जिले में जोनल इंचार्ज बनेंगे पांच सीएसीसी ऑपरेटर:अतिरिक्त उपायुक्त ने जिले में परिवार पहचान पत्र के डाटा सर्वे का कार्य तीव्र गति से पूरा करने के दिए आदेश

चरखी दादरी14 दिन पहले
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अतिरिक्त उपायुक्त कार्यालय में अधिकारियों के साथ बैठक करते एडीसी डॉ. मुनीष नागपाल। - Dainik Bhaskar
अतिरिक्त उपायुक्त कार्यालय में अधिकारियों के साथ बैठक करते एडीसी डॉ. मुनीष नागपाल।

अतिरिक्त उपायुक्त डाॅ. मुनीष नागपाल ने कहा है कि जिले में परिवार पहचान पत्र के डाटा सर्वे का कार्य तीव्र गति से पूरा किया जाए। अपने कार्यालय में परिवार पहचान-पत्र के लिए बुलाई गई बैठक को संबोधित करते हुए अतिरिक्त उपायुक्त ने कहा कि दादरी जिला परिवार पहचान पत्र बनवाने के मामले में अग्रणीय स्थान रखे हुए है। इसी गति से परिवार पहचान पत्रों की विभिन्न श्रेणियां जैसे आय सत्यापन, जाति सत्यापन, दिव्यांग मैपिंग आदि का कार्य वेरिफिकेशन का काम जल्द पूरा किया जाना चाहिए। डाॅ. मुनीष नागपाल ने कहा कि परिवार पहचान पत्र के कार्य के लिए जिले को शहरी क्षेत्र नगरपरिषद व चार ग्रामीण ब्लॉक सहित पांच खंडों में विभाजित किया गया है। इन खंडों में करीब सवा तीन सौ सीएससी सैंटर काम कर रहे हैं, जहां पीपीपी को अपडेट करने का कार्य किया जाता है। सरकार के निर्देशानुसार सभी खंडों में काम कर रहे कॉमन सर्विस सैंटर ऑपरेटरों में बेहतर कार्य कर रहे एक आपरेटर को जोनल प्रभारी बनाया जाएगा। ये जोनल इंचार्ज परिवार पहचान पत्र के कार्य में जिला प्रशासन के साथ मिलकर सहयोग करेंगे।

अतिरिक्त उपायुक्त ने जिला परियोजना अधिकारी दीवान सिंह, सीएससी के जिला प्रबंधक विक्रम यादव, जिला सूचना एवं प्रौद्योगिकी अधिकारी अमित लांबा व सहायक परियोजना अधिकारी विकास सांगवान को पांच सक्रिय ऑपरेटरों का चयन करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने बताया कि जिला में एक लाख 39 हजार 303 परिवार हैं। उनमें से एक लाख 34 हजार 141 परिवारों की फैमिली आईडी बन चुकी है। एक लाख 22 हजार 287 आईडी में मुखिया या फैमिली मेंबर के हस्ताक्षर हो चुके हैं। उन्होंने बताया कि 5 हजार 162 परिवारों ने अभी तक अपनी फैमिली आईडी को अपडेट नहीं करवाया है। ये परिवार शीघ्र अपनी आईडी बनवा लें।

दिव्यांगों का सीएमओ कार्यालय से हुआ सत्यापन
डाॅ. मुनीष नागपाल ने बताया कि दिव्यांगों का सत्यापन दादरी सीएमओ कार्यालय से हो चुका है और अभी भिवानी सीएमओ ऑफिस से दादरी का पुराना रिकार्ड मंगवाया जाना बाकी है। जिसे लाने के लिए उपसिविल सर्जन डा. सुनैना को निर्देश दिए गए हैं। जातिगत सर्वे का काम राजस्व विभाग के पटवारी कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि 49 हजार 236 परिवारों का जाति सत्यापन किया जाना है तथा 46 हजार 837 परिवारों का यह कार्य किया जा चुका है।

अभी 2399 परिवारों की कास्ट वेरिफिकेशन की जानी है। किसी परिवार ने दोबारा जाति का सत्यापन करवाना है तो यह कार्य कानूनगो की ओर से किया जाएगा। अतिरिक्त उपायुक्त ने कहा कि जिला की 622 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को बच्चों का डाटा एकत्रित करने के लिए कहा गया है। कुल 29 हजार 107 बच्चों की पहचान सत्यापित की जानी है, जिसमें से 28 हजार 44 बच्चों का डाटा वेरिफाई हो चुका है।

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