धरना प्रदर्शन:आखिर कब चलेंगे क्रेशर, किसी को नहीं मालूम, आज देंगे पंचकूला में धरना

चरखी दादरीएक महीने पहले
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11 नवंबर से क्रेशर बंद पड़े हैं। माइंस चल रही है। हर दिन ब्लॉसि्टंग की जा रही है। यहां सरकार दोहरा रवैया अपना रही है। क्रेशर के मुकाबले माइंस से ज्यादा प्रदूषण फैलता है। उसको इस लिए बंद नहीं कर रही है कि बंद करने से सरकार का करोड़ों रुपये का रेवन्यू बंद हो जाएगा। क्रेशर चलाने के बारे में किसी भी अधिकारी से बात करते हैं तो बोलते हैं कि उन्हें नहीं पता कि कब तक चलाए जाएंगे।

इससे क्रेशर मालिकों को हर महीनें लाखों रुपये का नुकसान उठाना पड़ रहा है। इसी मुद्दे को लेकर बुधवार सुबह पंचकूला के सेक्टर 6 में प्रदूषण बोर्ड कार्यालय के समक्ष धरना प्रदर्शन किया जाएगा। ये बात जिला क्रेशर एसोसिएशन के प्रधान सोमबीर सिंह ने मंगलवार को पत्रकारों से बातचीत के दौरान कही। उन्होंने कहा कि सरकार सिर्फ अपना फायदा देख रही क्रेशर संचालकों या फिर क्रेशर के कारण प्रत्यक्ष रूप से जुड़े 50 हजार लोगों की तरफ ध्यान नहीं दे रही।

बिजली निगम भी मौके का उठा रहा फायदा : प्रधान सोमबीर सिंह ने बताया कि बिजली निगम ने क्रेशर के कनेक्शन काटे हुए हैं। बावजूद इसके बंद पड़े क्रेशर से करीबन 1 लाख 30 हजार रुपये निगम प्रति क्रेशर ले रहा है। टू फेस में बिजली सप्लाई होने के कारण सीटीपीटी जल रहे हैं। यह भी करीबन एक लाख में आता है। इसे बदलने का जिम्मा महकमें का है, लेकिन क्रेशर संचालकों पर ही ये बोझ डाला जा रहा है।

क्रेशर और गाड़ियों की किश्त भरना भी हुआ मुश्किल
क्रेशर संचालक राकेश बेनीवाल ने बताया कि क्रेशर के लोन की किस्त तथा गाड़ियों की किस्त भरना भी मुशि्कल हो गया है। अगर समय पर बैंक की किस्त ना भरी जाए तो क्रेशर इंडट्रीज की सिविल खराब होती है और आगे से क्रेशर के लिए लोन में भी दिक्कतें आती हैं। क्रेशर कुछ दिन बंद रहने के कारण उसकी फिर से सर्विस जरूरी है। इसके पार्ट में लगा रबड़ डैमेज हो जाता है। एक सर्विस पर करीबन 8 से 10 लाख रुपये का खर्चा होता है।

35 कराड़े रुपये हर साल देते हैं डीएमई में

प्रधान सोमबीर सिंह, ढिल्लू फौजी, विनय सांगवान, बिजेंद्र बोहरा ने बताया कि डिस्ट्रीक मिनरल फंड में क्रेशर यूनियन हर साल करीबन 35 करोड़ विकास कार्याे के लिए दे रही है। बावजूद इसके प्रशासन और सरकार क्रेशर संचालकों के बारे में नहीं सोच रही। क्रेशर संचालक क्रेशर पर कार्य करने वाली लेबर करीबन 50 लोगों को बैठे बैठे पगार दे रहे हैं। क्रेशर चलाने के बारे में किसी भी अधिकारी से बात करते हैं तो बोलते हैं कि उन्हें नहीं पता कि कब तक चलाए जाएंगे। क्रेशर यूनियन के सदस्यों ने कहा कि बुधवार को पंचकूला के सेक्टर 6 में प्रदूषण बोर्ड के समक्ष धरना प्रदर्शन किया जाएगा।

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