम करने के लिए गीले कूड़े का जैविक खाद बनाने के लिए कंपोस्टिंग प्लांट भी बनाया हुआ है। लेकिन उसका प्रयोग न करके शहर में कूड़े का ढेर लगाया जा रहा है।

यहीं नहीं डंपिंग स्टेशन भी आधे से ज्यादा कूड़े से भर चुका है जिसे खाली करने के लिए नगर परिषद सफाई कर्मचारी वहां आग लगा देते हैं। जहां कूड़े में पॉलिथीन व प्लास्टिक जलने से शहर की हवा विषैली होती जा रही है। जिसमें लोगों का शरीर असाध्य रोग की चपेट में आने का डर बना हुआ है। शहर में साफ सफाई के नाम पर नगर परिषद बड़ी परेशानी खड़ी कर रहा है। जिसका जल्द ही दुष्प्रभाव देखने को मिल सकता है।

1 अक्टूबर से 17 अक्टूबर तक चलाया हुआ है स्वच्छता पखवाड़ा

पूरे देश में ही 1 अक्टूबर से लेकर 17 अक्टूबर तक स्वच्छता पखवाड़ा चलाया हुआ है। इस पखवाड़े के दौरान शहर में साफ सफाई से लेकर सरकारी व निजी कार्यालयों में भी सफाई अभियान चलाया हुआ है। वहीं नगर परिषद ने शहर में जगह जगह बनाए डंपिंग प्वाइंट (कूड़ा करकट डालने का स्थान) को भी खत्म कर दिया गया है। इसके लिए नगर परिषद ने डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन का कार्य तेज कर दिया है। ताकि डंपिंग प्वाइंट खत्म होने पर लोगों को कूड़ा करकट खुले में फेंकने के लिए विवश न होना पड़े। लेकिन यह पूरा कूड़ा डंपिंग स्टेशन पहुंचा कर वहां गंदगी का बड़ा पहाड़ बनता जा रहा है। जो तेज हवा चलने पर कूड़ा उड़कर आस पास के खेतों व मकानों में पहुंच रहा है।

प्लास्टिक जलने से निकलती हैं ये जहरीली गैसें

शहर से निकलने वाले कूड़े कचरे में ज्यादातर पॉलीथिन व प्लास्टिक की वेस्टेज होती हैं। जिसे आग लगाने पर विषैली गैस निकलती हैं। जिनमें क्लोन नेटेड, डॉयोक्सीन हाइड्रोक्लोरिक एसिड, सल्फर डाई ऑक्साइड जैसी विषैली गैस आगे लगने से निकल कर हवा में मिल रही हैं।लोगों का शरीर असाध्य रोग की चपेट में आने का डर बना हुआ है।

लगातार बढ़ रहा वायु प्रदूषण

जिले में पिछले सप्ताह वायु में प्रदूषण की मात्रा 300 के स्तर पर थी। वहीं रविवार को 323 और गुरुवार को 343 पर वायु में प्रदूषण का स्तर पहुंच चुका है। इस प्रदूषण के कारण तो हवा सांस लेने लायक है ही नहीं कि अब पॉलीथिन और प्लास्टिक जलने पर निकलने वाली विषैली गैस भी हवा को जहरीला बना रही हैं।

6 टन गीला कूड़ा कम पहुंचे इसलिए बनाया गया था कंपोस्टिंग प्लांट

शहर से प्रतिदिन करीब 12 टन कूड़ा कचरा निकल रहा है। इसमें 6 टन सूखा कूड़ा और 6 टन गीला कूड़ा निकलता है। इसमें से 6 टन गीला कूड़ा हररोज कम करने के लिए नगर परिषद ने दो साल पहले रावलधी भिवानी लिंक रोड बाईपास पर कंपोस्टिंग प्लांट बनाया था। ताकि गीले कूड़े को वहां डालकर जैविक खाद बनाया जा सके। इससे खाद भी बनेगा और डंपिंग स्टेशन पर कूड़ा भी कम पहुंचेगा। वहीं डंपिंग स्टेशन पर पहुंचने वाले 6 टन सूखे कूड़े से रिसाइकिल के लिए कूड़ा बीनने वाले लगाए जाने थे। लेकिन इनमें से कोई भी कार्य सिरे नहीं चढ़ पाए हैं। इस कारण हररोज डंपिंग स्टेशन पर 12 टन कूड़ा पहुंच रहा है। जिससे डंपिंग स्टेशन जल्द ही भर कर पहाड़ बन जाएगा।

रक्तचाप, अस्थमा, कैंसर जैसे हो सकते हैं रोग

पॉलीथिन व प्लास्टिक जलने से हवा में जहर घुलता है। जो सांस लेने पर शरीर के अंदर जाकर अपना दुष्प्रभाव शुरू कर देती है। पॉलीथिन जलने से निकलने वाली गैस से शरीर में असाध्य रोग का डर बना रहता है। इससे रक्तचाप, नपुसंकता, अस्थमा, कैंसर व चर्म रोग शामिल हैं जो शरीर के लिए काफी ज्यादा खतरनाक होते हैं। -डॉ.उमेद सिंह दिसोदिया, रिटायर्ड एसएमओ।

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