हवा जहरीली और सड़कों पर कचरा:पाबंदी के बावजूद आतिशबाजी से एक्यूआई 400 के पार, फेस्टिवल सीजन के चलते 3 दिन से शहर में फैले कचरे का नगर परिषद ने शुरू किया उठान

चरखी दादरी23 दिन पहले
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दुकानों के सामने लगी स्टालों से फैला कचरा। - Dainik Bhaskar
दुकानों के सामने लगी स्टालों से फैला कचरा।

फेस्टिवल सीजन के तीन दिन में ही शहर कूड़ा कर्कट से अट गया है। बाजार में भीड़ भड़ाका होने से तीन दिन कूड़ा उठान भी नहीं हो पाया था। इसलिए शुक्रवार को शहर से करीब 45 टन कूड़ा उठान किया जा चुका है। बावजूद इसके अभी भी शहर की सड़कों पर कूड़े के ढेर लगे हुए हैं।

वहीं पाबंदी होने के बावजूद जिले में खुले आम पटाखे फोड़े गए हैं। जिनसे 3 दिन के अंदर ही वायु प्रदूषण का स्तर 284 प्वाइंट बढ़कर एक्यूआई 424 तक पहुंच गया है। 3 नवंबर को एक्यूआई 284 था जो 5 नवंबर को दिवाली बाद 400 के पार हो गया।

जिससे जिले की हवा जहरीली हो गई है और इस वातावरण में सांस लेना भी मुश्किल हो गया है। पुलिस ने दो अलग अलग जगहों पर रेड करके दो लोगों को पटाखे बेचते हुए गिरफ्तार भी किया है। वहीं चिकित्सकों बुजुर्गों व बीमार लोगों के लिए यह हवा बेहद खतरनाक बताई है।

जिला प्रशासन ने 21 नवंबर तक पटाखे बेचने व बजाने पर पाबंदी लगाई हुई थी। इसलिए पटाखे बेचने के लिए इस बार लाइसेंस भी जारी नहीं किए गए थे। बावजूद इसके दुकानदार छोरी छिपे पटाखे बेच रहे थे। वहीं दिवाली की पूरी रात पटाखों की आवाज गुंजरी रही और आसमान में धुंआ छाया हुआ था।

दूसरी तरफ शहर के हीरा चौक नजदीक पुलिस ने रैड करके दो दुकानदारों को पटाखे बेचते दबोचा है। पुलिस ने पटाखे जब्त कर दुकानदारों पर केस दर्ज कर कार्रवाई शुरु कर दी है। पटाखे बेचने वालों को दबोचने के लिए दिवाली को सुबह से ही पुलिस ने इधर उधर छापेमारी शुरु कर दी थी। मगर दो ही आरोपी दबोचे गए हैं।

कई दिनों से बाजार में भीड़ की वजह से नहीं उठ पा रहा था पूरा कचरा

शहर में एक नवंबर से ही दुकानदारों ने स्टॉले लगा ली थीं। वहीं लोग सुबह होते ही खरीददारी करने बाजार पहुंच जाते थे। जिससे सुबह से लेकर देर शाम तक ज्यादा भीड़ रहती थी। इसलिए नगर परिषद कर्मचारी कूड़ा उठान नहीं कर पाए थे।

यहीं कारण है कि शहर में तीन दिन के अंदर करीब 60 टन तक कूड़ा कचरा हो गया है। शुक्रवार को करीब 45 टन कूड़ा कचरा उठाया जा सका। इसके बाद बाजार खुलने के कारण कार्य बंद कर दिया। शहर की सड़कों पर पड़ा बाकि का कूड़ा शुक्रवार रात को उठाने की योजना बनाई गई है।

ऊपरी दबाव के कारण बढ़ा प्रदूषण

फिलहाल अधिकतम तापमान 31 डिग्री और न्यूनतम तापमान 14 डिग्री सेल्सियस पर चल रहा है। जिससे ठंड शुरू हो गई है और मौसम में नमी बढ़ गई है। रात को औंस गिरने लगी है। नमी के कारण आसमान से ऊपरी दबाव जमीन की तरफ आता है। इस कारण धुंआ या किटाणु हवा में नहीं फैल पाते और नमी उन्हें जमीन के पास ही फ्रीज कर लेती है। यहीं कारण है जो फॉग दिखाई दे रहा है वह वायु प्रदूषण ही है।

एलर्जी या सांस लेने में जरा भी दिक्कत हो तो सलाह लें

हार्ट स्पेशलिस्ट डॉ. मेजर योगेंद्र देशवाल का कहना है कि पटाखों के कारण हवा काफी खराब हो गई है। वायु प्रदूषण का स्तर भी बढ़ गया है। इस वातावरण में आंखों की जलन, सांस लेने में दिक्कत जैसी बीमारियां होंगी। बुजुर्गों व बीमार लोगों को इस मौसम में बचने की ज्यादा जरूरत है। जिन्हें इमरजेंसी होने पर ही घर से बाहर जाना चाहिए और मुंह पर कपड़ा रखे। अपने घर के अंदर ही बैठकर योगा करें। थोड़ी बहुत दिक्कत होते ही तुरंत चिकित्सक के पास जाकर उपचार करवाएं।

पाबंदी के बावजूद बिक्री पर पटाखे जब्त कर केस दर्ज किया: एसएचओ

दिवाली के दिन पूरे दिन पुलिस पटाखों की बिक्री पर अंकुश लगाए रखने के लिए गश्त कर रही थी। वहीं दो दुकानदारों को करीब 23 किलो ग्राम पटाखों सहित दबोचा है जिसके पास मिले पटाखों को जब्त कर लिया है।'' -वजीर सिंह रेढू, प्रभारी, सिटी थाना।

इधर... बौंदकलां में नहीं दिखा सख्ती का असर

सुप्रीम कोर्ट की एनसीआर में पटाखों की ब्रिकी करने और उपयोग करने पर पाबंदी के बावजूद भी जिला प्रशासन की नाक के नीचे जमकर कस्बे में आतिशबाजी की गई। जिला प्रशासन ने सुप्रीम कोर्ट और गृह विभाग के आदेशानुसार पटाखों की ब्रिकी रोकने और प्रयोग करने पर पाबंदी लगाने के लिए भले ही धारा 144 लगा दी गई थी। इसके साथ ही आदेशों की पालना के लिए ड्यूटी मजिस्ट्रेट और थाना प्रभारी भी नियुक्त किए गए थे। इसके बावजूद भी जमकर पटाखे बेचे भी गए और फोड़े भी गए। परिणाम ये रहा कि दिवाली पर खूब प्रदूषण हुआ।

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