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अव्यवस्था:बारिश के 40 घंटे बाद भी घरों सेे नहीं हुई पानी की निकासी, सांजरवास में बस स्टैंड और गर्ल्स स्कूल का रास्ता हुआ बंद

बौंदकलां2 दिन पहले
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रानीला में दो दिन में हुई बारिश से गली और घरों में जमा पानी। - Dainik Bhaskar
रानीला में दो दिन में हुई बारिश से गली और घरों में जमा पानी।
  • गांव वालों के कब्जों से सिकुड़ा जोहड़ों का दायरा, पंचायत प्रतिनिधियों ने मंगवाए पाइप, मोटरें लगाकर की जाएगी निकासी

सोमवार और मंगलवार को हुई तेज बारिश से गांव रानीला में खाढ़ी वाला और सिरखाना जोहड़ों के ओवरफ्लो हो जाने से घरों में पानी भर गया है। और लगभग 40 घंटे के बाद भी पानी की निकासी नहीं हो पाई है। ग्रामीणों ने घरों से जलनिकासी करवाने की मांग की है। बाबा छोटूराम मंदिर के समीप खाढ़ी जोहड़ निवासी रामबीर पंच, मांगेराम, आत्माराम शर्मा, बिजेंद्र शर्मा ने बताया कि दो दिन हुई तेज बारिश से जोहड़ का पानी घरों में पहुंच गया है।

ग्रामीणों ने प्रशासन से जलभराव की समस्या का स्थाई समाधान करने की मांग की है। वहीं पर गांव के सिरखाना जोहड़ पर भी जोहड़ ओवरफ्लो होने से जलभराव की समस्या पैदा हो गई है। ग्रामीण सुरेंद्र, रामेश्वर साहु, भोलू, सुरेश और लीलू ने बताया कि बारिश का पानी घरों में भर गया है। ग्राम पंचायत रानीला सरपंच प्रतिनिधि सुनील साहु ने बताया कि जोहड़ों पर अवैध कब्जे होने के कारण और गंदे पानी की निकासी के लिए कोई भी पाइप लाइन नहीं होने के कारण जोहड़ ओवरफ्लो होने से जलभराव हो रहा है।

पानी निकासी के लिए पाइप मंगवाए हैं : सुनील

ग्राम पंचायत रानीला के तत्कालीन सरपंच प्रतिनिधि सुनील साहु ने बताया कि गांव के खाढ़ी वाले जोहड़ और सिरखाना जोहड़ पर 30 के लगभग घरों में जलभराव की समस्या है। इस बारे में प्रशासन को बताया गया था। जलनिकासी के लिए पाइप पहुंच गए है। जल्द ही जोहड़ों पर मोटर लगाकर बरसाती पानी की निकासी करवाई जाएगी।

टाइलों से रोड पक्का कर हो सकता है समाधान

बौंदकलां, सोमवार और मंगलवार को क्षेत्र में हुई बारिश सांजरवास के लिए आफत बनकर आई है। सांजरवास में सरकारी कन्या स्कूल का रास्ता ही बंद हो गया है। इसके साथ ही बस स्टैंड पर भी जलभराव हो गया है। सोमवार और मंगलवार को हुई बारिश ने गांव में भी जलनिकासी के प्रबंधों की पोल खोल दी है।

गांव सांजरवास निवासी गजेन्द्र राघव, अमरजीत परमार, ईश्वर पंच, हरपाल पंच, जयबीर पंच, कुलदीप यादव, विकास पंच, राजा नम्बदार, कालू पंच, सुरेश, लख्खी, सुखबीर सिंह, बिरकरण सिंह, सोनू, रामनिवास स्वामी, जोली प्रजापत, दिलबाग सेठ, राकेश परमार, शिवओम, रोशन, बलवान शर्मा, बबलू और विनोद सेठ ने बताया कि मानसून शुरू होते ही गांव के बस स्टैंड और गर्ल्स स्कूल को जाने वाला रास्ता बंद हो गया है।

दुपहिया वाहन चालकों और आमजन के लिए पानी से भरा रास्ता खतरे से खाली नहीं है। रोड के साथ- साथ काफी गहरा जोहड़ होने के कारण पता भी नहीं चल पाता कि जोहड़ कहां पर है और रोड कहां है। रानीला रोड से लेकर जलघर तक रोड टूटा होने के कारण हर रोज पहले भी दुर्घटना होती रहती थी। लेकिन जल भराव के कारण उनमें और इजाफा हो गया है। बस स्टैंड पर चारों तरफ कीचड़ ही कीचड़ होने के कारण न तो सवारी बस में बैठ पाती है और न ही बस स्टैंड पर उतर पाती है।

इसके साथ ही ग्रामीण बारिश के बाद दुकानों पर भी नहीं जा पाते है। रोड पर ज्यादा पानी होने के कारण लड़कियों के स्कूल में जाने का एक तरफ का रास्ता बिल्कुल बंद हो जाता है। ग्रामीणों ने सरकार से मांग कि है कि गांव के बस स्टैंड पर टाइल बिछा कर पक्का किया जाए। इसके साथ ही बरसाती पानी को जल्दी से जल्दी निकाला जाए।

पानी निकासी का हो रहा है स्थाई समाधान

भाजपा प्रदेश सचिव सतीश शर्मा ने कहा कि पानी निकासी के लिए सरकार ने जल भराव वाले गांव में पाइप लाइन दबा दी है और पानी निकासी के लिए मोटर का प्रबंध करा दिया है। अगर जरूरत पड़ी तो मोटर की संख्या भी बढ़ाने की मांग सरकार के पास भेजी जाएगी।

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