राहत:4 महीनों के बाद बिजली निगम को बदलना पड़ा 41 साल पुराने कार्यालय को बंद करने का फैसला

बौंदकलां2 दिन पहले
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कस्बे का बिजली निगम कार्यालय जहां पर दोबारा से रिकॉर्ड भेजा गया है। - Dainik Bhaskar
कस्बे का बिजली निगम कार्यालय जहां पर दोबारा से रिकॉर्ड भेजा गया है।
  • 6 गांवों के उपभोक्ताओं को बिल को लेकर अब नहीं जाना पड़ेगा सांजरवास

बिजली निगम ने मनमानी करते हुए कस्बे में पिछले 41 सालों से चल रहे बिजली ऑफिस को अगस्त 2021 को बंद करके रिकॉर्ड 33 केवीए सब डिवीजन सांजरवास में भेज दिया था। बिजली निगम ने 4 महीने बाद तुगलकी फरमान को वापिस लेते हुए रिकॉर्ड को बौंदकलां कार्यालय में भेज दिया गया है। इसके साथ ही मंगलवार और बुधवार को 2 दिन निगम के क्लर्क की डयूटी सुबह 9 बजे से दोपहर 1 बजे तक लगाई गई है। अब छह गांवों के आठ हजार के लगभग घरेलू और कामर्शियल उपभोक्ताओं को परेशानी नहीं होगी।

4 महीने पहले बंद कर दिया था बिजली कार्यालय : बिजली निगम ने मनमानी करते हुए अगस्त माह में ही कस्बे के बिजली निगम ऑफिस से बिल क्लर्क को सांजरवास सब डिवीजन में वापिस बुला लिया था। बिजली निगम के एसडीओ ने 27 अक्टूबर को छह गांवों के बिजली रिकॉर्ड को भी सांजरवास मंगवा लिया था। जिससे 6 गांवों के 8 हजार बिजली उपभोक्ताओं को बिलों में त्रुटि ठीक करवाने और डुप्लीकेट बिल बनवाने के लिए बिजली निगम के रानीला रोड सांजरवास स्थित ऑफिस में जाना पड़ रहा था।

कस्बे में 1980 में बिजली विभाग ने कार्यालय खोला था।पिछले 20 साल से ऑफिस वृद्ध आश्रम में चल रहा था। अब गांव बौंदकलां, बौंदखुर्द, रणकोली, निमड़ी, मालकोष और ऊण के बिजली उपभोक्ताओं की बिल संबंधित समस्या का यहीं पर समाधान हो जाएगा। बिजली निगम के फरमान से आमजन को 7 किलोमीटर दूर सांजरवास में धक्के खाने पड़ रहे थे। इसके साथ ही लोगों को आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ा।

दो दिन के लिए की है व्यवस्था : एसडीओ
33 केवीए सब डिवीजन सांजरवास के एसडीओ घनश्यामदास ने बताया कि बौंदकलां में बिजली संबंधित रिकॉर्ड को वापिस भेज दिया गया है। फिलहाल केवल मंगलवार और बुधवार को सुबह 9 बजे से दोपहर 1 बजे तक क्लर्क को भेजा जाएगा।

सांसद को भी अवगत करवाया गया था
ग्रामीणों ने गत 28 सितंबर 2021 को बौंदकलां डिस्ट्रीब्यूटरी पर स्थित सिंचाई विभाग के विश्राम गृह में सांसद धर्मबीर सिंह को छह गांवों की समस्या के बारे में अवगत करवाया गया था। सांसद ने मौके पर ही बिजली निगम के एसई को ऑफिस नहीं बदलने के लिए कहां था। लेकिन 27 अक्टूबर को बिजली निगम के एसडीओ ने रिकॉर्ड उठवा दिया था। दैनिक भास्कर ने भी 28 अक्टूबर को बिजली उपभोक्ताओं की समस्या को प्रमुखता से प्रकाशित किया था।

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